खबरें - मुख्य श्रेणियां

कैटेगरी लोड हो रही हैं...

नीचे स्क्रॉल करें ↑↓

🔔 अटल सत्य TV न्यूज 24 को फॉलो करें

लखनऊ: डीसीपी पश्चिम का सख्त निर्देश, लंबित मामलों का हो जल्द निस्तारण

ब्रेकिंग न्यूज़
लोड हो रहा है...
अटल सत्य टी वी न्यूज आनलाइन . kelvinjay के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.

महाकाल उत्सव मे इंदौर की अनाईशा शानदार प्रदर्शन कर जीत लिया सबका दिल

 महाकाल उत्सव में इंदौर की अनाईशा सिंह का शानदार प्रदर्शन, कथक में द्वितीय पुरस्कार इंदौर। उज्जैन स्थित कैलाश एकेडमी में भारतीय ...

लखनऊ अग्नि कांड में फंसे लोगों को निकालने के लिए तोड़ी जा रही दीवार

लखनऊ का अलीगंज कोचिंग अग्निकांड: 15 परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए कोचिंग अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में कई छात्र-छात्राओं की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कुछ अधिकारियों को निलंबित किया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या केवल कार्रवाई से उन परिवारों को न्याय मिल पाएगा, जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया?
मौत के बाद उठे सवाल: सुरक्षा मानकों की जांच जरूरी
अटल सत्य टीवी की इस विशेष रिपोर्ट में हम सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बनाए गए नियमों का पालन क्यों नहीं हो पाया।
जिस भवन में कोचिंग संचालित हो रही थी, उसकी अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन मानकों की जांच अब जांच एजेंसियों के सामने बड़ा विषय है।
सवाल यह है कि:
क्या भवन में फायर सेफ्टी के सभी इंतजाम मौजूद थे?
क्या समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट किया गया था?
क्या जिम्मेदार विभागों द्वारा निरीक्षण प्रक्रिया सही तरीके से हुई?
राजधानी में अवैध संचालन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
लखनऊ जैसे बड़े शहर में कई जगहों पर आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
ऐसे में यह जरूरी है कि:
कोचिंग संस्थानों,
अस्पतालों,
स्कूलों,
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों
में सुरक्षा मानकों की व्यापक जांच हो।
अटल सत्य टीवी के सवाल: जवाबदेही तय कब होगी?
लखनऊ की इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जवाबदेही किसकी?
क्या केवल निलंबन से समस्या का समाधान हो जाएगा या हादसे की पूरी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी?
सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं हुआ?
क्या राजधानी में चल रहे संस्थानों की नियमित जांच हो रही है?
नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई कब होगी?
अगर कहीं भी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
फायर ऑडिट केवल कागजों तक सीमित तो नहीं?
क्या सभी संवेदनशील भवनों में सुरक्षा व्यवस्था वास्तव में लागू है?
चेतावनी: एक हादसा पूरे सिस्टम को जगाने के लिए काफी है
आज अलीगंज की घटना ने पूरे शहर को चिंता में डाल दिया है। जरूरत है कि प्रशासन सभी कोचिंग संस्थानों और भीड़भाड़ वाले भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करे, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटना दोबारा न हो।
अटल सत्य टीवी मांग करता है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों की जिम्मेदारी तय हो और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि किसी भी परिवार को ऐसा दुख न झेलना पड़े।
अटल सत्य टीवी की विशेष रिपोर्ट — प्रशासन से जवाब मांगती है।
इस रूप में खबर की धार भी बनी रहेगी और चैनल के लिए कानूनी जोखिम भी काफी कम होगा।

कथित प्यार का एक और खौफनाक मामला पति को उत्तरी मौत के घाट पत्नी

सच्चाई आई सामने: पत्नी ने सरकारी टीचर पति को रास्ते से हटाकर प्रेमी के साथ रचाई थी साजिश, 3 साल बाद खुला खौफनाक राज
​अलीगढ़/बांदा: अतरौली तहसील के ग्राम चंडोला सुजानपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पत्नी ने अपने पति की हत्या की पटकथा लिखी और उसे 'सड़क दुर्घटना' का नाम देकर दबा दिया। 3 साल बाद जब पत्नी के अपने ही प्रेमी से संबंध बिगड़े, तो उसने खुद ही इस पूरे कांड का खुलासा कर दिया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
​क्या है पूरा मामला?
​मृतक रॉबिन भान सिंह, जो कि एक सरकारी शिक्षक थे, की मां नीरज देवी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे की खुशी के लिए उसकी मर्जी से अंजलि नाम की लड़की से शादी कराई थी। शादी के बाद बेटे ने अपनी पत्नी को न केवल पढ़ाया-लिखाया, बल्कि उसे भी सरकारी नौकरी दिलवाई। लेकिन, पत्नी अंजलि के संबंध अपने पुराने प्रेमी अभिषेक से लगातार जारी थे।
​पीड़ित मां के अनुसार, अंजलि उनके बेटे की सरकारी नौकरी और पैसे का इस्तेमाल अपने प्रेमी अभिषेक के लिए कर रही थी। जब उनका रिश्ता और गहरा हुआ, तो अंजलि ने अपने पति को ही रास्ते से हटाने का मन बना लिया।
​मौत की रात और रची गई साजिश
​4 मार्च 2023 की रात लगभग 2:00 बजे अंजलि ने रॉबिन को वीसलपुर (पीलीभीत) बुलाया। बहाना यह बनाया गया कि उसे छुट्टी नहीं मिल रही है और अधिकारी उस पर दबाव डाल रहे हैं। रॉबिन अपनी पत्नी की बात मानकर आधी रात को मोटरसाइकिल से वहां पहुंच गए। नीरज देवी ने बताया कि जब उन्होंने फोन किया, तो अंजलि के पिता ने फोन उठाकर उन्हें धमकाया और कहा कि "वे सो गए हैं, उन्हें डिस्टर्ब मत करो।"
​अगली सुबह सूचना मिली कि रॉबिन की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। परिवार जब बदायूं पहुंचा, तो पुलिस ने दबाव में इसे एक सामान्य हादसा बताकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की।
​3 साल बाद प्रेमी ने ही खोला राज
​घटना के बाद अंजलि अपनी बेटी को लेकर अपने प्रेमी अभिषेक के साथ आगरा में रहने लगी। लेकिन हाल ही में अंजलि का अभिषेक से भी झगड़ा हो गया और उसने किसी तीसरे युवक को अपना नया प्रेमी बना लिया। इस बात से नाराज अभिषेक ने बदला लेने के लिए 3 साल बाद रॉबिन की हत्या का पूरा सच उगल दिया। अभिषेक ने स्वीकार किया कि रॉबिन की मौत कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी।
​पुलिस जांच पर उठे सवाल
​बांदा के थाना बिसंडा क्षेत्र से जुड़े इस मामले में अब परिजनों ने फिर से आवाज उठाई है। मां नीरज देवी का आरोप है कि शव पर चोटों के निशान थे, जो दुर्घटना की कहानी को झुठला रहे थे। पुलिस ने शुरू में पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कई महत्वपूर्ण तथ्यों को अनदेखा किया।
​अब पीड़ित मां नीरज देवी ने उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है कि मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच हो और उनके बेटे के हत्यारे (पत्नी और उसके प्रेमी) को कठोर सजा मिले।
​पीड़ित का संपर्क: नीरज देवी (मां) - 9627214183
​अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24 इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से न्याय की मांग करता है। क्या वाकई एक पत्नी ने अपनी हवस और लालच के लिए पति की बलि दे दी? इस खुलासे के बाद अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
​रिपोर्ट: अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24 टीम दीपक भारतद्वाज

भरत तिवारी एनकाउंटर सच या साजिश

विशेष रिपोर्ट: क्या व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना ही अपराध है? भरत तिवारी प्रकरण पर उठते तीखे सवाल
​लखनऊ: अक्सर कहा जाता है कि कलम की ताकत तलवार से बड़ी होती है, लेकिन जब वही कलम या आवाज व्यवस्था की कमियों को उजागर करने लगती है, तो सिस्टम उसे 'अपराधी' का चोला पहनाने में देर नहीं करता। कुछ ऐसा ही मामला अब चर्चा का केंद्र बना है, जहाँ भरत तिवारी नामक व्यक्ति के निधन के बाद स्थानीय लोगों का उमड़ा जनसैलाब कई गंभीर प्रश्न खड़े कर रहा है।
​जन-भावनाओं का ज्वार: अपराधी या जननायक?
​अगर भरत तिवारी एक 'खूंखार अपराधी' थे, तो उनके जाने पर स्थानीय लोगों का हुजूम क्यों उमड़ पड़ा? लोगों को रोते हुए देखना और उन्हें 'देवता' या 'भगवान' का दर्जा देना किसी आम अपराधी के साथ नहीं होता। यह दृश्य यह सोचने पर मजबूर करता है कि जो व्यक्ति पुलिस की फाइलों में 'बदमाश' था, वह जनता की नजरों में मसीहा कैसे बन गया?
​क्या माफिया के पास बंगला और गाड़ियां नहीं होतीं?
​आरोप है कि भरत तिवारी माफिया थे। लेकिन क्या एक माफिया की परिभाषा केवल 'अपराध' तक सीमित है? अगर वे माफिया थे, तो करोड़ों की संपत्ति, लग्जरी कारें और आलीशान बंगले कहाँ हैं? साधारण जीवन-शैली और माफिया होने के दावों के बीच का यह विरोधाभास सीधे तौर पर सिस्टम की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।
​फाइलों में दर्ज 'इतिहास' पर संदेह
​कहा जाता है कि उन पर हिस्ट्रीशीटर होने और सैकड़ों मुकदमे होने का तमगा लगा था। लेकिन हकीकत के धरातल पर उन मुकदमों की वास्तविकता क्या है? यदि पुलिस पर गोलियां बरसाने जैसे संगीन आरोप थे, तो फिर कोई पुलिसकर्मी घायल क्यों नहीं हुआ? क्या ये मुकदमे केवल एक व्यक्ति की आवाज को दबाने का जरिया मात्र थे?
​अंतिम इच्छा: देश प्रेम या दिखावा?
​भरत तिवारी का वह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने शरीर को सेना के लिए दान करने की बात कह रहे हैं। एक कथित 'देशद्रोही' अपनी आखिरी सांसों में देश की सेवा के बारे में क्यों सोचेगा? यह सवाल सिस्टम के उन दावों की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है, जो उन्हें किसी बड़े खतरे के रूप में पेश करते रहे।
​निष्कर्ष: भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की कीमत
​अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 यह सवाल पूछता है कि क्या आज के दौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना इतना महंगा पड़ गया है कि उसकी कीमत व्यक्ति को अपनी छवि और अंततः अपने जीवन से चुकानी पड़ती है? भरत तिवारी का मामला केवल एक व्यक्ति का अंत नहीं, बल्कि उस कड़वी सच्चाई का आईना है जहाँ 'सिस्टम' अपनी नाकामी छुपाने के लिए किसी को भी अपराधी घोषित कर सकता है।
​क्या यह समाज की विडंबना नहीं कि जिसे लोग 'देवता' मान रहे हैं, उसे कानून 'अपराधी' मानता रहा? इस अंतर के पीछे छिपी सच्चाई की जांच कौन करेगा?
​अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के लिए विशेष टीम की रिपोर्ट।
​नोट: यह खबर आपके द्वारा दिए गए बिंदुओं के आधार पर तैयार की गई है। पत्रकारिता के मापदंडों के अनुसार, किसी भी मामले में सत्यता की पुष्टि के लिए संबंधित साक्ष्यों और निष्पक्ष जांच का होना अत्यंत आवश्यक है।
​क्या आपको लगता है कि इस मामले में किसी स्वतंत्र न्यायिक आयोग से जांच की जानी चाहिए ताकि जनता के सामने पूरी सच्चाई आ सके?

नकली नोटों के बदले लेते थे असली नोट लखनऊ पुलिस ने किया पर्दाफाश

लखनऊ में नकली नोटों का बड़ा भंडाफोड़: 14 लाख की जाली करेंसी के साथ 3 गिरफ्तार, अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश 
​लखनऊ: राजधानी में नकली नोटों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मड़ियांव थाना पुलिस ने एक अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से लगभग 14 लाख रुपये की नकली भारतीय मुद्रा बरामद की है।
​घैला पुल के पास हुई गिरफ्तारी
​पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के उत्तरी जोन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मड़ियांव पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घैला पुल के निकट एक टीन शेड के पास दबिश दी और तीन संदिग्धों को धर दबोचा।
​पकड़े गए आरोपियों की पहचान आलोक सिंह, सोनू गौंड उर्फ गोलू और बृजेश विश्वकर्मा के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी मूल रूप से आजमगढ़ जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।
​बरामदगी और कार्यप्रणाली
​तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नकली नोट बरामद हुए:
​500 रुपये के नकली नोट: 1402 (कीमत 7,01,000 रुपये)
​100 रुपये के नकली नोट: 6946 (कीमत 6,94,600 रुपये)
​कुल बरामदगी: 13 लाख 95 हजार 600 रुपये।
​पूछताछ में पता चला है कि आरोपी नकली नोटों को असली नोटों के बदले बाजार में खपाने का काम करते थे। इसके बदले वे मोटा कमीशन वसूलते थे और अवैध कमाई से अपने शौक पूरे करते थे। पुलिस ने इनके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
​मामला दर्ज और जांच जारी
​मड़ियांव पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा संख्या 273/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 179 और 180 में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि नकली नोटों की सप्लाई कहाँ से हो रही थी और इस गिरोह के तार कहाँ-कहाँ जुड़े हैं। साथ ही, तीनों आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास का भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
​पुलिस टीम को मिला इनाम
​इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) ने गिरफ्तारी करने वाली मड़ियांव पुलिस टीम की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें 10 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।
​पुलिस की इस कार्रवाई को नकली नोटों के नेटवर्क पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस गिरोह के मुख्य सरगना तक पुलिस कब तक पहुँचती है।
​रिपोर्ट: तौफीक, ब्यूरो चीफ, लखनऊ
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

लखनऊ में ऑटो चालक का दरिंदगी खेल खत्म पुलिस एनकाउंटर में पैर में लगी गोली बाबा का लंगड़ा ऑपरेशन सक्सेसफुल

लखनऊ दहला: ऑटो चालक की दरिंदगी, पुलिस मुठभेड़ में अपराधी ढेर!
​अटल सत्य टी वी न्यूज 24 | लखनऊ
​लखनऊ: राजधानी लखनऊ में ऑटो चालकों द्वारा लगातार दी जा रही आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के सिलसिले के बीच, पारा पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। परीक्षा देने जा रही युवतियों को अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश करने वाले एक शातिर ऑटो चालक को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान धर दबोचा। जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी है।
​क्या है पूरा मामला?
​मिली जानकारी के अनुसार, आज दिनांक 08 जून 2026 की सुबह, दो छात्राएं परीक्षा देने के लिए चारबाग बस अड्डे से आलमबाग जाने के लिए एक ऑटो में सवार हुई थीं। ऑटो चालक, जिसकी पहचान हसीब (पुत्र स्व. सत्तार, निवासी: ग्राम मिर्जानपुर, थाना कछौना, हरदोई) के रूप में हुई है, युवतियों को सही गंतव्य पर ले जाने के बजाय पारा थाना क्षेत्र के रामलीला ग्राउंड के पास सुनसान इलाके में ले गया।
​वहाँ उसने छात्राओं के साथ जबरदस्ती करने का कुत्सित प्रयास किया। जब छात्राओं ने विरोध किया, तो दरिंदे ने उनके साथ मारपीट की, अभद्रता की और उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया।
​पुलिस की त्वरित कार्रवाई
​मामले की गंभीरता को देखते हुए पारा पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं (मु0अ0सं0-403/2026, धारा- 75/76/352/115(2)/118(1) बी0एन0एस0) में अभियोग पंजीकृत किया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की, तो आरोपी हसीब ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस की आत्मरक्षात्मक जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उपचार हेतु रानी लक्ष्मीबाई चिकित्सालय भेज दिया है।
​पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ऑटो (UP32 PN 8865), एक तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं।
​आदतन अपराधी है हसीब
​जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी हसीब एक शातिर और आदतन अपराधी है। इससे पहले वर्ष 2024 में भी वह जनपद हरदोई के थाना सण्डीला क्षेत्र में इसी प्रकार की जघन्य वारदात को अंजाम दे चुका है। उस मामले में भी वह महिला के साथ दुष्कर्म का आरोपी रहा है और जेल की हवा खा चुका है।
​पुलिस की चेतावनी: राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। ऑटो चालकों की आड़ में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
​अटल सत्य टी वी न्यूज 24 के लिए विशेष रिपोर्ट।

लखनऊ: भू-माफिया और पुलिस की मिलीभगत से आहत 75 वर्षीय बुजुर्ग ने दी आत्मदाह की चेतावनी​न्याय न मिलने से हताश वरिष्ठ नागरिक का बड़ा कदम: 5 अगस्त को करेंगे आत्मदाह

लखनऊ: भू-माफियाओं के आतंक और पुलिस की कथित मिलीभगत से परेशान वरिष्ठ नागरिक ने दी आत्मदाह की चेतावनी

​लखनऊ। राजधानी लखनऊ में भू-माफियाओं का दुस्साहस किस कदर बढ़ गया है, इसका एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 'ई 1/8 मोतीझील कॉलोनी' के निवासी 75 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक सरदार सतनाम सिंह ने लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित एक ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाते हुए 05 अगस्त 2026 को आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
​क्या है पूरा मामला?
सरदार सतनाम सिंह का आरोप है कि 'खसरा संख्या-149' (जमुना झील) पर भू-माफियाओं का अवैध कब्जा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि थाना बाजार खाला के प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह की कथित मिलीभगत से भू-माफियाओं ने बिना किसी विभागीय अनुमति के झील वाली भूमि पर हजारों ट्रक मिट्टी, बालू और गिट्टी डलवा दी है और अवैध निर्माण किया है।
​पुलिस पर गंभीर आरोप
पीड़ित वरिष्ठ नागरिक का आरोप है कि थाना बाजार खाला पुलिस भू-माफियाओं (मुबारक, सौरभ पाण्डेय, अभिमन्यु सिंह व अन्य) को संरक्षण दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की साठ-गांठ के चलते ही भू-माफियाओं द्वारा उन्हें जान से मारने और जहर देने की कोशिश की गई है। शिकायत में कहा गया है कि मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश शासन, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग और नगर निगम से करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे वे बेहद अपमानित और हताश महसूस कर रहे हैं।
​प्रशासनिक स्तर पर भी शिकायत
सरदार सतनाम सिंह ने 'जनसुनवाई पोर्टल' (संदर्भ संख्या: 40015726069262) पर भी अपनी व्यथा दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी इस मामले में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग (LDA) द्वारा नोटिस जारी किए गए और वाद भी दायर किया गया, लेकिन माफियाओं का अवैध अतिक्रमण जारी है।
​आत्मदाह की चेतावनी से मचा हड़कंप
पीड़ित ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से लिखा है कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है या कोई फर्जी मुकदमा दर्ज किया जाता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित पुलिस अधिकारी और भू-माफिया जिम्मेदार होंगे। उन्होंने मांग की है कि उत्तर प्रदेश सरकार अविलंब भ्रष्ट अधिकारियों और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और लखनऊ जिले के संबंधित पुलिसकर्मियों की आय-व्यय और संपत्ति की जांच कराए।
​वरिष्ठ नागरिक द्वारा आत्मदाह की इस चेतावनी ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
​अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24

लखनऊ क्राइम डायरी मे इस सप्ताह क्या

लखनऊ क्राइम डायरी (साप्ताहिक)
अपराध पर कार्रवाई जारी, कई थानों के मामले चर्चा में
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 | विशेष रिपोर्ट
राजधानी लखनऊ में बीते सप्ताह अपराध और पुलिस कार्रवाई दोनों चर्चा के केंद्र में रहे। विभिन्न थाना क्षेत्रों में हत्या, मानव तस्करी, साइबर धोखाधड़ी, दहेज उत्पीड़न तथा अन्य संगीन मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की है। हालांकि कई घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं।
सआदतगंज थाना क्षेत्र में संदिग्ध मौत
सआदतगंज थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया। मृतका के परिजनों ने दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने पति एवं ससुराल पक्ष के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। 

मानव तस्करी गिरोह का खुलासा
लखनऊ पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार नाबालिग लड़कियों को शादी का झांसा देकर दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा था। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। 

साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर एसटीएफ की कार्रवाई
राजधानी में सक्रिय कथित आयुष्मान कार्ड फर्जीवाड़ा नेटवर्क के खिलाफ एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी फर्जी लाभार्थी कार्ड तैयार करने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाल रही है। �

महिला सुरक्षा से जुड़ी घटना ने बढ़ाई चिंता
लखनऊ के एक थाना क्षेत्र में युवती से अभद्रता और हमले के आरोप में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है और पीड़िता को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। 
प्रेम संबंध से जुड़े हत्या के मामले की जांच
लखनऊ के बाहरी क्षेत्र में एक युवती की हत्या का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में प्रेम संबंध और गर्भावस्था को लेकर विवाद की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष विवेचना के बाद ही निकाला जाएगा
ऑपरेशन कन्विक्शन में बड़ी सफलता
लखनऊ पुलिस जोन ने "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत विभिन्न मामलों में 328 आरोपियों को सजा दिलाने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इससे अपराधियों में कानून का भय बढ़ेगा और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिले
निष्कर्ष
लखनऊ में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है, लेकिन चोरी, साइबर अपराध, महिलाओं के विरुद्ध अपराध और संगठित अपराध जैसी चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं। यह रिपोर्ट उपलब्ध पुलिस कार्रवाई, दर्ज मुकदमों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। किसी भी आरोपी को न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध किए जाने तक कानून की नजर में निर्दोष माना जाता है।

ब्रेकिंग लखनऊ नाबालिग 14 वर्ष बच्ची के साथ दरिंदगी हाथ पैर बांधकर बंधक बनाकर दिया गया घटना का अंजाम!

​लखनऊ: रूह कंपा देने वाली वारदात, मानसिक रूप से कमजोर किशोरी से गैंगरेप; एक आरोपी गिरफ्तार
​लखनऊ | उत्तर प्रदेश की राजधानी के जानकीपुरम थाना क्षेत्र से एक मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के मिर्जापुर गाँव में एक मानसिक रूप से कमजोर 15 वर्षीय किशोरी के साथ दो दरिंदों ने रातभर सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फिलहाल फरार है।
​बंधक बनाकर रातभर ढाया सितम
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मिर्जापुर गाँव के रहने वाले दिनेश और उसके एक साथी ने मासूम किशोरी को बहला-फुलाकर एक खाली मकान में बंधक बना लिया। आरोपियों ने रातभर पीड़िता को अपनी हवस का शिकार बनाया। सुबह जब बच्ची बदहवास हालत में मिली, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
​पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और पीड़िता को उपचार व मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी दिनेश को गिरफ्तार कर लिया है।
​"मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एक आरोपी गिरफ्त में है, दूसरे की तलाश के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।" — पुलिस प्रशासन
​इलाके में भारी आक्रोश
​इस जघन्य अपराध के बाद से इलाके के ग्रामीणों में भारी रोष है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी जल्द से जल्द की जाए और मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।
​ब्यूरो रिपोर्ट: अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

इस सप्ताह लखनऊ क्राइम डायरी में क्या रहा खास पढ़िए पूरी रिपोर्ट अटल सत्य टी वी न्यूज 24 पर

 अटल सत्य टी वी न्यूज 24
लखनऊ क्राइम डायरी | साप्ताहिक अपराध रिपोर्ट
(25 मई 2026 से 31 मई 2026)
लखनऊ कमिश्नरेट क्षेत्र सहित राजधानी और आसपास के जिलों में अपराध, हत्या, दुष्कर्म, सड़क हादसों और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी घटनाएं पूरे सप्ताह चर्चा में रहीं। कहीं हत्या से सनसनी फैली तो कहीं महिला अपराध और संगठित अपराध के मामलों ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। प्रस्तुत है सप्ताह भर की प्रमुख क्राइम डायरी।
 ठाकुरगंज : नवविवाहिता की संदिग्ध मौत
ठाकुरगंज क्षेत्र में विवाह के कुछ माह बाद ही एक नवविवाहिता का शव फंदे से लटका मिला। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ना और कार मांगने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 
The Times of India
 लखनऊ : दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा से गैंगरेप का मामला
राजधानी में एक दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा के साथ कथित तौर पर कई दिनों तक दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया। आरोप है कि युवती को नशीला पदार्थ देकर वारदात को अंजाम दिया गया। मामले में आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया, जबकि दो आरोपियों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। �
The Economic Times +2
 कृष्णानगर – भाजपा युवा नेता शिवम सिंह हत्याकांड
भाजपा युवा नेता शिवम सिंह की हत्या ने राजधानी की राजनीति में हलचल मचा दी। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि पत्थरों से हमला कर हत्या की गई थी। 
Navbharat Times
 दुबग्गा : सड़क हादसे में युवक की मौत
दुबग्गा क्षेत्र में तेज रफ्तार कार की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में लोगों में नाराजगी देखी गई। 
The Times of India
 राजधानी में महिला अपराध चिंता का विषय
सप्ताह के दौरान महिला सुरक्षा से जुड़े कई मामले सामने आए। दुष्कर्म, उत्पीड़न और संदिग्ध परिस्थितियों में महिलाओं की मौत के मामलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। 
The Times of India +1
 स्कूल परिसर में दर्दनाक हादसा
राजधानी के एक विद्यालय परिसर में लोहे का गेट गिरने से आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। 
The Times of India
 संगठित अपराध और गिरोह सक्रिय
पुलिस और एसटीएफ ने विभिन्न मामलों में कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय अपराधियों पर शिकंजा कसा। चोरी, लूट और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में गिरफ्तारियां हुईं। 
The Times of India +1
 पुलिस कार्रवाई और अपराधियों पर शिकंजा
प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहा। विभिन्न जिलों में पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी और अपराध नियंत्रण को लेकर अभियान चलाए गए। 
Hindustan Times
 सप्ताह का अपराध विश्लेषण
हत्या और गंभीर हमलों की घटनाएं चर्चा में रहीं।
महिला अपराध के मामलों ने पुलिस की चुनौती बढ़ाई।
सड़क हादसों में लगातार मौतें चिंता का विषय बनीं।
संगठित अपराध और अंतरराज्यीय गिरोहों पर पुलिस का फोकस रहा।
राजधानी में कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही। 
Navbharat Times +2
 अटल सत्य टी वी न्यूज 24 निष्कर्ष
**राजधानी लखनऊ में बीते सप्ताह हत्या, दुष्कर्म, संदिग्ध मौत, सड़क हादसे और संगठित अपराध के मामलों ने कानून व्यवस्था को चुनौती दी। पुलिस ने कई मामलों में त्वरित कार्रवाई कर गिरफ्तारी की, लेकिन महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और अपराध नियंत्रण अब भी बड़े सवाल बने हुए हैं। आने वाले सप्ताह में इन मामलों की जांच और पुलिस कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

लॉकडाउन से पहले एक ही थाने में अंगद की तरह पैर जमाये सिपाहियों पर मेहरबान कौन।

विशेष रिपोर्ट: लखनऊ कमिश्नरेट में 'सिस्टम' पर भारी 'सिपाही'? 

लखनऊ | अटल सत्य टीवी न्यूज 24

​उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार और ढीली कार्यप्रणाली पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है, लेकिन राजधानी लखनऊ के कुछ थानों में व्यवस्था को ठेंगा दिखाया जा रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि लखनऊ में पुलिस महानिदेशक (DGP) से लेकर पुलिस आयुक्त (CP) तक बदल गए। DCP, ADCP, ACP और थाना प्रभारियों की कुर्सियां भी बदल गईं, लेकिन कुछ 'खास' सिपाही ऐसे हैं जो लॉकडाउन के पहले से एक ही थाने में अंगद के पैर की तरह जमे हुए हैं।

स्थानांतरण की 'फाइल' और 'रवानगी' का खेल:

हमारी पड़ताल में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। सूत्रों के अनुसार, कागजों पर कुछ सिपाहियों का स्थानांतरण किया भी गया, लेकिन हकीकत में उनकी 'रवानगी' आज तक नहीं हुई। आखिर वह कौन सी अदृश्य शक्ति है जो इन सिपाहियों को पुराने थाने से मुक्त नहीं होने दे रही?

​एक ही थाने में 5-6 साल से लगातार जमे रहने के कारण इन सिपाहियों का स्थानीय स्तर पर एक मजबूत नेटवर्क बन जाता है, जिससे पुलिस की निष्पक्ष छवि धूमिल होती है। जब जिले के कप्तान से लेकर थानेदार तक बदले जा सकते हैं, तो इन सिपाहियों पर मेहरबानी का राज क्या है?

प्रशासन से 'अटल सत्य' के तीखे सवाल:

  1. ​क्या इन सिपाहियों का रसूख आला अधिकारियों के आदेशों से भी बड़ा है?
  2. ​स्थानांतरण आदेश के बावजूद इनकी रवानगी क्यों नहीं की गई?
  3. ​क्या प्रशासन को इन सिपाहियों के कारण क्षेत्र में पनप रहे गठजोड़ की खबर नहीं है?

सकारात्मक बदलाव के लिए सुझाव:

अटल सत्य टीवी न्यूज 24 उत्तर प्रदेश सरकार और गृह विभाग से यह मांग करता है कि लखनऊ के सभी थानों में तैनात सिपाहियों के कार्यकाल की गहन जांच कराई जाए। जो सिपाही वर्षों से एक ही जगह जमे हैं, उन्हें तत्काल हटाकर नए कार्यस्थलों पर भेजा जाए ताकि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव और पारदर्शिता देखने को मिले।

​अब देखना यह है कि इस खबर के बाद शासन प्रशासन इन 'जमे' हुए सिपाहियों पर क्या कार्रवाई करता है या फिर मेहरबानी का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।

ब्यूरो रिपोर्ट: अटल सत्य टीवी न्यूज 24, लखनऊ।

निर्भीक पत्रकारिता, अडिग विश्वास।

लखनऊ पुलिस का एक्शन: मोहनलालगंज में 4200 लीटर अवैध शराब पर चला बुलडोजर, 89 मुकदमों का हुआ निस्तारण।

लखनऊ: मोहनलालगंज पुलिस ने 89 मुकदमों से जुड़ी 4200 लीटर अवैध शराब पर चलवाया बुलडोजर
लखनऊ। राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट द्वारा अपराधियों और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को थाना मोहनलालगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मालखाने में वर्षों से लंबित 89 अभियोगों से संबंधित लगभग 4200 लीटर अवैध कच्ची व देशी शराब को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई माननीय न्यायालय के आदेशानुसार और पुलिस के विशेष अभियान के तहत संपन्न की गई।
कमिश्नरेट के निर्देशों पर चला अभियान
पुलिस आयुक्त लखनऊ अमरेन्द्र सिंह सेंगर के निर्देशानुसार जनपद में लंबित मालों के निस्तारण हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में डीसीपी दक्षिणी अमित कुमार आनन्द, एडीसीपी दक्षिणी  रल्लापल्ली बसंथ कुमार और एसीपी मोहनलालगंज श्री ज्ञानेन्द्र सिंह के कुशल मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक बृजपाल कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में यह विधिक निस्तारण सुनिश्चित किया गया।
जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर नष्ट की गई शराब
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, वर्ष 2017 से वर्ष 2025 के बीच पंजीकृत कुल 89 मुकदमों में बरामद की गई अवैध शराब को नष्ट करने के लिए थाना परिसर में जेसीबी मशीन की मदद ली गई।
प्रक्रिया: परिसर में गहरा गड्ढा खुदवाकर भारी मात्रा में बरामद शराब को उसमें डालकर नष्ट किया गया।
पारदर्शिता: कार्रवाई के दौरान पारदर्शिता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया।
गवाह: समस्त विधिक औपचारिकताओं के साथ-साथ ग्राम चौकीदारों की उपस्थिति में शराब को नष्ट कराया गया।
"अवैध शराब के विरुद्ध यह कार्यवाही समाज में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। भविष्य में भी शराब तस्करी और अवैध निर्माण में संलिप्त लोगों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।" - पुलिस प्रशासन, लखनऊ
मौके पर मौजूद रहे आलाधिकारी
इस महत्वपूर्ण कार्यवाही के दौरान एसीपी मोहनलालगंज श्री ज्ञानेन्द्र सिंह, प्रभारी निरीक्षक श्री ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक श्री यशवन्त सिंह एवं मालखाना मोहर्रिर हेड कांस्टेबल संजीव कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: तौफीक, ब्यूरो चीफ (लखनऊ)
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

खाकी लाचार अपराधी बेख़ौफ़ बाजार खाला कोतवाली क्षेत्र में एक और हत्या से फैली सनसनी।

बाजार खाला: खाकी का इकबाल खत्म, अपराधियों का खुला 'बाजार'!
लखनऊ। राजधानी लखनऊ का बाजार खाला थाना क्षेत्र इन दिनों अपराध की नई 'प्रयोगशाला' बन गया है। जहाँ एक ओर शासन प्रशासन चाक-चौबंद सुरक्षा के दावे करता है, वहीं दूसरी ओर इस इलाके में अपराधी कानून की धज्जियां उड़ाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। ताजा मामला ऐशबाग ईदगाह के पास स्थित पीली कॉलोनी का है, जहाँ दिनदहाड़े एक पति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी।
खून से सनी दीवारें, खाकी पर सवाल
जानकारी के मुताबिक, आरोपी शाहिद ने अपनी पत्नी चांदनी पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर सरेआम उसका गला रेत दिया। मौके पर दीवारों पर बिखरे खून के धब्बे चीख-चीख कर गवाही दे रहे हैं कि अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ कौड़ियों के भाव भी नहीं रह गया है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया है।
वारदातों की हैट्रिक से सहमा इलाका
बाजार खाला क्षेत्र में यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ समय से यह इलाका हत्या, गोलीबारी और बमबाजी जैसी घटनाओं का केंद्र बना हुआ है।
दहशत का राज: आपसी रंजिश में सरेआम गोलियां चलना और बमबाजी होना यहाँ 'आम' बात हो चली है।
जनता में डर: हालात यह हैं कि लोग अब दिन के उजाले में भी घर से बाहर निकलने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
अपराधियों के हौसले: पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली का ही नतीजा है कि अपराधी बेखौफ होकर एक के बाद एक बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस का वही पुराना 'घिसा-पिटा' राग
हमेशा की तरह, जब वारदात हो गई और मासूम की जान चली गई, तब पुलिस महकमे की नींद टूटी। भारी-भरकम पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाने की 'कागजी खानापूर्ति' शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक पुलिस केवल 'घटना के बाद' ही हरकत में आएगी?
क्षेत्र की जनता का सवाल:
"अगला नंबर किसका?" बाजार खाला की गलियों में गूँजता यह सवाल लखनऊ पुलिस की कार्यशैली पर एक गहरा दाग है।
ब्यूरो रिपोर्ट अटल सत्य टी वी न्यूज 24 निष्पक्ष खबरों का संग्रह।

लखनऊ में बदमाशों के हौसले बुलंद पीजीआई इलाके में प्रोपर्टी डीलर को मारी गई गोली

लखनऊ: बदमाशों के हौसले बुलंद, पीजीआई इलाके में प्रॉपर्टी डीलर को दिनदहाड़े मारी गोली
लखनऊ। राजधानी में बेखौफ बदमाशों ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को चुनौती दी है। थाना पीजीआई क्षेत्र के कल्ली पश्चिम इलाके में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो पहिया वाहन पर सवार अज्ञात बदमाशों ने एक प्रॉपर्टी डीलर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस जानलेवा हमले में प्रॉपर्टी डीलर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
ऑफिस के बाहर घात लगाकर बैठे थे हमलावर
मिली जानकारी के अनुसार, घटना PSS प्रॉपर्टीज के ऑफिस के पास की है। प्रॉपर्टी डीलर अपने ऑफिस से कुछ ही दूरी पर थे, तभी बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने तीन राउंड फायर किए। एक गोली प्रॉपर्टी डीलर के सिर के पास लगी है, जिससे उनकी हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
इलाके में दहशत का माहौल
दिनदहाड़े हुई इस गोलीबारी से कल्ली पश्चिम इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों की मदद से आनन-फानन में घायल को पीजीआई ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनके उपचार में जुटी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद बड़े आराम से मौके से फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही पीजीआई थाने की पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए निम्नलिखित कदम उठा रही है:
CCTV फुटेज: ऑफिस और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
घेराबंदी: शहर के निकास द्वारों पर चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है।
फॉरेंसिक जांच: मौके से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है।
ब्यूरो रिपोर्ट:
तौफीक अहमद, ब्यूरो चीफ (लखनऊ)
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

लखनऊ मड़ियाहूं कोतवाली पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी बाइक चोर गिरफ्तार

अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24
लखनऊ: मड़ियांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 11 चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ शातिर वाहन चोर गिरफ्तार
लखनऊ (ब्यूरो चीफ - तौफीक): राजधानी लखनऊ में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान में मड़ियांव पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर एक ऐसे शातिर वाहन चोर को दबोचा है, जिसके कब्जे से चोरी की एक-दो नहीं, बल्कि 11 मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं।
चेकिंग के दौरान सुलभ शौचालय के पास से हुई गिरफ्तारी
थाना मड़ियांव पुलिस टीम जब क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश और अपराध नियंत्रण के लिए गश्त पर थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि सीतापुर रोड स्थित मड़ियांव पुल के नीचे सुलभ शौचालय के पास एक व्यक्ति चोरी के वाहनों के साथ खड़ा है। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुँचकर घेराबंदी की और अभियुक्त को हिरासत में ले लिया।
शौक पूरा करने के लिए बनता था चोर
पकड़े गए अभियुक्त की पहचान सुमित जायसवाल (40 वर्ष) निवासी डालीगंज क्रॉसिंग, हसनगंज के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह मड़ियांव, अलीगंज और विकासनगर जैसे इलाकों से मोटरसाइकिलें चोरी करता था और उन्हें सस्ते दामों पर बेचकर अपने शौक पूरे करता था।
अभियुक्त का प्रोफाइल और बरामदगी:
बरामद वाहन: कुल 11 मोटरसाइकिलें (अपाचे, ग्लैमर, पैशन प्रो, होण्डा शाइन, स्प्लेंडर आदि)।
आपराधिक इतिहास: सुमित कोई नया अपराधी नहीं है; उस पर पहले से ही धोखाधड़ी, चोरी और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।
अनावरित अभियोग: पुलिस ने बताया कि इस गिरफ्तारी से थाना मड़ियांव, अलीगंज और विकासनगर में दर्ज कुल 5 मुकदमों का खुलासा हुआ है।
पुलिस टीम की सफलता
इस शानदार कामयाबी के पीछे प्रभारी निरीक्षक शिवानन्द मिश्र के नेतृत्व में उप-निरीक्षक अखिलेश कुमार, अमित कुमार साहू, कप्तान सिंह, पुष्पेन्द्र चौधरी और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा संख्या 252/2026 धारा 317(2)/317(4) BNS के तहत कार्यवाही करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है।
ब्यूरो रिपोर्ट: तौफीक

अलीगढ़ एनकाउंटर: 50-50 हजार के दो इनामी बदमाश ढेर, 18 महिलाओं से लूट कर फैलाई थी दहशत

अलीगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एनकाउंटर में 50-50 हजार के दो इनामी बदमाश ढेर, 18 महिलाओं से लूट कर फैलाई थी दहशत 
अलीगढ़ | उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना अतरौली, थाना हरदुआगंज, स्वॉट और सर्विलांस की संयुक्त टीमों के साथ हुई मुठभेड़ में 50-50 हजार रुपये के दो इनामी बदमाशों को पुलिस ने मार गिराया है। इन बदमाशों ने पिछले एक हफ्ते के भीतर इलाके की करीब 18 महिलाओं से कुंडल और जेवरात की लूट कर क्षेत्र में भारी खौफ पैदा कर रखा था।
खेतों में काम करने वाली महिलाओं को बनाते थे निशाना
मारे गए बदमाशों का आतंक इतना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं खेतों में जाने से कतराने लगी थीं। बदमाशों ने:
17 मई: मड़राक क्षेत्र के भकरौला में चारा काट रही 9 महिलाओं से लूट की।
21 मई: अतरौली के कल्याण नगर, छर्रा के बाईकला और गोधा के मैमड़ी गांव में घास काट रही महिलाओं को तमंचे के बल पर अपना शिकार बनाया।
इन घटनाओं के संबंध में विभिन्न थानों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज थे। लगातार हो रही वारदातों को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे।
ऐसे हुई पुलिस मुठभेड़
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मनीष कुमार मिश्र और क्षेत्राधिकारी अतरौली राजीव द्विवेदी के नेतृत्व में टीमें गठित की गई थीं। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से बदमाशों की पहचान सुनिश्चित की गई।
आज दिनांक 24 मई 2026 को प्रातः खैर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी में टक्कर मारकर भागने की कोशिश की और फायरिंग की। इसके बाद शाम करीब 3:00 बजे अतरौली क्षेत्र में बदमाशों ने फिर से एक महिला से कुंडल लूटने की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस टीमों ने त्वरित घेराबंदी की, जिस पर खुद को घिरा देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई (आत्मरक्षार्थ फायरिंग) में दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार अस्पताल में चल रहा है।
अपराधियों का काला चिट्ठा
मारे गए बदमाशों की पहचान रजा मोहम्मद उर्फ रजुआ (निवासी हापुड़/मेरठ) और मोमीन (निवासी बुलन्दशहर) के रूप में हुई है।
रजा मोहम्मद: इसके विरुद्ध गाजियाबाद, मेरठ, गौतमबुद्धनगर, बागपत और अलीगढ़ के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट सहित 40 मुकदमे दर्ज थे।
मोमीन: इसके खिलाफ अलीगढ़, बुलन्दशहर और हापुड़ में लूट और चोरी के 27 मामले दर्ज थे।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
लूटा गया एक कुंडल।
एक अवैध पिस्टल (.32 बोर), 6 खोखा कारतूस और जिंदा कारतूस।
एक अवैध तमंचा (.315 बोर) और कारतूस।
वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली एक काले रंग की अपाचे मोटरसाइकिल।
पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है और आगे की विधिक कार्यवाही जारी है। इस सफलता से क्षेत्र की महिलाओं और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
रिपोर्ट: दीपक भारद्वाज, अलीगढ़

लखनऊ क्राइम डायरी इस सप्ताह के बड़े अपराध और खुलासे।

लखनऊ क्राइम डायरी : इस सप्ताह राजधानी के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अपराध और पुलिस कार्रवाई तेज
लखनऊ | अटल सत्य टी वी न्यूज 24
राजधानी लखनऊ में इस सप्ताह अपराध, गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई का दौर लगातार जारी रहा। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चोरी, लूट, साइबर फ्रॉड, अवैध गतिविधियों और गैंगवार से जुड़े मामलों में पुलिस ने कई खुलासे किए। शहर में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट मोड में दिखाई दी।
सैरपुर थाना क्षेत्र
सैरपुर इलाके में थार गाड़ी से लिफ्ट देकर लूटपाट करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया। पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल वाहन भी बरामद किया। बताया गया कि गिरोह सुनसान रास्तों पर लोगों को निशाना बनाता था। �
YouTube +1
बीकेटी थाना क्षेत्र
बख्शी का तालाब इलाके में फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी किसान पथ के आसपास सक्रिय था और क्लीनिक चलाने की जानकारी भी सामने आई। मामले की जांच एजेंसियां कर रही हैं। �
Navbharat Times
मलिहाबाद थाना क्षेत्र
मलिहाबाद क्षेत्र में लूट और हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश तेज की। पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ की खबर ने इलाके में सनसनी फैला दी। �
YouTube
कृष्णानगर और दक्षिणी ज़ोन
दक्षिणी ज़ोन में टप्पेबाज गिरोह, चोरी और राहजनी की घटनाओं को लेकर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले गिरोहों पर भी पुलिस की निगरानी बढ़ी है।
चारबाग – रेलवे और यात्री सुरक्षा
रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में यात्रियों से मोबाइल और बैग चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। संदिग्धों की धरपकड़ और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई गई।
साइबर अपराध में बढ़ोतरी
लखनऊ के विभिन्न थाना क्षेत्रों में ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल और बैंक खातों से रकम उड़ाने के मामलों में तेजी देखने को मिली। साइबर सेल ने लोगों से ओटीपी और बैंक डिटेल साझा न करने की अपील की है।
प्रशासन भी अलर्ट
शहर में आगामी धार्मिक कार्यक्रमों और भीड़भाड़ को देखते हुए प्रशासन ने 60 दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी है। बिना अनुमति धरना, जुलूस और बड़े आयोजन पर रोक लगाई गई है। �
Navbharat Times
अपराध पर पुलिस की नजर
लखनऊ पुलिस लगातार अभियान चलाकर हिस्ट्रीशीटरों, वाहन चोरों और सक्रिय गिरोहों की निगरानी कर रही है। कई थाना क्षेत्रों में देर रात चेकिंग अभियान भी चलाए गए। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। �
अटल सत्य टी वी न्यूज 24 निष्पक्ष खबरों का संग्रह एडिटर इन चीफ अटल बिहारी शर्मा लखनऊ।


लखनऊ GRP का बड़ा धमाका: गोमतीनगर एक्सप्रेस मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश, महिला के 3 हत्यारे कुशीनगर से गिरफ्तार।

लखनऊ जी आर पी की बड़ी कामयाबी: गोमतीनगर एक्सप्रेस में हुए मर्डर मिस्ट्री का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ (अटल सत्य टी वी न्यूज 24): राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर राजकीय रेलवे पुलिस (जी आर पी) ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश किया है। ट्रेन संख्या 15114 गोमतीनगर एक्सप्रेस के कोच संख्या S-1 में मिले एक अज्ञात महिला के शव के मामले में GRP चारबाग पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल (बांस का बीड़ा/मोहर) भी बरामद कर लिया है।
सी सी टी वी फुटेज और सर्विलांस से खुला हत्या का राज
प्रेस नोट के अनुसार, बीते 17 मई 2026 को चारबाग जी आर पी थाने में मुकदमा संख्या 197/2026 धारा 103(1), 238 बीएनएस (BNS) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रेलवे लखनऊ के निर्देशन में कई टीमों का गठन किया गया।
पुलिस टीमों ने स्टेशन परिसर और ट्रेन के रूट पर लगे C
सी सी टी वी कैमरों की गहनता से जांच की और सर्विलांस का सहारा लिया। फुटेज में तीन संदिग्ध व्यक्ति ट्रेन से उतरते हुए दिखाई दिए। हुलिए के आधार पर जब पुलिस ने कुशीनगर जिले के स्थानीय थानों और मुखबिरों से संपर्क किया, तो आरोपियों की पहचान सुनिश्चित हो सकी।
कुशीनगर से दबोचे गए तीनों हत्यारोपी
जी आर पी और सर्विलांस टीम ने घेराबंदी करते हुए 21 मई 2026 को कुशीनगर जनपद के थाना सेवरही अंतर्गत पिपरा मुस्तकिल अगलां गाँव के बाहर खाली पड़े एक घर से तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:
धिमन (उम्र 44 वर्ष): पुत्र मजिस्टर, निवासी जयपुर गिरहंट मुस्तकिल, थाना सेवरही, जनपद कुशीनगर।
मोविजुल्ला (उम्र 65 वर्ष): पुत्र स्व. रमजान, निवासी सिद्दिका थाना पड़ौना, जनपद कुशीनगर।
गुलजहाँ (उम्र 55 वर्ष): पत्नी मोविजुल्ला, निवासी सिद्दिका थाना पड़ौना, जनपद कुशीनगर।
इस जांबाज पुलिस टीम को मिली सफलता
इस अंधे कत्ल का खुलासा करने में प्रभारी निरीक्षक जीआरपी चारबाग श्री धर्मवीर सिंह के नेतृत्व वाली प्रथम टीम और उपनिरीक्षक श्री अमित कुमार शर्मा के नेतृत्व वाली द्वितीय टीम के साथ-साथ सर्विलांस सेल व विशेष टीम (जिसमें उ.नि. कुलदीप कुमार, उ.नि. अशोक कुमार, हे.कां. सुनील राय आदि शामिल थे) की मुख्य भूमिका रही। पुलिस टीम की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई की उच्चाधिकारियों द्वारा सराहना की जा रही है।
: गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
क्राइम से जुड़ी ऐसी ही तमाम विश्वसनीय और सटीक खबरों के लिए बने रहिए अटल सत्य टी वी न्यूज 24 के साथ।

फरार: दो अन्य आरोपी लवकुश यादव और पंकज तिवारी की तलाश जारी।

लखनऊ: निगोहाँ पुलिस की बड़ी कामयाबी, 24 घंटे के अंदर लूटकांड का खुलासा; एक आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ। राजधानी के थाना निगोहाँ क्षेत्र में हुई सनसनीखेज लूट की वारदात को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने मामले में एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। हालांकि, घटना में शामिल दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

क्या था पूरा मामला?

​बीती 17 मई 2026 को रायबरेली के निवासी अजीत सिंह, जो मोहनलालगंज स्थित एक वेयरहाउस में कार्यरत हैं, ड्यूटी के बाद अपने घर लौट रहे थे। दोपहर करीब 03:20 बजे निगोहाँ के लालपुर स्थित दखिना टावर के पास तीन बाइक सवार बदमाशों ने उनका रास्ता रोका। बदमाशों ने अजीत के साथ मारपीट की और उनकी स्पप्लेंडर मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन तथा नकदी लूटकर फरार हो गए।

सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता

​घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) के निर्देशन में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटनास्थल से लेकर रायबरेली तक के रास्ते में पड़ने वाले 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस लुटेरों के करीब पहुँचने में सफल रही।

मुठभेड़ और गिरफ्तारी

​18 मई को मुखबिर से मिली सटीक जानकारी पर कार्रवाई करते हुए निगोहाँ पुलिस ने हरिओम तिवारी (निवासी: पुरे लोकई का पुरवा, रायबरेली) को मीरकनगर मार्ग के पास से दबोच लिया। आरोपी के पास से लूटी गई मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने अपने साथियों लवकुश यादव और पंकज तिवारी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।

साजिश का पर्दाफाश: 'पहचान छिपाने के लिए की थी लूट'

​पुलिस पूछताछ में अभियुक्त ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वे लोग लूटी गई बाइक का इस्तेमाल आगे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए करना चाहते थे, ताकि पुलिस को चकमा दिया जा सके और उनकी असली पहचान छिपी रहे। आरोपी लखनऊ के गुडंबा इलाके में रहकर पेंटिंग का काम करते थे और सुनसान रास्तों पर राहगीरों को अपना निशाना बनाते थे।

पुलिस का बयान: "हमने एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फरार आरोपियों लवकुश और पंकज की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित हैं। जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।"


रिपोर्ट: तौफीक अहमद, ब्यूरो चीफ (लखनऊ)

अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

लखनऊ पुलिस का बड़ा खुलासा, अटल सत्य टी वी न्यूज 24

लखनऊ: सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में मिला युवती का शव, परिजनों ने की पहचान

लखनऊ (ब्यूरो रिपोर्ट - अटल सत्य टी वी न्यूज): लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में सोमवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। उतरेठिया रेलवे लाइन के पास झाड़ियों में एक 22 वर्षीय अज्ञात युवती का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद मृतका की शिनाख्त कर ली है।

झाड़ियों में मिला शव, मौके पर पहुँची फॉरेंसिक टीम

​आज दिनांक 18 मई 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि उतरेठिया रेलवे लाइन के पास सड़क किनारे जंगल में एक युवती का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई की और उसे मोर्चरी भिजवा दिया।

PGI थाने से मिली सुराग, माता ने की पहचान

​शव की शिनाख्त के लिए पुलिस जब आस-पास के थानों में संपर्क कर रही थी, तभी थाना पीजीआई से महत्वपूर्ण जानकारी मिली। वहाँ से पता चला कि रक्षाखण्ड निवासी एक युवती 17 मई की सुबह 10 बजे से लापता है।

​पुलिस ने तत्काल परिजनों से संपर्क कर उन्हें सुशांत गोल्फ सिटी थाने बुलाया। मृतका की माता गीता (पत्नी दीपू सिंह), निवासी रक्षाखण्ड, एल्डिको उद्यान-2, ने केजीएमयू मोर्चरी पहुँचकर शव की पहचान अपनी 22 वर्षीय पुत्री शिवानी सिंह के रूप में की।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

​पुलिस के अनुसार, मृतका पिछले 24 घंटे से लापता थी। घटना के संबंध में निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:

  • पोस्टमार्टम: शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके।
  • टीम का गठन: मामले के सफल अनावरण और संदिग्ध परिस्थितियों की जांच के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है।
  • विधिक कार्रवाई: परिजनों से तहरीर (प्रार्थना पत्र) प्राप्त कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

​राजधानी के इस चर्चित इलाके में युवती का शव मिलने से स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता है, वहीं पुलिस जल्द ही मामले की गुत्थी सुलझाने का दावा कर रही है।

अटल सत्य टी वी न्यूज 24

लखनऊ में वकीलों का महा संग्राम ​3 दिन तक अदालतों में ताला, पुलिस लाठीचार्ज के बाद फूटा गुस्सा।

लखनऊ: पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में वकीलों का बड़ा एलान, 18 से 20 मई तक न्यायिक कार्य ठप

अटल सत्य टी वी न्यूज 24 अटल बिहारी शर्मा 

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया है। सेंट्रल बार एसोसिएशन, लखनऊ ने पुलिस द्वारा निहत्थे वकीलों पर किए गए 'बर्बर' लाठीचार्ज के विरोध में तीन दिवसीय पूर्ण कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है।

आपातकालीन बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

​रविवार, 17 मई 2026 को सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महासचिव अवनीश दीक्षित के नेतृत्व में एक विशाल आम सभा आयोजित की गई। हज़ारों वकीलों की मौजूदगी में पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की गई। सभा में सर्वसम्मति से निम्नलिखित मुख्य निर्णय लिए गए:

  • तीन दिन की हड़ताल: लखनऊ जनपद न्यायालय के समस्त अधिवक्ता 18 मई से 20 मई 2026 तक पूर्ण रूप से सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस दौरान अदालतों में कोई भी न्यायिक कार्य नहीं होगा।
  • दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की माँग: बार एसोसिएशन ने ठाकुरगंज थाना प्रभारी ओमवीर सिंह, अज्ञात दरोगा और करीब 20-25 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की माँग की है।
  • घायलों को आर्थिक मदद: लाठीचार्ज में घायल होकर अस्पतालों में भर्ती वकीलों को एसोसिएशन की ओर से उपचार हेतु आर्थिक सहायता दी जाएगी।

अगली रणनीति पर 20 मई को मंथन

​सेंट्रल बार एसोसिएशन ने घोषणा की है कि 20 मई 2026 को दोपहर 2:00 बजे पुनः एक आम सभा बुलाई जाएगी। इस बैठक में जनपद की सभी बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है, जहाँ आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।

हाईकोर्ट में भी रखी जाएगी अपनी बात

​एसोसिएशन ने अध्यक्ष और महासचिव को अधिकृत किया है कि वे माननीय उच्च न्यायालय (लखनऊ खंडपीठ) में लंबित याचिका में पक्षकार बनकर वकालतनामा दाखिल करें और अधिवक्ताओं का पक्ष मजबूती से रखें।

​बार एसोसिएशन ने माननीय जनपद न्यायाधीश से अनुरोध किया है कि अधिवक्ताओं के इस सामूहिक अवकाश और प्रस्ताव की सूचना सभी अधीनस्थ न्यायिक अधिकारियों को दे दी जाए ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे।


ब्यूरो रिपोर्ट: अटल सत्य टी वी न्यूज 24