लखनऊ: पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में वकीलों का बड़ा एलान, 18 से 20 मई तक न्यायिक कार्य ठप
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया है। सेंट्रल बार एसोसिएशन, लखनऊ ने पुलिस द्वारा निहत्थे वकीलों पर किए गए 'बर्बर' लाठीचार्ज के विरोध में तीन दिवसीय पूर्ण कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है।
आपातकालीन बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
रविवार, 17 मई 2026 को सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महासचिव अवनीश दीक्षित के नेतृत्व में एक विशाल आम सभा आयोजित की गई। हज़ारों वकीलों की मौजूदगी में पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की गई। सभा में सर्वसम्मति से निम्नलिखित मुख्य निर्णय लिए गए:
- तीन दिन की हड़ताल: लखनऊ जनपद न्यायालय के समस्त अधिवक्ता 18 मई से 20 मई 2026 तक पूर्ण रूप से सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस दौरान अदालतों में कोई भी न्यायिक कार्य नहीं होगा।
- दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की माँग: बार एसोसिएशन ने ठाकुरगंज थाना प्रभारी ओमवीर सिंह, अज्ञात दरोगा और करीब 20-25 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की माँग की है।
- घायलों को आर्थिक मदद: लाठीचार्ज में घायल होकर अस्पतालों में भर्ती वकीलों को एसोसिएशन की ओर से उपचार हेतु आर्थिक सहायता दी जाएगी।
अगली रणनीति पर 20 मई को मंथन
सेंट्रल बार एसोसिएशन ने घोषणा की है कि 20 मई 2026 को दोपहर 2:00 बजे पुनः एक आम सभा बुलाई जाएगी। इस बैठक में जनपद की सभी बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है, जहाँ आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
हाईकोर्ट में भी रखी जाएगी अपनी बात
एसोसिएशन ने अध्यक्ष और महासचिव को अधिकृत किया है कि वे माननीय उच्च न्यायालय (लखनऊ खंडपीठ) में लंबित याचिका में पक्षकार बनकर वकालतनामा दाखिल करें और अधिवक्ताओं का पक्ष मजबूती से रखें।
बार एसोसिएशन ने माननीय जनपद न्यायाधीश से अनुरोध किया है कि अधिवक्ताओं के इस सामूहिक अवकाश और प्रस्ताव की सूचना सभी अधीनस्थ न्यायिक अधिकारियों को दे दी जाए ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट: अटल सत्य टी वी न्यूज 24



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