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महाकाल उत्सव मे इंदौर की अनाईशा शानदार प्रदर्शन कर जीत लिया सबका दिल

 महाकाल उत्सव में इंदौर की अनाईशा सिंह का शानदार प्रदर्शन, कथक में द्वितीय पुरस्कार इंदौर। उज्जैन स्थित कैलाश एकेडमी में भारतीय ...

महाकाल उत्सव मे इंदौर की अनाईशा शानदार प्रदर्शन कर जीत लिया सबका दिल



 महाकाल उत्सव में इंदौर की अनाईशा सिंह का शानदार प्रदर्शन, कथक में द्वितीय पुरस्कार


इंदौर। उज्जैन स्थित कैलाश एकेडमी में भारतीय कला संस्कृति समिति एवं श्री'स डांस स्टूडियो द्वारा आयोजित महाकाल उत्सव में इंदौर की 9 वर्षीय छात्रा अनाईशा सिंह ने शास्त्रीय नृत्य कथक में द्वितीय स्थान प्राप्त कर शहर का नाम रोशन किया।
निपानिया स्थित बालाजी स्काईज़ निवासी अनाईशा, जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल की कक्षा पाँचवीं की छात्रा हैं और पिछले छह वर्षों से नेशनल स्कूल ऑफ कथक (एन.एस.जे.के.) में गुरु श्वेता श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं।
प्रदेश एवं अन्य राज्यों से आए प्रतिभागियों के बीच अनाईशा ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से निर्णायकों को प्रभावित किया। इससे पहले भी वह जातरा उत्सव, कला महोत्सव, खजराना सांस्कृतिक उत्सव और किंकणी उत्सव सहित अनेक प्रतियोगिताओं में सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं। अनाईशा ने अपनी सफलता का श्रेय गुरु, माता-पिता एवं विद्यालय के शिक्षकों को दिया।
अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24 के लिए अजय बियानी की रिपोर्ट इदौर?

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा प्रबुद्ध गोष्टी कानपुर देहात में की गई

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की प्रबुद्ध गोष्ठी कानपुर देहात में संपन्न, सत्ता परिवर्तन का किया गया आह्वान
​पुखरायां, कानपुर देहात
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के लिए — अटल बिहारी शर्मा की रिपोर्ट
​अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) के तत्वावधान में कानपुर देहात के बरौद, पुखरायां स्थित शुक्ला गेस्ट हाउस में एक भव्य प्रबुद्ध गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा भगवान परशुराम के पूजन के साथ किया गया। इसके पश्चात सभी उपस्थित अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया और उन्हें भगवान परशुराम का चित्र भेंट किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रदेश महामंत्री राघव अग्निहोत्री द्वारा किया गया।
​कार्यक्रम के मुख्य बिंदु और अतिथिगण
​मुख्य अतिथि: माननीय राजेंद्र नाथ त्रिपाठी (राष्ट्रीय अध्यक्ष)
​विशिष्ट अतिथि: विश्वंभर नारायण तिवारी (राष्ट्रीय सचिव, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता, नेशनल एंटी करप्शन)
​प्रदेश उपाध्यक्ष: माननीय अंजू शर्मा
​मंचस्थ विशिष्ट जन: राजू पाठक (जिला अध्यक्ष, जालौन), आशुतोष मिश्रा, हरिश्चंद्र बापू, और माननीय श्रीमती शैल कुमारी त्रिपाठी आदि।
​मुख्य वक्ताओं के संबोधन
​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने ब्राह्मण समाज को एकजुट होने का कड़ा संदेश दिया। उन्होंने समाज को आगाह करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि उत्पीड़न का कड़ा जवाब दिया जाए। देश भर में ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब हमें सत्ता परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाना होगा। उन्होंने हुंकार भरी कि "जो ब्राह्मण हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा और उसी का हमारा साथ रहेगा।"
​गोष्ठी को विशिष्ट अतिथि विश्वंभर नारायण तिवारी, जालौन जिला अध्यक्ष राजू पाठक, आशुतोष मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अंजू शर्मा और अन्य प्रमुख पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने समाज में आपसी एकता, शिक्षा और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।
​इस सफल आयोजन में प्रदेश महामंत्री राघव अग्निहोत्री का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में कानपुर देहात और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में प्रबुद्धजन और समाज के लोग उपस्थित रहे।

कावड़ यात्रा को लेकर हुई रामघाट थाने में बैठक

कांवड़ यात्रा को लेकर रामघाट थाने में बैठक, थाना प्रभारी ने जारी किए दिशा-निर्देश
रिपोर्ट दीपक भारतद्वाज


रामघाट (बुलंदशहर)। आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से रामघाट थाना परिसर में सोमवार को शांति समिति एवं संबंधित विभागों के साथ एक गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार शुक्ला ने की।

बैठक को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान थाना क्षेत्र की सभी मीट की दुकानें बंद रहेंगी। मार्ग पर स्थित होटल एवं ढाबा संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि भोजन तैयार करने में प्याज और लहसुन का प्रयोग न करें। वहीं शराब की दुकानों के संचालकों को अपनी दुकानों के सामने पर्दा लगाकर उन्हें ढककर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा डीजे संचालकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप ही ध्वनि का प्रयोग करने तथा तेज आवाज में डीजे न बजाने की हिदायत दी गई। शिवभक्तों की सेवा के लिए लगाए जाने वाले शिविरों के संचालकों से कहा गया कि खाद्य सामग्री वितरित करने से पहले संबंधित फूड निरीक्षक से आवश्यक अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

थाना प्रभारी ने स्पष्ट कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


गोष्ठी में थाना क्षेत्र के संभ्रांत नागरिक, ग्राम प्रधान, शांति सुरक्षा समिति के सदस्य, गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण शर्मा, विकास अग्रवाल, महेश पाठक, शिव शंकर शर्मा, सुभाष यादव, प्रधान सीटू शर्मा, पप्पू लोधी सहित होटल एवं ढाबा संचालक, शराब एवं मीट दुकान संचालक, डिजिटल वॉलंटियर, डीजे संचालक, स्थानीय कांवड़ संघ तथा मेला आयोजन समिति के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उच्चाधिका

डिजिटल मीडिया पर प्रतिबंध का साया लोकतंत्र समाज और और व्यवस्था पर एक गंभीर संकट

डिजिटल मीडिया पर प्रतिबंध का साया: लोकतंत्र, समाज और व्यवस्था पर एक गंभीर संकट

अटल बिहारी शर्मा के कलम से

​यदि आने वाले समय में डिजिटल मीडिया—जैसे यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम—पर पत्रकारिता और स्वतंत्र अभिव्यक्ति पर प्रतिबंध लग जाता है, तो यह केवल सूचना के प्रवाह को रोकने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र, आम नागरिक के अधिकारों और सामाजिक व्यवस्था के लिए एक दूरगामी और विनाशकारी झटका साबित होगा। आज के दौर में जब मुख्यधारा का मीडिया अक्सर जमीनी सच्चाइयों से दूर होता जा रहा है, डिजिटल और सोशल मीडिया ने आम आदमी को अपनी आवाज उठाने का एक मजबूत जरिया दिया है।

​इस वैकल्पित और भयावह परिदृश्य का समाज के हर पहलू पर क्या असर पड़ेगा, इसका विस्तृत विश्लेषण निम्नलिखित है:

​1. बेरोजगारी का विकराल संकट और आजीविका पर प्रहार

  • लाखों युवाओं की आजीविका छिनना: पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल मीडिया ने देश के युवाओं को रोजगार का एक नया और सशक्त विकल्प दिया है। कंटेंट क्रिएशन, वीडियोग्राफी, एडिटिंग, रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट से जुड़े लाखों युवा आज प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आत्मनिर्भर हैं।
  • आर्थिक मंदी: प्रतिबंध लगने से रातों-रात यह पूरा सेक्टर ठप हो जाएगा, जिससे बड़े पैमाने पर बेरोजगारी बढ़ेगी और युवा मानसिक तनाव व आर्थिक संकट की चपेट में आ जाएंगे।

​2. भ्रष्टाचार को बढ़ावा और प्रशासनिक मनमानी

  • सरकारी कार्यालयों में तानाशाही: वर्तमान में सोशल मीडिया के डर से कई भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी अपने दफ्तरों में काम करने के लिए मजबूर होते हैं। स्टिंग ऑपरेशन और लाइव वीडियो के डर से घूसखोरी पर कुछ हद तक लगाम लगी है।
  • अव्यवस्था और भ्रष्टाचार: डिजिटल पहरा हटने के बाद सरकारी दफ्तरों में फाइलों को दबाने, रिश्वतखोरी और आम जनता को परेशान करने की प्रवृत्ति बेकााम हो जाएगी, क्योंकि गलत करने वालों को यह भरोसा होगा कि उनकी करतूतों का वीडियो कभी पब्लिक डोमेन में नहीं आएगा।

​3. लाचार पीड़ित और अनसुनी आवाजें

  • न्याय की गुहार पर पर्दा: आज जब थानों या अस्पतालों में पीड़ित की सुनवाई नहीं होती, तो वह सोशल मीडिया का सहारा लेता है। वीडियो वायरल होने के बाद ही कई मामलों में पुलिस प्रशासन हरकत में आता है।
  • व्यवस्था से मोहभंग: प्रतिबंध के बाद पीड़ित व्यक्ति सिर्फ सिस्टम के सामने तड़पता रह जाएगा, लेकिन उसकी चीखें चार दीवारों से बाहर सरकार या समाज तक नहीं पहुंच सकेंगी।

​4. हाशिए की आवाजें और छोटे संगठनों का पतन

  • दब जाएंगी ज़मीनी आवाजें: छोटे सामाजिक संगठन, मजदूर यूनियन, और छोटे राजनीतिक दल जिनके पास बड़े मीडिया घरानों को विज्ञापन देने के पैसे नहीं हैं, वे पूरी तरह से सोशल मीडिया पर निर्भर हैं।
  • धरने-प्रदर्शनों की अनदेखी: जनता के अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने वाले इन संगठनों के विरोध प्रदर्शन और उनकी मांगें मुख्यधारा के मीडिया में जगह नहीं पातीं। डिजिटल मीडिया बंद होने से इनकी आवाज पूरी तरह से घुट जाएगी।

​5. अपराध और अनैतिक गतिविधियों में भारी बढ़ोतरी

​डिजिटल पत्रकारिता के अभाव में अपराधियों और माफियाओं के हौसले बुलंद हो जाएंगे। निम्नलिखित क्षेत्रों में बेलगाम वृद्धि देखने को मिलेगी:

  • अवैध कारोबार: अवैध अतिक्रमण, अवैध निर्माण, स्पा सेंटर, हुक्का बार और अवैध शराब की बिक्री बिना किसी डर के पनपेगी।
  • जघन्य अपराध: छेड़छाड़, रेप, छिनौती, चोरी और मारपीट जैसी गंभीर वारदातों की खबरें आम नागरिकों से कोसों दूर हो जाएंगी, जिससे अपराधियों में कानून का डर खत्म हो जाएगा।
  • आम जनता का उत्पीड़न: पुलिस चेकिंग के नाम पर आम जनता की अवैध वसूली और उत्पीड़न की खबरें सामने नहीं आ पाएंगी।

​6. बुनियादी जनसमस्याओं से पर्दा और प्रशासनिक लापरवाही

  • विकास कार्यों की पोल खुलना: टूटी सड़कें, बजबजाती नालियां, गंदा और बदबूदार पानी, तथा सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की बदहाली की तस्वीरें जब तक सोशल मीडिया पर वायरल नहीं होतीं, तब तक जनप्रतिनिधि और अधिकारी सुध नहीं लेते।
  • अंधेरे में जीवन: इन माध्यमों के बंद होने से शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जनसमस्याएं फाइलों में दफन हो जाएंगी और जनता कागजी विकास के धोखे में जीने को मजबूर होगी।

​निष्कर्ष

​डिजिटल मीडिया पर प्रतिबंध केवल एक माध्यम का अंत नहीं होगा, बल्कि यह पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की अंतिम सांस जैसा होगा। सोशल मीडिया की अपनी कुछ कमियां और भ्रांतियां हो सकती हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए कानून और आचार संहिता हो सकती है, लेकिन इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का अर्थ समाज को एक ऐसी अंधेरी सुरंग में धकेलना है, जहां भ्रष्टाचार का बोलबाला हो और आम आदमी पूरी तरह असहाय हो जाए। एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए डिजिटल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का जीवित रहना अनिवार्य है। 

ब्रेकिंग लखनऊ नाका पुलिस ने एक बार फिर इसानियत को जिदा रखा पढिये पूरी खबर

बेहोश मिले फार्मासिस्ट की जान बचाने वाली पुलिस: चारबाग बस स्टैंड पर बरती गई त्वरित संवेदनशीलता, बलरामपुर अस्पताल में हुआ सफल उपचार
​लखनऊ:
राजधानी के चारबाग बस स्टैंड के पास उस समय एक बड़ा हादसा टल गया, जब गंभीर रूप से बीमार एक फार्मासिस्ट अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद पुलिस की सूझबूझ और तत्परता के चलते उनकी जान बच गई। पीड़ित फार्मासिस्ट ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की है।
​शुगर लेवल कम होने से बिगड़ी थी तबीयत
​मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 20 जुलाई 2026 को शाम करीब 04 बजे सूचना प्राप्त हुई कि हनुमान मंदिर के निकट, चारबाग बस स्टैंड के पास एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है और उनके मुंह से झाग निकल रहा है।
​सूचना मिलते ही पान दरीबा चौकी (थाना नाका हिंडोला) से उप निरीक्षक रवि पाल सिंह तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच करने पर पता चला कि अचेत अवस्था में पड़े व्यक्ति की पहचान श्री राजकिशोर (निवासी- एच.एन. 268/191 क, मास्टर कन्हैया लाल रोड, ऐशबाग, लखनऊ) के रूप में हुई।
​श्री राजकिशोर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) निगोहा, लखनऊ में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हैं और पिछले कई वर्षों से शुगर (मधुमेह) के मरीज हैं। वह आज किसी आवश्यक कार्य से चारबाग आए थे, इसी दौरान अचानक शुगर का स्तर बहुत कम (Hypoglycemia) हो जाने के कारण वह बेहोश होकर नीचे गिर पड़े थे।
​पुलिस ने दिखाई मानवता, बिना देर किए भेजा अस्पताल
​उप निरीक्षक रवि पाल सिंह ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना एक पल गंवाए त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने तुरंत एक ऑटो का प्रबंध किया और अचेत फार्मासिस्ट को बिना किसी विलंब के उपचार के लिए बलरामपुर अस्पताल भिजवाया।
​अस्पताल में समय पर डॉक्टरी सहायता मिलने से श्री राजकिशोर की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। उपचार के बाद वह पूरी तरह सकुशल और स्वस्थ हो गए।
​पीड़ित ने की पुलिस की प्रशंसा
​स्वस्थ होने के बाद श्री राजकिशोर ने चौकी पान दरीबा पहुंचकर नाका थाना पुलिस और विशेष रूप से उप निरीक्षक रवि पाल सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुलिस कर्मियों द्वारा दिखाई गई मानवता, तत्परता और कर्तव्यपरायणता की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। पुलिस की इस मानवीय पहल से एक बार फिर खाकी का संवेदनशील चेहरा देखने को मिला है।
​अटल बिहारी शर्मा की रिपोर्ट
अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24 वेब पोर्टल

लखनऊ 14 वर्षो से आई क्यू हॉस्पिटल का भरोसा वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लाइफ

​लखनऊ: 'आई क्यू हॉस्पिटल' के 14 गौरवशाली वर्ष; वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं के साथ आंखों के इलाज में बन चुका है भरोसे का नाम
​रिपोर्ट: अटल बिहारी शर्मा, अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24
​लखनऊ (कपूरथला): लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित कपूरथला रोड पर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में 'आई क्यू आई हॉस्पिटल' (Eye Q Eye Hospital) ने अपनी एक अलग और विश्वसनीय पहचान बनाई है। पिछले 14 वर्षों से यह अस्पताल आंखों की जटिल से जटिल बीमारियों का सटीक और किफायती इलाज कर मरीजों के जीवन में रोशनी भर रहा है। राधे लाल स्वीट्स के पास स्थित यह केंद्र आज चिकित्सा जगत में विश्वास का दूसरा नाम बन चुका है।
​मोतियाबिंद से लेकर रेटिना तक का अत्याधुनिक इलाज
​आई क्यू हॉस्पिटल ने एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करके मरीजों के लिए उपचार की राह आसान कर दी है। अस्पताल में मुख्य रूप से निम्नलिखित सेवाओं के लिए विशेष व्यवस्था है:
​मोतियाबिंद (Cataract) व काला मोतिया (Glaucoma) का सफल ऑपरेशन।
​LASIK: चश्मा हटाने के लिए आधुनिक लेजर तकनीक।
​रेटिना (Retina): आंखों के पर्दे से संबंधित गंभीर बीमारियों का विशेष उपचार।
​भेंगापन (Squint): विशेषज्ञ सलाह और सर्जरी की सुविधा।
​अनुभवी विशेषज्ञों की देखरेख में स्वास्थ्य सेवाएं
​अस्पताल की सफलता के पीछे यहाँ के वरिष्ठ चिकित्सकों का मार्गदर्शन है। डॉ. बाबर परवेज खान और डॉ. अनामिका कुशवाहा जैसे विख्यात विशेषज्ञों की देखरेख में मरीजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का परामर्श और उपचार मुहैया कराया जा रहा है। उनकी अनुभवी टीम हर मरीज को व्यक्तिगत ध्यान और उचित उपचार प्रदान करने के लिए समर्पित है।
​'ऑप्टिकल मीट' के जरिए जन जागरूकता का प्रयास
​अस्पताल ने हाल ही में अपने परिसर में एक विशेष 'ऑप्टिकल मीट' (Optical Meet) का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रमुख ऑप्टिकल स्टोर संचालकों ने भाग लिया। वरिष्ठ डॉक्टरों ने इन संचालकों को आंखों की गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों और आधुनिक जांच पद्धतियों के बारे में शिक्षित किया, ताकि वे अपने ग्राहकों को सही परामर्श देकर समय पर इलाज के लिए प्रेरित कर सकें।
​आयुष्मान भारत और कैशलेस सुविधाओं का लाभ
​मरीजों को आर्थिक बोझ से बचाने के लिए अस्पताल ने स्वास्थ्य योजनाओं को प्राथमिकता दी है। यहाँ आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही, CGHS, ECHS, TPA और सभी प्रमुख मेडिक्लेम (Mediclaim) के माध्यम से कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे आम जनता को इलाज में बड़ी राहत मिल रही है।
​तकनीक और विस्तार
​अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यहाँ अत्याधुनिक मशीनों और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है, जिससे मरीजों को जटिल से जटिल बीमारियों के लिए बार-बार कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। 'आई क्यू हॉस्पिटल' की साख केवल लखनऊ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत में इसकी 30 से अधिक शाखाएं संचालित हैं और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है।
​पिछले 14 वर्षों की निरंतर सेवा ने यह सिद्ध कर दिया है कि 'आई क्यू हॉस्पिटल' न केवल मरीजों का इलाज कर रहा है, बल्कि आंखों की देखभाल के प्रति जागरूकता फैलाकर समाज में एक बड़ा बदलाव भी ला रहा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट अवैध घुसपैठ मामले मे सुनवाई कोर्ट ने मागा काउंटर एफिडेविट

​इलाहाबाद हाईकोर्ट: अवैध घुसपैठ मामले में सुनवाई, कोर्ट ने मांगा काउंटर एफिडेविट
​लखनऊ: अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ से जुड़े संवेदनशील मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने महत्वपूर्ण सुनवाई की। जनहित याचिका (WPIL संख्या 770/2025) पर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति राजन राय और माननीय न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने मामले को आगे बढ़ाते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
​कोर्ट की कार्यवाही के मुख्य बिंदु:
​काउंटर एफिडेविट स्वीकार: न्यायालय ने विपक्षी पक्ष संख्या-3 द्वारा दाखिल काउंटर एफिडेविट को रिकॉर्ड पर ले लिया है।
​रिजॉइंडर के लिए समय: याचिकाकर्ता को अपना रिजॉइंडर एफिडेविट दाखिल करने के लिए मोहलत दी गई है।
​इम्पलीडमेंट आवेदन: इम्पलीडमेंट आवेदन संख्या 10/2026 पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रस्तावित विपक्षी पक्षों को नोटिस जारी किया है और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
​अगली सुनवाई: मामले की अगली सुनवाई अब 19 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।
​राष्ट्र सुरक्षा का मुद्दा
​याचिकाकर्ता देवेंद्र कुमार तिवारी के अधिवक्ता कार्तिकेय सिंह ने बताया कि यह जनहित याचिका देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और संवैधानिक प्रावधानों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दायर की गई है। अधिवक्ता ने विश्वास जताते हुए कहा कि न्यायालय के समक्ष सभी तथ्यों के आने के बाद जनहित और राष्ट्रहित में उचित निर्णय की उम्मीद है।
​अवैध घुसपैठ का यह मामला लंबे समय से चर्चा में है और इस पर होने वाली आगामी सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
​अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के लिए विशेष रिपोर्ट।