बाजार खाला: खाकी का इकबाल खत्म, अपराधियों का खुला 'बाजार'!
लखनऊ। राजधानी लखनऊ का बाजार खाला थाना क्षेत्र इन दिनों अपराध की नई 'प्रयोगशाला' बन गया है। जहाँ एक ओर शासन प्रशासन चाक-चौबंद सुरक्षा के दावे करता है, वहीं दूसरी ओर इस इलाके में अपराधी कानून की धज्जियां उड़ाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। ताजा मामला ऐशबाग ईदगाह के पास स्थित पीली कॉलोनी का है, जहाँ दिनदहाड़े एक पति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी।
खून से सनी दीवारें, खाकी पर सवाल
जानकारी के मुताबिक, आरोपी शाहिद ने अपनी पत्नी चांदनी पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर सरेआम उसका गला रेत दिया। मौके पर दीवारों पर बिखरे खून के धब्बे चीख-चीख कर गवाही दे रहे हैं कि अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ कौड़ियों के भाव भी नहीं रह गया है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया है।
बाजार खाला क्षेत्र में यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ समय से यह इलाका हत्या, गोलीबारी और बमबाजी जैसी घटनाओं का केंद्र बना हुआ है।
दहशत का राज: आपसी रंजिश में सरेआम गोलियां चलना और बमबाजी होना यहाँ 'आम' बात हो चली है।
जनता में डर: हालात यह हैं कि लोग अब दिन के उजाले में भी घर से बाहर निकलने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
अपराधियों के हौसले: पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली का ही नतीजा है कि अपराधी बेखौफ होकर एक के बाद एक बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस का वही पुराना 'घिसा-पिटा' राग
हमेशा की तरह, जब वारदात हो गई और मासूम की जान चली गई, तब पुलिस महकमे की नींद टूटी। भारी-भरकम पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाने की 'कागजी खानापूर्ति' शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक पुलिस केवल 'घटना के बाद' ही हरकत में आएगी?
क्षेत्र की जनता का सवाल:
"अगला नंबर किसका?" बाजार खाला की गलियों में गूँजता यह सवाल लखनऊ पुलिस की कार्यशैली पर एक गहरा दाग है।
ब्यूरो रिपोर्ट अटल सत्य टी वी न्यूज 24 निष्पक्ष खबरों का संग्रह।



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