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लखनऊ: डीसीपी पश्चिम का सख्त निर्देश, लंबित मामलों का हो जल्द निस्तारण

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महाकाल उत्सव मे इंदौर की अनाईशा शानदार प्रदर्शन कर जीत लिया सबका दिल

 महाकाल उत्सव में इंदौर की अनाईशा सिंह का शानदार प्रदर्शन, कथक में द्वितीय पुरस्कार इंदौर। उज्जैन स्थित कैलाश एकेडमी में भारतीय ...

महाकाल उत्सव मे इंदौर की अनाईशा शानदार प्रदर्शन कर जीत लिया सबका दिल



 महाकाल उत्सव में इंदौर की अनाईशा सिंह का शानदार प्रदर्शन, कथक में द्वितीय पुरस्कार


इंदौर। उज्जैन स्थित कैलाश एकेडमी में भारतीय कला संस्कृति समिति एवं श्री'स डांस स्टूडियो द्वारा आयोजित महाकाल उत्सव में इंदौर की 9 वर्षीय छात्रा अनाईशा सिंह ने शास्त्रीय नृत्य कथक में द्वितीय स्थान प्राप्त कर शहर का नाम रोशन किया।
निपानिया स्थित बालाजी स्काईज़ निवासी अनाईशा, जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल की कक्षा पाँचवीं की छात्रा हैं और पिछले छह वर्षों से नेशनल स्कूल ऑफ कथक (एन.एस.जे.के.) में गुरु श्वेता श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं।
प्रदेश एवं अन्य राज्यों से आए प्रतिभागियों के बीच अनाईशा ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से निर्णायकों को प्रभावित किया। इससे पहले भी वह जातरा उत्सव, कला महोत्सव, खजराना सांस्कृतिक उत्सव और किंकणी उत्सव सहित अनेक प्रतियोगिताओं में सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं। अनाईशा ने अपनी सफलता का श्रेय गुरु, माता-पिता एवं विद्यालय के शिक्षकों को दिया।
अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24 के लिए अजय बियानी की रिपोर्ट इदौर?

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा प्रबुद्ध गोष्टी कानपुर देहात में की गई

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की प्रबुद्ध गोष्ठी कानपुर देहात में संपन्न, सत्ता परिवर्तन का किया गया आह्वान
​पुखरायां, कानपुर देहात
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के लिए — अटल बिहारी शर्मा की रिपोर्ट
​अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) के तत्वावधान में कानपुर देहात के बरौद, पुखरायां स्थित शुक्ला गेस्ट हाउस में एक भव्य प्रबुद्ध गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा भगवान परशुराम के पूजन के साथ किया गया। इसके पश्चात सभी उपस्थित अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया और उन्हें भगवान परशुराम का चित्र भेंट किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रदेश महामंत्री राघव अग्निहोत्री द्वारा किया गया।
​कार्यक्रम के मुख्य बिंदु और अतिथिगण
​मुख्य अतिथि: माननीय राजेंद्र नाथ त्रिपाठी (राष्ट्रीय अध्यक्ष)
​विशिष्ट अतिथि: विश्वंभर नारायण तिवारी (राष्ट्रीय सचिव, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता, नेशनल एंटी करप्शन)
​प्रदेश उपाध्यक्ष: माननीय अंजू शर्मा
​मंचस्थ विशिष्ट जन: राजू पाठक (जिला अध्यक्ष, जालौन), आशुतोष मिश्रा, हरिश्चंद्र बापू, और माननीय श्रीमती शैल कुमारी त्रिपाठी आदि।
​मुख्य वक्ताओं के संबोधन
​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने ब्राह्मण समाज को एकजुट होने का कड़ा संदेश दिया। उन्होंने समाज को आगाह करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि उत्पीड़न का कड़ा जवाब दिया जाए। देश भर में ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब हमें सत्ता परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाना होगा। उन्होंने हुंकार भरी कि "जो ब्राह्मण हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा और उसी का हमारा साथ रहेगा।"
​गोष्ठी को विशिष्ट अतिथि विश्वंभर नारायण तिवारी, जालौन जिला अध्यक्ष राजू पाठक, आशुतोष मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अंजू शर्मा और अन्य प्रमुख पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने समाज में आपसी एकता, शिक्षा और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।
​इस सफल आयोजन में प्रदेश महामंत्री राघव अग्निहोत्री का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में कानपुर देहात और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में प्रबुद्धजन और समाज के लोग उपस्थित रहे।

कावड़ यात्रा को लेकर हुई रामघाट थाने में बैठक

कांवड़ यात्रा को लेकर रामघाट थाने में बैठक, थाना प्रभारी ने जारी किए दिशा-निर्देश
रिपोर्ट दीपक भारतद्वाज


रामघाट (बुलंदशहर)। आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से रामघाट थाना परिसर में सोमवार को शांति समिति एवं संबंधित विभागों के साथ एक गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार शुक्ला ने की।

बैठक को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान थाना क्षेत्र की सभी मीट की दुकानें बंद रहेंगी। मार्ग पर स्थित होटल एवं ढाबा संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि भोजन तैयार करने में प्याज और लहसुन का प्रयोग न करें। वहीं शराब की दुकानों के संचालकों को अपनी दुकानों के सामने पर्दा लगाकर उन्हें ढककर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा डीजे संचालकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप ही ध्वनि का प्रयोग करने तथा तेज आवाज में डीजे न बजाने की हिदायत दी गई। शिवभक्तों की सेवा के लिए लगाए जाने वाले शिविरों के संचालकों से कहा गया कि खाद्य सामग्री वितरित करने से पहले संबंधित फूड निरीक्षक से आवश्यक अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

थाना प्रभारी ने स्पष्ट कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


गोष्ठी में थाना क्षेत्र के संभ्रांत नागरिक, ग्राम प्रधान, शांति सुरक्षा समिति के सदस्य, गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण शर्मा, विकास अग्रवाल, महेश पाठक, शिव शंकर शर्मा, सुभाष यादव, प्रधान सीटू शर्मा, पप्पू लोधी सहित होटल एवं ढाबा संचालक, शराब एवं मीट दुकान संचालक, डिजिटल वॉलंटियर, डीजे संचालक, स्थानीय कांवड़ संघ तथा मेला आयोजन समिति के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उच्चाधिका

डिजिटल मीडिया पर प्रतिबंध का साया लोकतंत्र समाज और और व्यवस्था पर एक गंभीर संकट

डिजिटल मीडिया पर प्रतिबंध का साया: लोकतंत्र, समाज और व्यवस्था पर एक गंभीर संकट

अटल बिहारी शर्मा के कलम से

​यदि आने वाले समय में डिजिटल मीडिया—जैसे यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम—पर पत्रकारिता और स्वतंत्र अभिव्यक्ति पर प्रतिबंध लग जाता है, तो यह केवल सूचना के प्रवाह को रोकने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र, आम नागरिक के अधिकारों और सामाजिक व्यवस्था के लिए एक दूरगामी और विनाशकारी झटका साबित होगा। आज के दौर में जब मुख्यधारा का मीडिया अक्सर जमीनी सच्चाइयों से दूर होता जा रहा है, डिजिटल और सोशल मीडिया ने आम आदमी को अपनी आवाज उठाने का एक मजबूत जरिया दिया है।

​इस वैकल्पित और भयावह परिदृश्य का समाज के हर पहलू पर क्या असर पड़ेगा, इसका विस्तृत विश्लेषण निम्नलिखित है:

​1. बेरोजगारी का विकराल संकट और आजीविका पर प्रहार

  • लाखों युवाओं की आजीविका छिनना: पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल मीडिया ने देश के युवाओं को रोजगार का एक नया और सशक्त विकल्प दिया है। कंटेंट क्रिएशन, वीडियोग्राफी, एडिटिंग, रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट से जुड़े लाखों युवा आज प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आत्मनिर्भर हैं।
  • आर्थिक मंदी: प्रतिबंध लगने से रातों-रात यह पूरा सेक्टर ठप हो जाएगा, जिससे बड़े पैमाने पर बेरोजगारी बढ़ेगी और युवा मानसिक तनाव व आर्थिक संकट की चपेट में आ जाएंगे।

​2. भ्रष्टाचार को बढ़ावा और प्रशासनिक मनमानी

  • सरकारी कार्यालयों में तानाशाही: वर्तमान में सोशल मीडिया के डर से कई भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी अपने दफ्तरों में काम करने के लिए मजबूर होते हैं। स्टिंग ऑपरेशन और लाइव वीडियो के डर से घूसखोरी पर कुछ हद तक लगाम लगी है।
  • अव्यवस्था और भ्रष्टाचार: डिजिटल पहरा हटने के बाद सरकारी दफ्तरों में फाइलों को दबाने, रिश्वतखोरी और आम जनता को परेशान करने की प्रवृत्ति बेकााम हो जाएगी, क्योंकि गलत करने वालों को यह भरोसा होगा कि उनकी करतूतों का वीडियो कभी पब्लिक डोमेन में नहीं आएगा।

​3. लाचार पीड़ित और अनसुनी आवाजें

  • न्याय की गुहार पर पर्दा: आज जब थानों या अस्पतालों में पीड़ित की सुनवाई नहीं होती, तो वह सोशल मीडिया का सहारा लेता है। वीडियो वायरल होने के बाद ही कई मामलों में पुलिस प्रशासन हरकत में आता है।
  • व्यवस्था से मोहभंग: प्रतिबंध के बाद पीड़ित व्यक्ति सिर्फ सिस्टम के सामने तड़पता रह जाएगा, लेकिन उसकी चीखें चार दीवारों से बाहर सरकार या समाज तक नहीं पहुंच सकेंगी।

​4. हाशिए की आवाजें और छोटे संगठनों का पतन

  • दब जाएंगी ज़मीनी आवाजें: छोटे सामाजिक संगठन, मजदूर यूनियन, और छोटे राजनीतिक दल जिनके पास बड़े मीडिया घरानों को विज्ञापन देने के पैसे नहीं हैं, वे पूरी तरह से सोशल मीडिया पर निर्भर हैं।
  • धरने-प्रदर्शनों की अनदेखी: जनता के अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने वाले इन संगठनों के विरोध प्रदर्शन और उनकी मांगें मुख्यधारा के मीडिया में जगह नहीं पातीं। डिजिटल मीडिया बंद होने से इनकी आवाज पूरी तरह से घुट जाएगी।

​5. अपराध और अनैतिक गतिविधियों में भारी बढ़ोतरी

​डिजिटल पत्रकारिता के अभाव में अपराधियों और माफियाओं के हौसले बुलंद हो जाएंगे। निम्नलिखित क्षेत्रों में बेलगाम वृद्धि देखने को मिलेगी:

  • अवैध कारोबार: अवैध अतिक्रमण, अवैध निर्माण, स्पा सेंटर, हुक्का बार और अवैध शराब की बिक्री बिना किसी डर के पनपेगी।
  • जघन्य अपराध: छेड़छाड़, रेप, छिनौती, चोरी और मारपीट जैसी गंभीर वारदातों की खबरें आम नागरिकों से कोसों दूर हो जाएंगी, जिससे अपराधियों में कानून का डर खत्म हो जाएगा।
  • आम जनता का उत्पीड़न: पुलिस चेकिंग के नाम पर आम जनता की अवैध वसूली और उत्पीड़न की खबरें सामने नहीं आ पाएंगी।

​6. बुनियादी जनसमस्याओं से पर्दा और प्रशासनिक लापरवाही

  • विकास कार्यों की पोल खुलना: टूटी सड़कें, बजबजाती नालियां, गंदा और बदबूदार पानी, तथा सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की बदहाली की तस्वीरें जब तक सोशल मीडिया पर वायरल नहीं होतीं, तब तक जनप्रतिनिधि और अधिकारी सुध नहीं लेते।
  • अंधेरे में जीवन: इन माध्यमों के बंद होने से शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जनसमस्याएं फाइलों में दफन हो जाएंगी और जनता कागजी विकास के धोखे में जीने को मजबूर होगी।

​निष्कर्ष

​डिजिटल मीडिया पर प्रतिबंध केवल एक माध्यम का अंत नहीं होगा, बल्कि यह पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की अंतिम सांस जैसा होगा। सोशल मीडिया की अपनी कुछ कमियां और भ्रांतियां हो सकती हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए कानून और आचार संहिता हो सकती है, लेकिन इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का अर्थ समाज को एक ऐसी अंधेरी सुरंग में धकेलना है, जहां भ्रष्टाचार का बोलबाला हो और आम आदमी पूरी तरह असहाय हो जाए। एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए डिजिटल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का जीवित रहना अनिवार्य है। 

ब्रेकिंग लखनऊ नाका पुलिस ने एक बार फिर इसानियत को जिदा रखा पढिये पूरी खबर

बेहोश मिले फार्मासिस्ट की जान बचाने वाली पुलिस: चारबाग बस स्टैंड पर बरती गई त्वरित संवेदनशीलता, बलरामपुर अस्पताल में हुआ सफल उपचार
​लखनऊ:
राजधानी के चारबाग बस स्टैंड के पास उस समय एक बड़ा हादसा टल गया, जब गंभीर रूप से बीमार एक फार्मासिस्ट अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद पुलिस की सूझबूझ और तत्परता के चलते उनकी जान बच गई। पीड़ित फार्मासिस्ट ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की है।
​शुगर लेवल कम होने से बिगड़ी थी तबीयत
​मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 20 जुलाई 2026 को शाम करीब 04 बजे सूचना प्राप्त हुई कि हनुमान मंदिर के निकट, चारबाग बस स्टैंड के पास एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है और उनके मुंह से झाग निकल रहा है।
​सूचना मिलते ही पान दरीबा चौकी (थाना नाका हिंडोला) से उप निरीक्षक रवि पाल सिंह तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच करने पर पता चला कि अचेत अवस्था में पड़े व्यक्ति की पहचान श्री राजकिशोर (निवासी- एच.एन. 268/191 क, मास्टर कन्हैया लाल रोड, ऐशबाग, लखनऊ) के रूप में हुई।
​श्री राजकिशोर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) निगोहा, लखनऊ में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हैं और पिछले कई वर्षों से शुगर (मधुमेह) के मरीज हैं। वह आज किसी आवश्यक कार्य से चारबाग आए थे, इसी दौरान अचानक शुगर का स्तर बहुत कम (Hypoglycemia) हो जाने के कारण वह बेहोश होकर नीचे गिर पड़े थे।
​पुलिस ने दिखाई मानवता, बिना देर किए भेजा अस्पताल
​उप निरीक्षक रवि पाल सिंह ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना एक पल गंवाए त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने तुरंत एक ऑटो का प्रबंध किया और अचेत फार्मासिस्ट को बिना किसी विलंब के उपचार के लिए बलरामपुर अस्पताल भिजवाया।
​अस्पताल में समय पर डॉक्टरी सहायता मिलने से श्री राजकिशोर की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। उपचार के बाद वह पूरी तरह सकुशल और स्वस्थ हो गए।
​पीड़ित ने की पुलिस की प्रशंसा
​स्वस्थ होने के बाद श्री राजकिशोर ने चौकी पान दरीबा पहुंचकर नाका थाना पुलिस और विशेष रूप से उप निरीक्षक रवि पाल सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुलिस कर्मियों द्वारा दिखाई गई मानवता, तत्परता और कर्तव्यपरायणता की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। पुलिस की इस मानवीय पहल से एक बार फिर खाकी का संवेदनशील चेहरा देखने को मिला है।
​अटल बिहारी शर्मा की रिपोर्ट
अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24 वेब पोर्टल

लखनऊ 14 वर्षो से आई क्यू हॉस्पिटल का भरोसा वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लाइफ

​लखनऊ: 'आई क्यू हॉस्पिटल' के 14 गौरवशाली वर्ष; वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं के साथ आंखों के इलाज में बन चुका है भरोसे का नाम
​रिपोर्ट: अटल बिहारी शर्मा, अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24
​लखनऊ (कपूरथला): लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित कपूरथला रोड पर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में 'आई क्यू आई हॉस्पिटल' (Eye Q Eye Hospital) ने अपनी एक अलग और विश्वसनीय पहचान बनाई है। पिछले 14 वर्षों से यह अस्पताल आंखों की जटिल से जटिल बीमारियों का सटीक और किफायती इलाज कर मरीजों के जीवन में रोशनी भर रहा है। राधे लाल स्वीट्स के पास स्थित यह केंद्र आज चिकित्सा जगत में विश्वास का दूसरा नाम बन चुका है।
​मोतियाबिंद से लेकर रेटिना तक का अत्याधुनिक इलाज
​आई क्यू हॉस्पिटल ने एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करके मरीजों के लिए उपचार की राह आसान कर दी है। अस्पताल में मुख्य रूप से निम्नलिखित सेवाओं के लिए विशेष व्यवस्था है:
​मोतियाबिंद (Cataract) व काला मोतिया (Glaucoma) का सफल ऑपरेशन।
​LASIK: चश्मा हटाने के लिए आधुनिक लेजर तकनीक।
​रेटिना (Retina): आंखों के पर्दे से संबंधित गंभीर बीमारियों का विशेष उपचार।
​भेंगापन (Squint): विशेषज्ञ सलाह और सर्जरी की सुविधा।
​अनुभवी विशेषज्ञों की देखरेख में स्वास्थ्य सेवाएं
​अस्पताल की सफलता के पीछे यहाँ के वरिष्ठ चिकित्सकों का मार्गदर्शन है। डॉ. बाबर परवेज खान और डॉ. अनामिका कुशवाहा जैसे विख्यात विशेषज्ञों की देखरेख में मरीजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का परामर्श और उपचार मुहैया कराया जा रहा है। उनकी अनुभवी टीम हर मरीज को व्यक्तिगत ध्यान और उचित उपचार प्रदान करने के लिए समर्पित है।
​'ऑप्टिकल मीट' के जरिए जन जागरूकता का प्रयास
​अस्पताल ने हाल ही में अपने परिसर में एक विशेष 'ऑप्टिकल मीट' (Optical Meet) का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रमुख ऑप्टिकल स्टोर संचालकों ने भाग लिया। वरिष्ठ डॉक्टरों ने इन संचालकों को आंखों की गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों और आधुनिक जांच पद्धतियों के बारे में शिक्षित किया, ताकि वे अपने ग्राहकों को सही परामर्श देकर समय पर इलाज के लिए प्रेरित कर सकें।
​आयुष्मान भारत और कैशलेस सुविधाओं का लाभ
​मरीजों को आर्थिक बोझ से बचाने के लिए अस्पताल ने स्वास्थ्य योजनाओं को प्राथमिकता दी है। यहाँ आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही, CGHS, ECHS, TPA और सभी प्रमुख मेडिक्लेम (Mediclaim) के माध्यम से कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे आम जनता को इलाज में बड़ी राहत मिल रही है।
​तकनीक और विस्तार
​अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यहाँ अत्याधुनिक मशीनों और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है, जिससे मरीजों को जटिल से जटिल बीमारियों के लिए बार-बार कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। 'आई क्यू हॉस्पिटल' की साख केवल लखनऊ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत में इसकी 30 से अधिक शाखाएं संचालित हैं और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है।
​पिछले 14 वर्षों की निरंतर सेवा ने यह सिद्ध कर दिया है कि 'आई क्यू हॉस्पिटल' न केवल मरीजों का इलाज कर रहा है, बल्कि आंखों की देखभाल के प्रति जागरूकता फैलाकर समाज में एक बड़ा बदलाव भी ला रहा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट अवैध घुसपैठ मामले मे सुनवाई कोर्ट ने मागा काउंटर एफिडेविट

​इलाहाबाद हाईकोर्ट: अवैध घुसपैठ मामले में सुनवाई, कोर्ट ने मांगा काउंटर एफिडेविट
​लखनऊ: अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ से जुड़े संवेदनशील मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने महत्वपूर्ण सुनवाई की। जनहित याचिका (WPIL संख्या 770/2025) पर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति राजन राय और माननीय न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने मामले को आगे बढ़ाते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
​कोर्ट की कार्यवाही के मुख्य बिंदु:
​काउंटर एफिडेविट स्वीकार: न्यायालय ने विपक्षी पक्ष संख्या-3 द्वारा दाखिल काउंटर एफिडेविट को रिकॉर्ड पर ले लिया है।
​रिजॉइंडर के लिए समय: याचिकाकर्ता को अपना रिजॉइंडर एफिडेविट दाखिल करने के लिए मोहलत दी गई है।
​इम्पलीडमेंट आवेदन: इम्पलीडमेंट आवेदन संख्या 10/2026 पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रस्तावित विपक्षी पक्षों को नोटिस जारी किया है और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
​अगली सुनवाई: मामले की अगली सुनवाई अब 19 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।
​राष्ट्र सुरक्षा का मुद्दा
​याचिकाकर्ता देवेंद्र कुमार तिवारी के अधिवक्ता कार्तिकेय सिंह ने बताया कि यह जनहित याचिका देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और संवैधानिक प्रावधानों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दायर की गई है। अधिवक्ता ने विश्वास जताते हुए कहा कि न्यायालय के समक्ष सभी तथ्यों के आने के बाद जनहित और राष्ट्रहित में उचित निर्णय की उम्मीद है।
​अवैध घुसपैठ का यह मामला लंबे समय से चर्चा में है और इस पर होने वाली आगामी सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
​अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के लिए विशेष रिपोर्ट।

लखनऊ विद्युत मजदूर कर्मचारियों की लखनऊ म गूजीें आवाज

​लखनऊ: विद्युत मजदूर संगठन की बैठक में गूंजी कर्मचारियों की आवाज, वेतन विसंगति और छंटनी को लेकर सरकार से लगाई गुहार
​लखनऊ | 12 जुलाई 2026
​उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित संगठन भवन, हम्बरा अपार्टमेंट में आज 'विद्युत मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश' की केंद्रीय कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। संगठन के अध्यक्ष विमलचंद पांडे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बिजली विभाग के कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और उनकी दयनीय कार्य स्थितियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
​प्रमुख मांगें और संगठन का रुख
​संगठन के मुख्य महामंत्री श्रीचन्द्र ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विभाग में व्याप्त विसंगतियों के कारण कर्मचारी भारी आक्रोश में हैं। उन्होंने प्रमुख रूप से निम्नलिखित मुद्दे उठाए:
​वेतन और पदोन्नति: कार्यकारी सहायक/TG2 और समकक्ष पदों की वेतन विसंगतियों को वर्षों से दूर नहीं किया गया है। साथ ही, पदोन्नतियां भी समय पर नहीं हो रही हैं।
​स्थानांतरण और पद कटौती: स्थानांतरण नीति के विपरीत कर्मचारियों को जिलों से बाहर भेजा जा रहा है। 'वर्टिकल व्यवस्था' के नाम पर बड़े पैमाने पर पदों की कटौती और संविदा कर्मियों को नौकरी से निकाले जाने के कारण बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने में कठिनाई हो रही है।
​सुरक्षा का अभाव: कर्मचारियों की कमी के कारण आए दिन उपभोक्ताओं द्वारा कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटनाएं बढ़ रही हैं।
​मृतक आश्रित लाभ: चतुर्थ श्रेणी पद पर मृतक आश्रित सेवायोजन समाप्त होने से प्रभावित परिवारों के सामने भुखमरी का संकट पैदा हो गया है।
​एसीपी और वरिष्ठता: 10 वर्ष की सेवा के बाद भी अवर अभियंताओं को प्रथम एसीपी (ACP) का लाभ नहीं दिया गया है और न ही उनकी वरिष्ठता सूची घोषित की गई है।
​सरकार से समाधान की अपील
​अध्यक्ष विमलचंद पांडे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया कि ऊर्जा विभाग को भी राज्य सरकार द्वारा गठित 'सेवा निगम' में शामिल किया जाए। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2023 के आंदोलन के दौरान निकाले गए सभी संविदा कर्मियों को पुनः बहाल किया जाए और कर्मचारियों के खिलाफ किए जा रहे उत्पीड़न को तत्काल समाप्त किया जाए।
​बैठक में इनकी रही उपस्थिति
​बैठक का संचालन प्रदेश प्रभारी आरसी पाल ने किया। इस अवसर पर कार्यवाहक अध्यक्ष आलोक सिन्हा, शोएब हसन, प्रताप सिंह, एस.के. सिंह, आर.वाई. शुक्ला, मोहन बाबू आर्य, जलीलुर्हमान, अशोक गुप्ता, राहुल कुमार, विनोद श्रीवास्तव, संदीप कुमार, दीपक कश्यप, ज्ञानेन्द्र शर्मा, कपिल सारस्वत, अवनीश श्रीवास्तव, यशपाल सिंह, रविकांत, आरिफ वेग, पुनीत राय, प्रेम पाल, अरविन्द कुमार, चंद्रकांत और वेद सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
​विद्युत कर्मचारियों के इस बढ़ते रोष को देखते हुए अब देखना यह होगा कि शासन इस पर क्या निर्णय लेता है।
​बने रहिए अटल सत्य टी वी न्यूज 24 के साथ, सत्य की हर खबर के लिए।

उत्तर प्रदेश टिम्बर एसोसिएशन का वृक्षारोपण महायज्ञ

​उत्तर प्रदेश टिम्बर एसोसिएशन का वृक्षारोपण महायज्ञ: व्यापारियों ने लगाए फलदार व छायादार पौधे 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश टिम्बर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना के आह्वान पर 'वृक्षारोपण महायज्ञ 2026' अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अभियान के तहत प्रदेश भर में टिम्बर व्यापारियों ने व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

​'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को दिया समर्थन

​प्रदेश अध्यक्ष मोहनीश त्रिवेदी ने जानकारी दी कि राज्य के हर जिले में एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधे रोपे गए। इस दौरान आंवला, अशोक, अमरूद, सीताफल, नीम, जामुन, पीपल और बरगद जैसे पौधों को प्राथमिकता दी गई, जो भविष्य में न केवल पर्यावरण को शुद्ध करेंगे, बल्कि पारिस्थितिक संतुलन बनाने में भी सहायक होंगे।

​राजेंद्र नगर पार्क में व्यापारियों ने लिया संकल्प

​लखनऊ के राजेंद्र नगर पार्क में एसोसिएशन के प्रांतीय कार्यालय के समीप एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहाँ ऐशबाग के टिम्बर व्यापारियों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर पौधारोपण किया और प्रदेश को हरा-भरा व प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया। एसोसिएशन के विधिक सलाहकार आशीष त्रिवेदी ने बताया कि ऐसे अभियान समाज में वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हैं।

​कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस पुनीत कार्य के दौरान उत्तर प्रदेश टिम्बर एसोसिएशन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • अख्तर खान (प्रदेश महासचिव)
  • महंत वरुण अवस्थी (चित्रकूट से विशेष अतिथि)
  • दिवाकर प्रताप सिंह (मीडिया प्रभारी)
  • एजाज खान (प्रदेश उपाध्यक्ष)
  • विनोद शर्मा, वसीम अहमद, अनिल कुमार, अरविंद, विवेक पांडे, विशाल शर्मा, रूप कुमार, मुन्नू और नबी सहित एसोसिएशन के दर्जनों व्यापारी व सदस्य।

​इस सफल आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टिम्बर एसोसिएशन केवल व्यावसायिक हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

अटल सत्य टी वी न्यूज 24

रिपोर्ट अटल बिहारी शर्मा 

राज्य कर्मचारी सयुंक्त परिषद का 50 वा स्थापना दिवस होने जा रहा है गाधीभवन लखनऊ मे

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का 50वां स्थापना दिवस: 13 जुलाई को गांधी भवन में होगा भव्य 'गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन'
​लखनऊ | राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के गौरवमयी इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। परिषद का 50वां अधिवेशन, जिसे 'गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन' के रूप में मनाया जा रहा है, आगामी 13 जुलाई को लखनऊ के गांधी भवन प्रेक्षागृह में आयोजित होगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे।
​62 वर्षों के संघर्ष और उपलब्धियों का साक्षी बनेगा अधिवेशन
​राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने बताया कि 1964-65 में सचिवालय परिसर से शुरू हुआ यह संगठन आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। रघुवर दयाल शर्मा के नेतृत्व में स्थापित इस परिषद ने पिछले 62 वर्षों में कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए अनेक संघर्ष किए हैं। महंगाई भत्ते से लेकर वेतन विसंगतियों को दूर करने तक, परिषद ने हमेशा केंद्र के समान अधिकारों के लिए प्रदेश सरकार के समक्ष मजबूती से पक्ष रखा है।
​युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र
​परिषद की महासचिव अरुणा शुक्ला ने इस आयोजन को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह अधिवेशन युवा पीढ़ी के लिए अपने पूर्वजों के त्याग और संघर्ष को समझने का एक स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने युवा साथियों का आह्वान किया कि वे संगठन के सिद्धांतों को आत्मसात करें, ताकि प्रशासनिक दक्षता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ कर्मचारी आंदोलन को और अधिक गति दी जा सके।
​अधिवेशन की प्रमुख विशेषताएं:
​ऐतिहासिक गौरव: 62 वर्षों के सफर और 50वें अधिवेशन को समर्पित एक विशेष पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा, जिसमें परिषद के संपूर्ण इतिहास और शौर्य गाथा को लिपिबद्ध किया गया है।
​आठवें वेतन आयोग की तैयारी: संयुक्त परिषद ने आठवें वेतन आयोग के समक्ष प्रदेश के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी दावेदारी पेश की है, जिस पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
​आजीवन सदस्यों का सम्मान: संगठन को मजबूती प्रदान करने वाले वरिष्ठ एवं आजीवन सदस्यों को इस मंच से सम्मानित किया जाएगा।
​व्यापक भागीदारी: इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जनपदों और विभिन्न विभागों से हजारों की संख्या में प्रतिनिधि शामिल होंगे।
​परिषद का यह 50वां अधिवेशन न केवल अपनी उपलब्धियों के जश्न का माध्यम है, बल्कि यह भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए कर्मचारी आंदोलन को एक 'नए कलेवर' और नई दिशा देने का मंच भी सिद्ध होगा

योगी कैबिनेट के फैसलों का राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने किया स्वागत; पुरानी पेंशन बहाली की मांग को फिर उठाया​लखनऊ

योगी कैबिनेट के फैसलों का राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने किया स्वागत; पुरानी पेंशन बहाली की मांग को फिर उठाया
​लखनऊ | 6 जुलाई 2026
​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज पांच कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े 28 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के इन फैसलों का राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने स्वागत किया है। परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे राज्य हित में लिया गया एक सराहनीय कदम बताया है।
​कैबिनेट के फैसलों पर परिषद की मुहर
​राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कैबिनेट के प्रमुख निर्णयों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है:
​होमगार्ड्स को बड़ी राहत: होमगार्ड्स जवानों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा देने के निर्णय को उन्होंने कर्मचारी हित में एक बड़ा कदम बताया।
​डिजिटल और AI हब: प्रदेश में 2021 से बंद पड़े डेटा सेंटरों को फिर से चालू करने और राज्य को डिजिटल व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का हब बनाने के सरकार के निर्णय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश तकनीकी रूप से सशक्त होगा।
​खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए खेल कोटे से सीधी भर्ती का स्वागत किया गया। सरकार ने जिला क्रीड़ा अधिकारी के 9 पद, जिला युवा कल्याण अधिकारी के 9 पद और उप क्रीड़ा अधिकारी के 23 पद इसके लिए आरक्षित किए हैं।
​वर्दी भत्ते में वृद्धि: वर्दी पहनने वाले कर्मचारियों के लिए धुलाई एवं सिलाई भत्ते में 50% की वृद्धि का स्वागत करते हुए तिवारी ने कहा कि पिछले कई वर्षों से इसमें कोई इजाफा नहीं हुआ था, जिसके लिए वे लंबे समय से मांग कर रहे थे।
​पुरानी पेंशन (OPS) का मुद्दा फिर गरमाया
​जहाँ एक ओर जे.एन. तिवारी ने लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों एवं सदस्यों की पेंशन बढ़ाए जाने के निर्णय का स्वागत किया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि "सरकार अन्य पदों के लिए पेंशन पर सकारात्मक कदम उठा रही है, लेकिन 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारी आज भी पुरानी पेंशन से वंचित हैं। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।"
​अफसरशाही पर उठाए सवाल, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
​अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने प्रदेश की अफसरशाही की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों से कर्मचारी संगठनों के साथ संवादहीनता बनी हुई है, जिसके कारण कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने इसे अफसरशाही की विफलता करार देते हुए कहा कि एक लोकप्रिय सरकार में समस्याओं का समाधान न होना चिंताजनक है।
​अंत में, जे.एन. तिवारी ने चुनावी वर्ष को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु एक उच्चस्तरीय वार्ता आयोजित करने का आग्रह किया है।
​अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

ब्रेकिंग प्रयागराज

​स्थान: प्रयागराज
रिपोर्ट: मोहम्मद शाकिर
​प्रयागराज: राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) चौकी फाफामऊ में तैनात सिपाही शुभम यादव ने मानवता और जनसेवा का एक ऐसा उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है, जिसकी हर तरफ भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है। अपनी ड्यूटी खत्म होने के बाद उन्होंने एक जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए आधी रात को रक्तदान कर एक बच्ची को नया जीवन दिया।
​क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, रात करीब 10 बजे अपनी ड्यूटी खत्म कर लौट रहे सिपाही शुभम यादव को रास्ते में एक 62 वर्षीय बुजुर्ग मिले। बुजुर्ग ने सिपाही से बस स्टैंड तक छोड़ने का अनुरोध किया। सफर के दौरान बातचीत में बुजुर्ग ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उनकी छोटी बेटी अस्पताल में भर्ती है और उसके ऑपरेशन के लिए तत्काल खून की जरूरत है। वह रक्तदाता की तलाश में अपने गांव जा रहे थे, क्योंकि काफी कोशिशों के बाद भी कोई मदद के लिए आगे नहीं आया था।
​देवदूत बनकर अस्पताल पहुंचे सिपाही
बुजुर्ग पिता की ये बेबसी सुनकर सिपाही शुभम यादव ने बिना एक पल गंवाए खुद रक्तदान करने का फैसला लिया। वह बुजुर्ग के साथ तुरंत अस्पताल पहुंचे और रात करीब 1 बजे अपना रक्तदान कर उस मासूम बच्ची की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
​परिजनों के छलके खुशी के आंसू
सिपाही द्वारा किए गए इस नेक काम के बाद बच्ची के परिजनों की आंखों में खुशी और राहत के आंसू साफ छलक रहे थे। भावुक परिजनों ने कहा कि रास्ते में मिले एक अनजान पुलिसकर्मी ने उनके लिए देवदूत बनकर उनकी सबसे बड़ी चिंता दूर कर दी।
​'इससे बड़ा कोई धर्म नहीं'
इस पुनीत कार्य पर सिपाही शुभम यादव ने कहा, "यदि हमारे एक यूनिट रक्त से किसी की जान बच सकती है, तो इससे बड़ा कोई धर्म और सच्ची सेवा नहीं हो सकती। हर स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान जरूर करना चाहिए।"
​यूपी पुलिस का मानवीय चेहरा
सिपाही शुभम यादव के इस मानवीय कार्य की पूरे क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। आम जनमानस का कहना है कि उत्तर प्रदेश पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में ही नहीं, बल्कि मानव सेवा और अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में भी हमेशा अग्रणी रहती है। शुभम यादव का यह कदम समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
​संपादकीय नोट (आपके उपयोग के लिए):
​थंबनेल सुझाव: जीआरपी सिपाही शुभम यादव की फोटो के साथ अस्पताल का बैकग्राउंड और टेक्स्ट में लिखें - "खाकी बनी देवदूत: आधी रात को रक्तदान कर बचाई मासूम की जान": Prayagraj News, GRP Phaphamau, UP Police, Blood Donation, Humanity, Mohammad Shakir Report.

गंगा स्नान कर वापस लौट रहे टेंपो पलटने से पांच बच्चे व दो महिलाएं गंभीर रूफ से घायल

गंगा स्नान कर लौट रहे टेंपो के पलटने से पांच बच्चे, दो महिलाएं व चालक घायल

रामघाट (बुलंदशहर)। थाना रामघाट क्षेत्र में गंगा स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा एक टेंपो जर्जर सड़क के कारण अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में टेंपो चालक सहित पांच बच्चे और दो महिलाएं घायल हो गए। सूचना मिलते ही रामघाट पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को एंबुलेंस की सहायता से उपचार के लिए अतरौली अस्पताल भिजवाया।

जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ के एटा चुंगी निवासी सोनू पुत्र चंद्रपाल सिंह अपने परिवार के साथ गंगा स्नान कर टेंपो संख्या UP 81 AT 3735 से वापस लौट रहे थे। जैसे ही टेंपो थाना रामघाट क्षेत्र में अलीगढ़-रामघाट कल्याण सिंह मार्ग पर बॉर्डर के समीप पहुंचा, जर्जर सड़क के कारण वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया।

हादसे में शिव (11 वर्ष), हेमंत (12 वर्ष), अंजलि (10 वर्ष), कौशल (15 वर्ष) और विवेक (9 वर्ष) सहित दो महिलाएं और चालक घायल हो गए। दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायलों को टेंपो से बाहर निकाला और सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

घटना की सूचना पर उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतरौली भेजा। हादसे के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने सुचारु कराया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि अलीगढ़-रामघाट कल्याण सिंह मार्ग की जर्जर हालत लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। उन्होंने सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
अटल सत्य टी वी के लिये ब्यूरो रिपोर्ट दीपक भारतद्वाज अलीगढ?

यदि योगी आदित्यनाथ छोड़ते हैं कुर्सी तो क्या होगा 2027 चुनाव का समीकरण

विशेष विश्लेषण: यदि योगी आदित्यनाथ छोड़ते हैं कुर्सी, तो क्या होगा 2027 का राजनीतिक समीकरण?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में 'योगी आदित्यनाथ' का नाम केवल एक मुख्यमंत्री का नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'हिंदुत्व' और 'कानून-व्यवस्था' के उस 'त्रिशूल मॉडल' का पर्याय बन चुका है, जिसने राज्य में सत्ता के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। हालाँकि, हालिया राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं और विपक्ष के दावों के बीच, यह सवाल अक्सर उठता है कि 'यदि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हैं, तो 2027 के चुनाव में भाजपा की क्या स्थिति होगी?'

​'अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24' की पड़ताल और राजनीतिक जानकारों की राय के आधार पर, इस काल्पनिक लेकिन महत्वपूर्ण परिस्थिति का विश्लेषण यहाँ प्रस्तुत है:

​1. भाजपा की 'फेस' वैल्यू का संकट

​भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि 2027 का विधानसभा चुनाव योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। यदि वे पद छोड़ते हैं, तो भाजपा के सामने सबसे बड़ा संकट एक ऐसा चेहरा ढूंढने का होगा, जो योगी जैसी 'हिन्दू हृदय सम्राट' की छवि और 'बुलडोजर' जैसी कठोर प्रशासनिक कार्यशैली को प्रतिस्थापित कर सके। योगी का व्यक्तित्व भाजपा के कैडर और आम जनता के बीच एक अटूट सेतु है; उनके बिना पार्टी को 'नेतृत्व का शून्य' भरने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ सकती है।

​2. '80 बनाम 20' के फॉर्मूले पर प्रभाव

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं 2027 की लड़ाई को '80 बनाम 20' का आधार दे चुके हैं। उनका स्पष्ट रुख है कि कानून-व्यवस्था और सनातन संस्कृति पर समझौता न करना ही उनका मूल मंत्र है। यदि चेहरा बदलता है, तो भाजपा का यह चुनावी नैरेटिव कमजोर पड़ सकता है। विपक्ष, जो पहले से ही जातीय जनगणना और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) जैसे मुद्दों के जरिए भाजपा को घेर रहा है, उसे अपनी रणनीति को और अधिक आक्रामक बनाने का मौका मिल जाएगा।

​3. संगठनात्मक असंतोष और आंतरिक कलह

​योगी आदित्यनाथ के पद छोड़ने की स्थिति में भाजपा के भीतर पावर सेंटर को लेकर खींचतान बढ़ सकती है। पार्टी के पुराने निष्ठावान और नए चेहरों के बीच सत्ता संघर्ष का सीधा असर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं पर पड़ेगा। इससे बूथ मैनेजमेंट में ढिलाई आ सकती है, जिसका सीधा फायदा विपक्षी दलों—खासकर समाजवादी पार्टी—को मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

​4. प्रशासनिक प्रभाव: 'लॉ एंड ऑर्डर' पर सवाल

​यूपी में योगी सरकार की सबसे बड़ी यूएसपी 'लॉ एंड ऑर्डर' है। उत्तर प्रदेश की जनता ने अपराध मुक्त शासन का जो अनुभव किया है, उसे योगी के व्यक्तित्व से जोड़कर देखा जाता है। किसी अन्य नेतृत्व के आने पर यदि अपराध नियंत्रण में जरा सी भी ढील आई, तो यह भाजपा के लिए चुनावी हार का बड़ा कारण बन सकता है।

​5. विपक्ष को मिलेगी 'संजीवनी'

​योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा विपक्ष के लिए एक 'संजीवनी' के समान होगा। अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी दल इसे 'भाजपा की अंदरूनी विफलता' और 'नेतृत्व का पतन' करार देकर जनता के बीच एक बड़ा प्रोपेगेंडा खड़ा कर सकते हैं। यह स्थिति उन मतदाताओं को भाजपा से दूर कर सकती है जो केवल 'मोदी-योगी' की जोड़ी के भरोसे भाजपा को वोट देते आए हैं।

निष्कर्ष

​अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान परिदृश्य में योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा भाजपा के लिए आत्मघाती कदम साबित हो सकता है। पार्टी का पूरा चुनावी ताना-बाना फिलहाल योगी के इर्द-गिर्द बुना गया है। यदि यह धुरी हटती है, तो 2027 की लड़ाई भाजपा के लिए 'वॉल्कओवर' के बजाय एक कठिन चुनौती बन जाएगी।

​फिलहाल, भाजपा नेतृत्व का स्पष्ट संदेश है कि योगी आदित्यनाथ ही 2027 का चेहरा हैं और पार्टी उन्हीं की अगुवाई में अपनी जीत की हैट्रिक लगाने के लिए तैयार है।

संवाददाता: अटल सत्य टीम

स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश

क्या आपको लगता है कि योगी आदित्यनाथ के बिना भाजपा 2027 में अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रख पाएगी? अपनी राय हमें नीचे कमेंट में जरूर बताएं।

अलीगढ़ अतरौली में अस्पताल चल रहा राम भरोसे जांच में खुली पोल

​अतरौली: 100 बेड के राजकीय अस्पताल में 'भगवान भरोसे' मरीज, फायर सेफ्टी उपकरण बने शोपीस
​अलीगढ़/अतरौली: अतरौली स्थित 100 शैय्या (बेड) वाले राजकीय अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मंगलवार को फायर सर्विस की टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण ने अस्पताल प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से लगाए गए अग्नि सुरक्षा उपकरण पूरी तरह से निष्प्रभावी और 'शोपीस' साबित हुए हैं।
​जांच में खुली लापरवाही की पोल
​फायर ब्रिगेड की टीम ने जब अस्पताल का निरीक्षण किया, तो वहां सुरक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई। जांच में जो मुख्य कमियां पाई गईं, वे इस प्रकार हैं:
​सायरन व्यवस्था ठप: आपात स्थिति में चेतावनी देने के लिए लगाए गए सायरन वर्षों से बंद पड़े हैं।
​पानी का कोई इंतजाम नहीं: आग बुझाने के लिए जरूरी पानी की आपूर्ति और उससे जुड़ी प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त मिली।
​उपकरणों की अनदेखी: लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण सुरक्षा उपकरण कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं।
​विशेषज्ञों का मानना है कि इन खामियों के कारण अस्पताल परिसर में कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है, जिससे मरीजों और कर्मचारियों की जान खतरे में है।
​अधीक्षक को जारी हुआ नोटिस, कार्रवाई की चेतावनी
​फायर सर्विस की टीम ने इस गंभीर लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) को मौके पर ही नोटिस थमाया है। टीम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एक निश्चित समय सीमा के भीतर सभी सुरक्षा उपकरणों को दुरुस्त कराया जाए।
​अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर व्यवस्थाएं ठीक नहीं की जाती हैं और कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी और उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
​रिपोर्ट: दीपक भारद्वाज, अलीगढ़
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

प्रयागराज में गरजे अखिलेश यादव पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर

​प्रयागराज में गरजे अखिलेश यादव: पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा, कहा- 'बड़ी मछलियाँ अभी भी बाहर'
​प्रयागराज: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज प्रयागराज में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने राज्य में लगातार हो रहे पेपर लीक, लचर शिक्षा व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए।
​'युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़'
​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की मेहनत का मजाक उड़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक विफलता के कारण बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं और सरकार इसके लिए जिम्मेदार लोगों तक पहुँचने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
​'छोटी मछलियों पर कार्रवाई, बड़ी मछलियों को संरक्षण'
​सरकार की जाँच प्रक्रिया पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा:
​"सरकार केवल खानापूर्ति कर रही है। इस पूरे तंत्र में केवल छोटी मछलियों को पकड़ा जा रहा है, जबकि असली गुनहगार यानी 'बड़ी मछलियाँ' अभी भी कानून की पकड़ से दूर हैं और आजाद घूम रही हैं।"
​जवाबदेही तय करने की मांग
​अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि प्रदेश को अब शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल सुधार और युवाओं के लिए ठोस रोजगार की जरूरत है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह इन मुद्दों पर अपनी जवाबदेही तय करे। उन्होंने अंत में चेतावनी के लहजे में कहा कि जनता अब खोखले वादों से थक चुकी है और आने वाले समय में इन मुद्दों पर सरकार को अपना कड़ा निर्णय देगी।
​रिपोर्ट: मोहम्मद शाकिर, प्रयागराज।
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

अयोध्या राम मंदिर चंदा घोटाले में बड़ा बयान करणी सेना सनातन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विपक्ष को बताया कालनेमि

​अयोध्या: राम मंदिर चंदा घोटाले पर करणी सेना सनातन का बड़ा बयान, 'कालनेमी' बताकर विपक्ष पर साधा निशाना
​अयोध्या: करणी सेना सनातन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह राजा ने आज अयोध्या प्रेस क्लब में आयोजित एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर चंदा घोटाला प्रकरण, अयोध्या गोलीकांड और राजनीतिक बयानबाजी पर तीखे तेवर अपनाते हुए कई अहम माँगें रखीं।
​चंदा घोटाले में SIT की जाँच पर जताया भरोसा
​चंदा घोटाला प्रकरण पर बोलते हुए आशीष सिंह राजा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित एसआईटी (SIT) की जाँच से वे पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने मांग की कि इस मामले में जो भी आरोपी पकड़े गए हैं, उन्हें कठोरतम दंड मिलना चाहिए। साथ ही, उन्होंने आरोपियों द्वारा अर्जित की गई अवैध संपत्तियों की गहन जाँच की पुरजोर वकालत की।
​अयोध्या बार एसोसिएशन के फैसले का स्वागत
​राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अयोध्या बार एसोसिएशन द्वारा आरोपियों का मुकदमा न लड़ने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे एक सराहनीय कदम बताया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अयोध्या गोलीकांड की अविलंब न्यायिक जाँच कराने की माँग दोहराई।
​स्वामी प्रसाद मौर्य पर बरसे, विपक्ष को बताया 'कालनेमी'
​स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए अनर्गल बयानों पर नाराजगी जताते हुए आशीष सिंह राजा ने उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा:
​"जो लोग कभी प्रभु राम के अस्तित्व को नकारते थे और उच्चतम न्यायालय में वकीलों की फौज खड़ी कर राम मंदिर निर्माण रोकने की कोशिश करते थे, वे आज रामभक्त होने का ढोंग कर रहे हैं। ये लोग 'कालनेमी' हैं, जो समय देखकर अपना रूप बदल लेते हैं।"
​उन्होंने आगे कहा कि जो नेता पहले मौलवियों और मुल्लाओं के आगे झुककर हिंदू हितों की अनदेखी करते थे, आज वे ही प्रभु राम के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।
​पत्रकार वार्ता में इनकी रही उपस्थिति
​इस पत्रकार वार्ता में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
​राहुल सिंह केशरी (मया बाजार): अवध क्षेत्र अध्यक्ष
​अशोक ओझा (प्रयागराज): पूर्वांचल क्षेत्र अध्यक्ष
​जय बहादुर सिंह: पूर्वांचल क्षेत्र संगठन मंत्री
​दुर्गेश पांडेय: राष्ट्रीय अध्यक्ष, युवा मोर्चा
​बालमुकुंद तिवारी: राष्ट्रीय प्रवक्ता
​इनके साथ अभिषेक सिंह, दिनेश यादव, सुमित ओझा, सत्येंद्र द्विवेदी और राजीव रंजन मिश्र समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
​साभार: बालमुकुंद तिवारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता, करणी सेना

ब्रेकिंग अलीगढ दीपक भारतद्वाज की रिपोर्ट

फरीदाबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत, गांव बहराबद में पसरा मातम
​अतरौली/बहराबद (अलीगढ़): फरीदाबाद में काम करने वाले अतरौली क्षेत्र के गांव बहराबद निवासी एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक की पहचान प्रदीप लोधी (पुत्र सत्यपाल लोधी, चक्की वाले) के रूप में हुई है, जो वहां एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। इस दुखद सूचना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
​तीन दिनों से संपर्क कटा था
मृतक के पिता सत्यपाल लोधी ने बताया कि प्रदीप से उनका संपर्क पिछले तीन दिनों से टूटा हुआ था, उसका मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा था। शुक्रवार को जब उन्हें फोन पर बेटे के निधन की हृदयविदारक सूचना मिली, तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सूचना मिलते ही परिजन और रिश्तेदार तुरंत फरीदाबाद के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव लाया जाएगा।
​समाज ने बढ़ाया मदद का हाथ
युवक की असामयिक मौत की जानकारी मिलते ही वार्ड-44 के जिला पंचायत सदस्य डॉ. पुष्पेंद्र लोधी ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा प्रदेश लोधी समाज के प्रदेश अध्यक्ष देव सिंह लोधी, एलआर ब्रांड (LR Brand) के संस्थापक सुशील लोधी तथा कल्याण महासभा के संयोजक ओंकार लोधी सहित अन्य पदाधिकारियों को सूचित किया और पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करने का आग्रह किया। डॉ. लोधी के अनुरोध पर समाज के कई प्रतिनिधि घटनास्थल पर पहुंचकर परिवार को सहायता और ढांढस बंधाने में जुट गए हैं।
​परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
प्रदीप के निधन से उनकी मां, बहन और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम का माहौल है और ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं। डॉ. पुष्पेंद्र लोधी ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को यह अपार दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
​परिजनों के प्रति अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24 की गहरी संवेदनाएं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
​ॐ शांति।
​रिपोर्ट: दीपक भारद्वाज, अलीगढ़
अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24

यूपी विधानसभा 2027 चुनाव को लेकर राष्ट्रीय लोक मोर्चा का बड़ा ऐलान एनडीए के साथ मिलकर लड़ेंगी चुनाव

यूपी विधानसभा चुनाव 2027: राष्ट्रीय लोक मोर्चा का बड़ा ऐलान, NDA के साथ मिलकर लड़ेगी चुनाव; संगठन का किया विस्तार
​लखनऊ | उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में आज लखनऊ स्थित 'उत्तर प्रदेश मीडिया क्लब' में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर रामकुमार राणा के नेतृत्व में आयोजित इस वार्ता में संगठन की भविष्य की रणनीतियों और आगामी चुनावों में पार्टी की भूमिका को लेकर स्पष्ट संदेश दिया गया।
​NDA की मजबूती के लिए पूरी तरह तैयार: ए.के. वाजपेयी
​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ए.के. वाजपेयी ने स्पष्ट किया कि पार्टी आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा, "हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा जी उत्तर प्रदेश का सघन दौरा करेंगे और एनडीए गठबंधन को जमीनी स्तर पर अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेंगे।"
​वाजपेयी ने आगे कहा कि पार्टी 20 सूत्रीय कार्यक्रम के माध्यम से 'अंत्योदय' का संकल्प लेकर अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य करेगी।
​संगठन विस्तार: नई जिम्मेदारियों के साथ सक्रिय हुई टीम
​प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर रामकुमार राणा ने संगठन को नया आयाम देते हुए नई नियुक्तियों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि ये पद केवल राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक 'पवित्र संकल्प' हैं। नियुक्तियों का विवरण इस प्रकार है:
​अरुण चौधरी: प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश
​अंकित यादव: प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश
​हरेन्द्र सिंह: प्रदेश सचिव, उत्तर प्रदेश
​अजय कुमार सिंह: प्रदेश अध्यक्ष, पश्चिम उत्तर प्रदेश
​गठबंधन धर्म का निर्वहन और सामाजिक न्याय का संकल्प
​पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पृथ्वीराज यादव ने कहा कि हमारा संगठन चुनावी समर के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। हम गठबंधन के सिद्धांतों के प्रति पूर्णतः समर्पित हैं और शीर्ष नेतृत्व द्वारा जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उसका अक्षरशः पालन करेंगे।
​प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार राणा ने जोर देकर कहा कि पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड समेत पूरे प्रदेश में संगठन को मजबूत किया जा रहा है। पार्टी का मुख्य लक्ष्य सामाजिक संतुलन स्थापित करना, वंचित तबकों का उत्थान करना और 'सबकी भागीदारी, सबके विकास' के संकल्प को धरातल पर उतारना है।
​इस प्रेस वार्ता में बड़ी संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने आगामी चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत का संकल्प लिया।
दिनकर मिश्रा मिडिया प्रभारी 
राष्ट्रीय लोक मोर्चा उत्तर प्रदेश
​ब्यूरो रिपोर्ट अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24
ब्यूरो रिपोर्ट, लखनऊ

Bihar भरत तिवारी एनकाउंटर को जालौन में बताया गया निर्मम हत्या विभिन्न संगठनों द्वारा निकाला गया कैंडल मार्च

​बिहार के भरत तिवारी हत्याकांड के विरोध में जालौन में उमड़ा जनसैलाब: कैंडिल मार्च निकालकर माँगी न्याय की गुहार
​जालौन: बिहार में हुई भरत तिवारी की नृशंस हत्या (इनकाउंटर) के विरोध में आज जालौन की सड़कों पर न्याय की मांग को लेकर जनसैलाब उमड़ पड़ा। विभिन्न सामाजिक और वैचारिक संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में एक विशाल कैंडिल मार्च टाउनहॉल से शुरू होकर परशुराम चौक तक निकाला गया।
​न्याय की पुरजोर माँग
​प्रदर्शनकारियों ने भरत तिवारी हत्याकांड को एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए इसे 'इनकाउंटर' के बजाय 'मर्डर' बताया। हाथों में कैंडिल और तख्तियां लेकर चल रहे लोगों ने सरकार और प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दिलाने की पुरजोर मांग की। वक्ताओं ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
​इन संगठनों ने भरी हुंकार
​न्याय यात्रा में प्रमुख रूप से नेशनल एंटी करप्शन कमेटी (जालौन), ब्राह्मण महासभा, परशुराम सेना और मानवाधिकार आयोग सहित कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
​मार्च में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
​इस श्रद्धांजलि व विरोध मार्च में समाज के प्रबुद्ध वर्ग, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भारी उपस्थिति रही। मार्च में प्रमुख रूप से:
​विश्वंभर नारायण तिवारी, नारायण हरि अवस्थी, राम पटेरिया, अवनीश अवस्थी, राज शुक्ला।
​सीटू तिवारी (एडवोकेट), कर्मक्षेत्र अवस्थी (एडवोकेट), डॉ. स्वयं प्रभा दुबे, सविता सिंदूर, अमृता सक्सेना।
​आशीष चतुर्वेदी (विधायक प्रतिनिधि), दिनेश गुप्ता, मानवोत्तम द्विवेदी, अंकिता त्रिपाठी।
​इनके अलावा अरुणेश बाजपेई, गौरव तिवारी, नरेंद्र चतुर्वेदी (नाती भाऊ), अंकित तिवारी, मनीष शर्मा सहित भारी संख्या में स्थानीय नागरिक और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
​प्रशासन को संदेश
​टाउनहॉल से परशुराम चौक तक निकले इस शांतिपूर्ण मार्च के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समाज का हर वर्ग भरत तिवारी के परिवार के साथ खड़ा है और उन्हें न्याय दिलाकर ही दम लेगा। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
​अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के लिए विशेष रिपोर्ट।