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लखनऊ: डीसीपी पश्चिम का सख्त निर्देश, लंबित मामलों का हो जल्द निस्तारण

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शानदार उपलब्धि! अतरौली के भाई-बहन ने किया कमाल, अब सीधे विधानसभा सदन में उठाएंगे जनता की आवाज।।

​अतरौली के भाई-बहन की जोड़ी का कमाल: विधानसभा की दहलीज तक पहुँचेंगे प्रियांशू और प्राची भारद्वाज ​ लखनऊ/अलीगढ़। प्रतिभा किसी...

शानदार उपलब्धि! अतरौली के भाई-बहन ने किया कमाल, अब सीधे विधानसभा सदन में उठाएंगे जनता की आवाज।।


​अतरौली के भाई-बहन की जोड़ी का कमाल: विधानसभा की दहलीज तक पहुँचेंगे प्रियांशू और प्राची भारद्वाज

लखनऊ/अलीगढ़। प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती, और जब इरादे फौलादी हों तो ग्रामीण अंचलों की पगडंडियाँ सीधे सत्ता के गलियारों तक का रास्ता तय करती हैं। अलीगढ़ के अतरौली की माटी का गौरव बढ़ाते हुए प्रियांशू भारद्वाज और उनकी बहन प्राची भारद्वाज ने एक नया इतिहास रच दिया है।

​भारत सरकार के 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat) अभियान के तहत इन दोनों भाई-बहनों का चयन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित होने वाली 'राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद' के लिए हुआ है।

​विधानसभा में गूंजेगी अलीगढ़ की आवाज

​भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत अलीगढ़ जनपद से मात्र 5 मेधावियों का चयन किया गया है, जिनमें प्रियांशू और प्राची ने अपनी जगह पक्की की है। 01 मई से 03 मई 2026 तक चलने वाले इस गौरवशाली कार्यक्रम में ये दोनों युवा विधानसभा सदन के भीतर 'विकसित भारत' के विजन पर अपना कौशल और विचार प्रस्तुत करेंगे।

​जिला प्रशासन ने दी आधिकारिक मंजूरी

​जिला युवा अधिकारी सोनाली नेगी ने आधिकारिक रूप से इनके नामों की पुष्टि कर दी है। प्रियांशू भारद्वाज, जो पहले ही राष्ट्रीय स्तर पर 'यूथ आइकॉन' के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं, अब अपनी बहन प्राची के साथ मिलकर सदन में अतरौली और अलीगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।

​ग्रामीण प्रतिभा का वैश्विक उदय

​एक ही परिवार के दो सगे भाई-बहनों का राज्य स्तर की इस प्रतिष्ठित युवा संसद के लिए चुना जाना पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है। 30 अप्रैल को यह दल लखनऊ के लिए रवाना हो चुका है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर विधानसभा के सदन तक पहुँचने का यह सफर उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखते हैं।

मुख्य बिंदु:

  • चयनित प्रतिभागी: प्रियांशू भारद्वाज एवं प्राची भारद्वाज।
  • स्थान: राज्य विधानसभा, लखनऊ।
  • अवधि: 01 से 03 मई 2026।
  • आयोजक: मेरा युवा भारत (भारत सरकार)।

रिपोर्ट: दीपक भारद्वाज, अलीगढ़

अलीगढ़ स्वास्थ्य विभाग में बड़ा खेल: 118 नियुक्तियों की फाइलें 'लापता', भ्रष्टाचार या सोची-समझी साजिश?

अलीगढ़ स्वास्थ्य विभाग: 118 नियुक्तियां और 'लापता' फाइलें— भ्रष्टाचार का बड़ा खेल या महज लापरवाही?
अलीगढ़ (दीपक भारद्वाज): सरकारी विभागों में 'फाइलें गुम होना' अक्सर किसी बड़े सच को दफन करने का पुराना तरीका माना जाता है। लेकिन जब मामला 118 परिवारों के भविष्य और सरकारी खजाने से जुड़ी नियुक्तियों का हो, तो यह 'गुमशुदगी' सीधे तौर पर सिस्टम की नीयत पर सवाल खड़ा करती है। अलीगढ़ स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2012 में हुई संविदा भर्तियों का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है, जिसने विभाग की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
क्या है पूरा प्रकरण?
मामला वर्ष 2012 का है, जब अलीगढ़ स्वास्थ्य विभाग में 30 डॉक्टरों सहित कुल 118 पदों पर संविदा कर्मियों की भर्ती की गई थी। सरकारी नियमावली के अनुसार, ऐसी नियुक्तियों के लिए विज्ञापन जारी करना, इंटरव्यू बोर्ड का गठन और चयन मेरिट की फाइलों का सुरक्षित होना अनिवार्य है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जब इन भर्तियों की पारदर्शिता पर आरटीआई (RTI) के जरिए जवाब मांगा गया, तो विभाग ने हाथ खड़े करते हुए कह दिया— "रिकॉर्ड गायब है!"
अजीबोगरीब दलील: शिफ्टिंग में खो गए दस्तावेज
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय की ओर से तर्क दिया गया है कि वर्ष 2015 में जब कार्यालय की शिफ्टिंग हुई थी, उसी दौरान ये महत्वपूर्ण दस्तावेज संभवतः नष्ट हो गए या खो गए। सवाल यह उठता है कि क्या 118 लोगों की नियुक्ति प्रक्रिया इतनी मामूली थी कि उसे रद्दी समझकर छोड़ दिया गया? आखिर इन दस्तावेजों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और बाबुओं पर अब तक जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई?
सूचना आयोग की सख्ती के बाद भी विभाग 'मौन'
यह मामला राज्य सूचना आयोग की चौखट तक भी पहुँचा। आयोग ने इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए धारा 20 के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी। लेकिन हकीकत यह है कि एक साल से अधिक का समय बीत जाने और दर्जनों पेशियों के बावजूद, न तो वह 'खोया' हुआ रिकॉर्ड मिला और न ही किसी दोषी पर गाज गिरी।
सिस्टम से 'अटल सत्य' टीवी न्यूज़ 24 के कुछ चुभते सवाल:
विज्ञापन का रहस्य: यदि नियुक्तियां निष्पक्ष थीं, तो वह विज्ञापन कहाँ है जो अखबारों में जारी किया गया था?
चयन प्रक्रिया: इंटरव्यू बोर्ड में कौन-कौन शामिल था और किस मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन हुआ?
दबाव की राजनीति: पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। आखिर विभाग किसे बचाने की कोशिश कर रहा है?
निष्कर्ष
फाइलों का 'लापता' होना अक्सर इस बात का संकेत होता है कि पर्दे के पीछे बहुत कुछ ऐसा है जिसे सामने आने से रोका जा रहा है। अलीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की यह खामोशी चीख-चीखकर कह रही है कि शायद नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को रेवड़ियां बांटी गई थीं।
अब देखना यह होगा कि क्या उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य मंत्रालय और शासन इस मामले का संज्ञान लेकर उन 118 नियुक्तियों की उच्चस्तरीय जांच कराएगा, जिनकी फाइलें वर्तमान में 'साजिश के मलबे' में दबी नजर आ रही हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट: दीपक भारद्वाज अलीगढ़।


क्राइम खबर अलीगढ़ लापता युवक का शव मिला झाड़ियों में।

अतरौली: तीन दिन से लापता युवक का शव काली नदी में मिला, परिजनों में मची चीख-पुकार

अतरौली (अलीगढ़): तहसील क्षेत्र के ग्राम आलमपुर में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पिछले तीन दिनों से लापता एक युवक का शव शुक्रवार सुबह काली नदी में उतराता हुआ मिला। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

क्या है पूरा मामला?

​जानकारी के मुताबिक, ग्राम आलमपुर निवासी नितिन कुमार (32 वर्ष), पुत्र जंगली सिंह, बीते 29 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गया था। परिजनों ने अपने स्तर पर हर संभावित जगह नितिन की तलाश की, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने नदी के किनारे शव को देखा।

मौके पर जुटी भारी भीड़

​शव मिलने की सूचना जैसे ही गांव में फैली, काली नदी के किनारे लोगों का भारी मजमा लग गया। ग्रामीणों की शिनाख्त के बाद शव की पहचान नितिन के रूप में हुई। मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान वीरपाल सिंह ने तत्काल स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी दी।

पुलिस की कार्रवाई

​सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के सहयोग से शव को नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम के लिए अलीगढ़ जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक

​घटना की जानकारी मिलते ही वार्ड संख्या 5 के पूर्व जिला पंचायत सदस्य रूप सिंह पहलवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और दुःख की इस घड़ी में हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

रिपोर्ट: दीपक भारद्वाज

संपादन: न्यूज़ डेस्क, अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

स्थान: अलीगढ़

पक्षी मित्र अभियान के साथ साधना सिंह को श्रद्धांजलि: निपानिया में सेवा और संवेदना का अनूठा संगम।

: निपानिया की आशीर्वाद विला सोसायटी में “पक्षी मित्र अभियान” के साथ पुण्य स्मरण
इंदौर आटल सत्य टी वी न्यूज 24 के लिए अजय बियानी की रिपोर्ट।
इंदौर, निपानिया। दिनांक १ मई को स्वर्गीय साधना सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर निपानिया स्थित आशीर्वाद विला सोसायटी में एक प्रेरणादायक सामाजिक पहल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सोसायटी के सदस्यों ने घनश्याम सिंह के साथ मिलकर “पक्षी मित्र अभियान” के अंतर्गत पक्षियों के लिए दाना-पानी हेतु सकोरों का वितरण किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी नागरिकों ने संकल्प लिया कि वे प्रतिदिन पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था करेंगे, ताकि बढ़ती गर्मी में पक्षियों को राहत मिल सके। इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी दिया गया।
इस अवसर पर योग प्रशिक्षक निधि बांगर, वीरेन्द्र चौधरी, रंजना बघेल, ज्योति रमानी, अनिता मुंद्रे, आशीष, रामकृष्ण यादव, उपाध्याय जी, श्रीवास्तव जी, राखी एवं अनन्या सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
साथ ही, रोटरी क्लब ऑफ इंदौर मेघदूत एवं लायंस क्लब ऑफ इंदौर सनशाइन के सदस्यों ने स्वर्गीय साधना सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सेवा कार्यों को स्मरण किया।
कार्यक्रम में विनय गुप्ता, घनश्याम सिंह तथा पत्रकार एवं पूर्व पार्षद गणेश चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने ऐसे जनहितकारी अभियानों को निरंतर जारी रखने पर जोर दिया।

निपानिया में धुएं का कहर: खुले में कचरा जलाने से बढ़ता प्रदूषण, लोगों ने की कार्रवाई की मांग।

स्लग: निपानिया में कचरा जलाने से बढ़ता प्रदूषण
स्थान: इंदौर
रिपोर्ट: अजय बियानी | अटल सत्य TV न्यूज 24
इंदौर के निपानिया क्षेत्र में खुले में कचरा जलाने की समस्या ने स्थानीय रहवासियों की चिंता बढ़ा दी है। डी-मार्ट के सामने स्थित फूड ज़ोन इलाके में लगातार कचरा जलाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे क्षेत्र में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कचरे के उचित निस्तारण की प्रक्रिया अपनाने के बजाय नियमों को दरकिनार कर उसे खुले में जलाया जा रहा है। इससे उठने वाला घना धुआं आसपास के वातावरण को दूषित कर रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है।
खासतौर पर सुबह और शाम के समय मॉर्निंग वॉक और ईवनिंग वॉक के लिए निकलने वाले लोगों को धुएं के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों का कहना है कि इससे सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं।
क्षेत्र के नागरिकों ने नगर निगम से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और कचरा प्रबंधन के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की अपील की है, ताकि निपानिया क्षेत्र में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण कायम रह सके।

मुजरिम को पकड़ने की धुन में कुर्बान किए पैर, UP पुलिस ने निभाया फर्ज; सिपाही आकाश को मिली ₹1.50 करोड़ की सहायता।


खाकी का जज्बा: आरोपी को पकड़ने में गंवाए दोनों पैर, DGP ने सिपाही आकाश सिंह को सौंपी 1.5 करोड़ की सहायता राशि

गोण्डा/लखनऊ | ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण

​उत्तर प्रदेश पुलिस के एक जांबाज सिपाही की बहादुरी और उसके बाद आई दुखों की आंधी में विभाग ने संबल प्रदान किया है। गोण्डा जीआरपी में तैनात सिपाही आकाश सिंह, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान की परवाह न करते हुए एक आरोपी को पकड़ने के प्रयास में अपने दोनों पैर गंवा दिए, उन्हें आज डीजीपी मुख्यालय में बड़ी आर्थिक मदद प्रदान की गई।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने खुद सौंपा चेक

​उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने आज घायल सिपाही आकाश सिंह की पत्नी को डीजीपी मुख्यालय बुलाकर 1 करोड़ 50 लाख रुपये (डेढ़ करोड़) की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। यह राशि बैंक ऑफ बड़ौदा के माध्यम से प्रदान की गई है। इस दौरान डीजीपी ने परिवार को ढांढस बंधाया और सिपाही के साहस की सराहना की।

कैसे हुआ था यह दर्दनाक हादसा?

​घटना 31 मार्च की देर रात की है। सिपाही आकाश सिंह जीआरपी कस्टडी से भाग रहे एक आरोपी का पीछा कर रहे थे। फर्ज के प्रति जुनून ऐसा था कि वह दौड़ते हुए ट्रेन की चपेट में आ गए।

  • पहला पैर: मौके पर ही एक पैर पूरी तरह कट गया था।
  • दूसरा पैर: उन्हें तत्काल लखनऊ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों को उनका दूसरा पैर भी काटना पड़ा।
  • वर्तमान स्थिति: सिपाही आकाश सिंह अब पूरी तरह चलने में असमर्थ हैं और अस्पताल में जीवन की जंग लड़ रहे हैं।

अब तक मिली कुल सहायता

​पुलिस विभाग और प्रशासन आकाश सिंह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। डेढ़ करोड़ की इस बड़ी राशि से पहले भी उन्हें कई स्तरों पर मदद मिली है:

  1. 1 अप्रैल: डीजीपी ने 1 लाख रुपये की प्रारंभिक मदद दी।
  2. 10 अप्रैल: जीआरपी अनुभाग गोरखपुर द्वारा 10.88 लाख रुपये की सहायता।
  3. जीआरपी लखनऊ: अनुभाग द्वारा 5.14 लाख रुपये की मदद दी गई।

विभागीय जांच पर टिकी नजरें

​इस पूरी घटना को लेकर एक विभागीय जांच भी चल रही है। जांच शुरू हुए एक माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक अंतिम रिपोर्ट आनी बाकी है। जीआरपी पुलिस अधीक्षक (गोरखपुर) लक्ष्मी निवास मिश्रा ने बताया कि:

​"सिपाही आकाश सिंह का इलाज लखनऊ में चल रहा है। विभाग पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। जांच प्रक्रिया जल्द पूरी कर उचित अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।"


अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 की अपील

​सिपाही आकाश सिंह जैसे जांबाज हमारे समाज के असली हीरो हैं, जो अपराधियों को पकड़ने के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा देते हैं। विभाग की इस त्वरित आर्थिक मदद की हर तरफ सराहना हो रही है।

Headlines (विकल्प):

  1. कर्तव्य की वेदी पर न्योछावर किए पैर: जांबाज सिपाही आकाश सिंह को यूपी पुलिस ने दी ₹1.5 करोड़ की मदद।
  2. गोण्डा जीआरपी के बहादुर सिपाही आकाश सिंह के परिवार को DGP ने दिया सहारा, 1.5 करोड़ का चेक भें GRP Constable Akash Singh, DGP Rajeev Krishna, Gonda News, UP Police Economic Help, Atal Satya TV News 24, GRP Lucknow, Police Bravery.

यूपी पंचायत चुनाव: "अधिकारियों को अधिकार देना चाहती है सरकार", स्वामी प्रसाद मौर्य ने कार्यकाल बढ़ाने की मांग की।​मनरेगा का नाम बदलने पर भड़के मौर्य, बोले- "2027 के चुनाव में फंड का दुरुपयोग करना चाहती है बीजेपी"।

योगी सरकार पर बरसे स्वामी प्रसाद मौर्य, कहा-

'लोकतंत्र का गला घोंट रही सरकार', प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी

लखनऊ | अटल बिहारी शर्मा की रिपोर्ट

​उत्तर प्रदेश की सियासत में पंचायत चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर पंचायत चुनाव टालने की साजिश रचने और लोकतंत्र विरोधी कार्य करने का गंभीर आरोप लगाया है।

"हार के डर से चुनाव नहीं करा रही सरकार"

​स्वामी प्रसाद मौर्य ने सीधे तौर पर कहा कि योगी सरकार पंचायत प्रतिनिधियों (प्रधान, बीडीसी, ब्लॉक प्रमुख) से डरी हुई है। उन्होंने कहा:

​"2017 की तरह सरकार को डर है कि चुनकर आने वाले प्रतिनिधि उनके बस में रहेंगे या नहीं। पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने वाला है, लेकिन अब तक अधिसूचना जारी न करना सरकार की बदनीति को दर्शाता है।"


पंचायत प्रतिनिधियों के हक में उठाई आवाज

​मौर्य ने मांग की कि पंचायत चुनाव में लगभग 10 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि चुनकर आते हैं। अगर सरकार समय पर चुनाव नहीं कराती है, तो वर्तमान प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल यथावत बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव न कराकर पंचायतों का अधिकार अधिकारियों की झोली में डालना चाहती है, जिससे विकास कार्य बाधित होंगे।

मनरेगा के नाम बदलने और फंड के दुरुपयोग पर बड़ा दावा

​स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक और चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि मनरेगा (MNREGA) योजना का नाम बदलकर 'जी रामजी योजना' कर दिया गया है।

  • फंड की कमी: उन्होंने आरोप लगाया कि नाम बदलने के बाद से पंचायतों को एक भी रुपया नहीं मिला है।
  • चुनावी दुरुपयोग: मौर्य ने आशंका जताई कि सरकार इस योजना के हजारों करोड़ रुपये के फंड को 2027 के विधानसभा चुनाव में दुरुपयोग करने के लिए बचाकर रख रही है।

फतेहपुर जाने से रोकने पर पुलिस और सरकार को घेरा

​फतेहपुर में हुए अपराध के पीड़ितों से मिलने जा रहे स्वामी प्रसाद मौर्य को पुलिस द्वारा नोटिस दिए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा:

  1. अपराधियों का बोलबाला: यूपी पुलिस अपराधियों को पकड़ने में नाकाम है, लेकिन पीड़ितों का दर्द बांटने वालों को रोक रही है।
  2. अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच: मौर्य ने मांग की कि पकड़े गए आरोपियों की कॉल रिकॉर्डिंग निकाली जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये अपराधी लड़कियों को विदेशों में भेजने वाले गिरह से जुड़े हो सकते हैं।
  3. आंदोलन की चेतावनी: उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "अगर मुझे फतेहपुर जाने से रोका गया, तो पूरे प्रदेश में व्यापक जन-आंदोलन होगा।"

निष्कर्ष

​स्वामी प्रसाद मौर्य के इन तेवरों ने प्रदेश की राजनीति में एक नया उबाल ला दिया है। अब देखना यह है कि योगी सरकार पंचायत चुनावों और इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाती है।

 स्वामी प्रसाद मौर्य, योगी सरकार, यूपी पंचायत चुनाव 2026, मनरेगा फंड, फतेहपुर पुलिस नोटिस, अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24, उत्तर प्रदेश राजनीति।

लखनऊ आक्सीजन मैन राजेश जैसवाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर एक बिल्डिंग में आतंकवादी होने का आरोप लगाया साजिश सच या आरोप अटल सत्य टी वी न्यूज 24 अभी पुष्टि नहीं करता ।

लखनऊ: मौलवीगंज की बिल्डिंग पर संदिग्ध गतिविधियों का आरोप, प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठे गंभीर सवाल
अटल सत्य TV न्यूज 24 | विशेष रिपोर्ट
राजधानी Lucknow के वजीरगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मौलवीगंज स्थित एक बिल्डिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आक्सीजन मैन के नाम से जाने जाने वाले राजेश जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिल्डिंग में संदिग्ध गतिविधियों के गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान राजेश जायसवाल ने दावा किया कि उक्त बिल्डिंग में आपराधिक एवं अत्यंत गंभीर प्रकृति की गतिविधियां संचालित हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल्डिंग के अंदर से कथित तौर पर गोलीबारी और विस्फोट जैसी आवाजें सुनाई देती हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि मौके पर बड़ी संख्या में जूते-चप्पल देखे गए, जिससे वहां भीड़भाड़ और संदिग्ध जमावड़े की आशंका जताई गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वहां आने-जाने वाली महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं भी होती हैं। जब पत्रकारों द्वारा पूछा गया कि क्या इस संबंध में पुलिस को जानकारी दी गई है, तो उन्होंने दावा किया कि पुलिस को सूचित किया गया, लेकिन कथित तौर पर कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी मामले में संज्ञान नहीं लिया गया, तो वे मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे।
हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी या पुलिस द्वारा इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है।
 अटल सत्य TV न्यूज 24 स्पष्ट करता है कि यह खबर प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। “आतंकवादी गतिविधियों” जैसे गंभीर दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और चैनल ऐसी किसी भी जानकारी की पुष्टि आधिकारिक बयान या जांच के बाद ही करता है।
मीडिया विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के संवेदनशील मामलों में संतुलित और तथ्य आधारित रिपोर्टिंग आवश्यक है। Press Council of India की गाइडलाइंस भी यही कहती हैं कि अपुष्ट और गंभीर आरोपों को सावधानीपूर्वक प्रस्तुत किया जाए।
फिलहाल, स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और पुलिस इस पर क्या रुख अपनाते हैं और जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है।
(रिपोर्ट: अटल सत्य TV न्यूज 24)

इंदौर में सामाजिक सरोकार: कैंसर उपचार के लिए आधुनिक उपकरण और संस्थान को मिली सौर ऊर्जा की सौगात।

इंदौर में सामाजिक दायित्व की सराहनीय पहल, कैंसर उपचार और हरित ऊर्जा को मिला संबल

इंदौर। सामाजिक दायित्व के अंतर्गत एक प्रेरणादायी पहल में दो प्रमुख औद्योगिक संस्थानों ने इंदौर कैंसर फाउंडेशन को महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया है। इस संपूर्ण पहल को साकार करने में रोटरी क्लब ऑफ इंदौर प्रोफेशनल्स की अहम भूमिका रही। क्लब के अध्यक्ष रोटेरियन भानु तापड़िया के विशेष प्रयासों से यह सहयोग संभव हो सका।
इंदौर स्थित सोनिक बायोकेम निष्कर्षण द्वारा 21.05 लाख रुपये की राशि दान स्वरूप प्रदान की गई है। इस राशि का उपयोग इंदौर कैंसर फाउंडेशन के प्रमुख प्रकल्प ‘इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी’ में कैंसर उपचार हेतु दूसरे आधुनिक शल्य कक्ष के लिए आवश्यक उन्नत चिकित्सा उपकरणों की खरीद में किया जाएगा। यह सुविधा रोगियों को बेहतर और उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
वहीं, देवास स्थित बेयरलोचर इंडिया एडिटिव्स द्वारा संस्थान में 50 किलोवॉट क्षमता का छत पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया गया है। इस सौर संयंत्र का शुभारंभ शुक्रवार, 24 अप्रैल को मुख्य अतिथि रोटरी मंडल 3040 के प्रांतपाल रोटेरियन सुशील मल्होत्रा द्वारा किया गया। इस परियोजना से संस्थान के विद्युत व्यय में उल्लेखनीय कमी आने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
यह संपूर्ण कार्य Rotary District 3040 के अंतर्गत संपन्न किया गया, जिसमें क्लब के सचिव रोटेरियन सुनील अत्री एवं मंडल रोटरी फाउंडेशन अध्यक्ष रोटेरियन नितिन दाफरिया का भी विशेष योगदान रहा। रोटरी मंडल 3040 के जनछवि अध्यक्ष घनश्याम सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रोटेरियन सदस्य, शहर के प्रतिष्ठित नागरिक, डॉ. धारकर, कैंसर फाउंडेशन के ट्रस्टीगण, चिकित्सक एवं सहयोगी चिकित्सा कर्मी उपस्थित रहे।
इंदौर कैंसर फाउंडेशन ने दोनों दानदाताओं के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा जरूरतमंद रोगियों को सुलभ और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
अटल सत्य टी वी न्यूज 24 के लिए अजय बियानी की रिपोर्ट इंदौर 

"लोकतंत्र की रक्षा के लिए मैदान में उतरे ग्राम प्रधान; जितेंद्र चौधरी बोले- 'बाधित नहीं होने देंगे गांवों का विकास'।"


ग्राम प्रधानों की हुंकार: "कार्यकाल बढ़ाओ या चुनाव कराओ," अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

[ब्यूरो रिपोर्ट, अटल सत्य TV न्यूज़ 24]

उत्तर प्रदेश: प्रदेश में पंचायत चुनाव की आहट और ग्राम प्रधानों के कार्यकाल के खत्म होने की तारीख नजदीक आते ही सियासी पारा चढ़ गया है। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी के नेतृत्व में प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है।

मुख्य मुद्दा: प्रशासक की नियुक्ति का विरोध

​संगठन का स्पष्ट कहना है कि यदि कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति की जाती है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ होगा। इससे न केवल विकास कार्यों की निरंतरता प्रभावित होगी, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े होंगे।

प्रमुख मांगें:

​संगठन ने सरकार के समक्ष दो मुख्य विकल्प रखे हैं:

  1. समय पर चुनाव: पंचायत चुनाव निर्धारित समय सीमा के भीतर तत्काल संपन्न कराए जाएं।
  2. कार्यकाल का विस्तार: यदि चुनाव में देरी होती है, तो वर्तमान ग्राम प्रधानों के कार्यकाल को तब तक के लिए बढ़ाया जाए जब तक नई पंचायत का गठन न हो जाए।
  3. "हम जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि हैं। विकास कार्यों को गति देने और जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रधानों का पद पर बने रहना अनिवार्य है।" > — जितेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष


    20 मई को होगा 'विशाल महासम्मेलन'

    ​अपनी आवाज को शासन तक मजबूती से पहुँचाने के लिए संगठन ने एक बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर ली है।

    • कार्यक्रम: विशाल महासम्मेलन
    • दिनांक: 20 मई 2026 (बुधवार)
    • समय: प्रातः 10 बजे से
    • उद्देश्य: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक अपनी मांगों को पहुँचाना और प्रधानों की एकजुटता प्रदर्शित करना।

    सरकार से त्वरित निर्णय की अपील

    ​जितेंद्र चौधरी ने माननीय पंकज चौधरी जी (केंद्रीय राज्य मंत्री) के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस विषय पर प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लेने का अनुरोध किया है। प्रधानों का मानना है कि प्रशासक राज विकास की गति को रोक देगा, जबकि प्रधानों के रहते सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से होता है।

    देखते रहिए 'अटल सत्य TV न्यूज़ 24' - निष्पक्षता ही हमारी पहचान।

दलाल बिकाऊ पत्रकार व भ्रष्टाचारी दूर रहें क्योंकि यह खबर सिर्फ राष्ट्रवादी पत्रकार बंधुओं के लिए है।

विशेष रिपोर्ट: लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार—सच की आवाज़ उठाने वाला पत्रकार सिस्टम के लिए 'अपराधी' क्यों?

ब्यूरो रिपोर्ट: अटल सत्य टीवी न्यूज 24

नई दिल्ली/प्रदेश: कड़कड़ाती ठंड, झुलसा देने वाली धूप और मूसलाधार बारिश... ये वो मौसम हैं जिनसे लड़कर एक निष्पक्ष पत्रकार मैदान में खड़ा होता है। उसका मकसद सिर्फ खबर दिखाना नहीं, बल्कि समाज की गंदगी को साफ करना होता है। लेकिन विडंबना देखिए, जो पत्रकार अवैध खनन, भू-माफिया, जिस्मफरोशी के अड्डों और भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ 'कड़वे सवाल' पूछता है, आज उसी की आवाज को सलाखों के पीछे दबाने की साजिशें रची जा रही हैं।

साजिश का शिकार बनता 'कलम का सिपाही'

​जब धमकियां काम नहीं आतीं और लालच पत्रकार की कलम को नहीं डिगा पाता, तब शुरू होता है 'सिस्टम' का गंदा खेल। 'अटल सत्य टीवी न्यूज 24' के माध्यम से हम केंद्र और राज्य सरकारों का ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहते हैं कि कैसे एक ईमानदार पत्रकार को फर्जी मुकदमों, अवैध वसूली और रंगदारी (Extortion) जैसी गंभीर धाराओं में फंसाकर रास्ते से हटाने की कोशिश की जाती है।

जांच के मानक: केवल आरोप नहीं, प्रमाण चाहिए

​सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यदि किसी पत्रकार पर रंगदारी का आरोप लगता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच के लिए निम्नलिखित बिंदुओं को अनिवार्य बनाया जाए:

  • डिजिटल साक्ष्य की अनिवार्यता: क्या पुलिस के पास पत्रकार द्वारा दी गई धमकी का कोई ठोस ऑडियो या वीडियो प्रमाण उपलब्ध है? बिना सबूत के केवल बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज करना न्याय नहीं, प्रताड़ना है।
  • संपत्ति का आकलन: सरकार को उस पत्रकार की जीवनशैली देखनी चाहिए। क्या वह करोड़ों के बंगले में रह रहा है या आज भी 3000 रुपये के किराए के कमरे में जमीन पर सोकर अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ा रहा है? एक फटेहाल पत्रकार पर 'लाखों की रंगदारी' का आरोप खुद में एक बड़ा सवाल है।
  • सुविधाओं की वास्तविकता: क्या उसके घर में एसी-कूलर की विलासिता है या वह एक पुराने पंखे के नीचे अपनी रातें काट रहा है?

भ्रष्ट तंत्र पर भी गिरे गाज: बराबर हो जवाबदेही

​'अटल सत्य टीवी न्यूज 24' पुरजोर मांग करता है कि केवल पत्रकार की ही नहीं, बल्कि उस थाना प्रभारी (SO) और जांच अधिकारी (IO) की संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए जो आनन-फानन में पत्रकार को सलाखों के पीछे भेजते हैं।

"यदि जांच करने वाले अधिकारी की संपत्ति उसकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाई जाती है, तो उसे तत्काल निलंबित किया जाए और उस पर भी वही कठोर धाराएं लगाई जाएं जो एक निर्दोष पत्रकार पर लगाई गई हैं।"


निष्कर्ष: न्याय की पुकार

​लोकतंत्र तब तक सुरक्षित है जब तक उसकी रक्षा करने वाली कलम स्वतंत्र है। अगर निष्पक्ष पत्रकारों को यूं ही फर्जी मुकदमों के जरिए दबाया गया, तो भ्रष्टाचार और अपराध का साम्राज्य अटूट हो जाएगा। सरकार को चाहिए कि वह पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाए और पुलिसिया तंत्र के दुरुपयोग पर लगाम कसे।

अटल सत्य टीवी न्यूज 24 की यह मुहिम जारी रहेगी... सच लिखने तक, सच दिखने तक।

इस खबर को शेयर जरुर करें एडिटर इन चीफ अटल बिहारी शर्मा लखनऊ अटल सत्य टी वी न्यूज 24 निष्पक्ष खबरों का संग्रह संपर्क नंबर 9984299124

“लखनऊ में खूनी खेल: चौक में परिवार पर जानलेवा हमला, एक की हालत नाजुक”।

लखनऊ से बड़ी खबर | अटल सत्य TV न्यूज 24
राजधानी लखनऊ के चौक थाना क्षेत्र में देर रात हुई हिंसक वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 अप्रैल 2026 की रात करीब 11 बजे रानी मस्जिद के पास कुछ लोगों ने मिलकर एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया।
एफआईआर के मुताबिक, पीड़ित सिराज ने आरोप लगाया है कि फुरकान, कल्लू बेरी, असलान, इमरान, फैजान, अमीर उर्फ बब्बा और इरफान सहित अन्य लोगों ने पहले से योजना बनाकर तेजधार हथियारों से हमला किया। इस हमले में सिराज और उनके बेटों को गंभीर चोटें आईं, जबकि एक बेटा चांद की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वह ट्रामा सेंटर के ICU में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
बताया जा रहा है कि यह हमला पुराने मुकदमे को वापस लेने के दबाव को लेकर किया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पहले से दर्ज मुकदमा संख्या 0229/2017 को वापस लेने के लिए आरोपियों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था, और मना करने पर इस घटना को अंजाम दिया गया।
घटना में बीच-बचाव करने पहुंचे एक अन्य युवक आफताब को भी गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं 191(1), 191(3), 109 और 115(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की जांच उपनिरीक्षक विनीत कुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल है, वहीं पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।वही जब फोन पर पाटा नाला चौकी प्रभारी से संपर्क साधा गया तो उन्होंने बताया कि दो लोगों को गिरफतार करके जेल भेज दिया गया है जबकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि केवल खानापूर्ति की गई है कोई जेल में नहीं है हमको हमारे पूरे परिवार को जान से मार देने की धमकी दी जा रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट अटल सत्य टी वी न्यूज 24 निष्पक्ष खबरों का संग्रह ग्राउंड रिपोर्ट अटल बिहारी शर्मा लखनऊ।

लखनऊ: 9 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण की तैयारी तेज।

लखनऊ: 9 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण की तैयारी तेज

लखनऊ। जन सामान्य को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से आगामी 9 मई 2026 (शनिवार) को राजधानी लखनऊ में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं।

तैयारियों को लेकर हुई समीक्षा बैठक

​माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ श्री मलखान सिंह जी के दिशा-निर्देशन में सोमवार (27 अप्रैल) को समीक्षा बैठकों का दौर चला। दोपहर 1:30 बजे नोडल अधिकारी (राष्ट्रीय लोक अदालत) एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्रकाश तिवारी के विश्राम कक्ष में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई।

​इस बैठक में सचिव (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) श्री कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) श्री राज बहादुर, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.के. श्रीवास्तव और लीड बैंक मैनेजर (बैंक ऑफ इंडिया) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके पश्चात शाम 4:30 बजे पुराने उच्च न्यायालय परिसर स्थित मीडिएशन सेंटर में समस्त मजिस्ट्रेटों के साथ भी रणनीति साझा की गई।

अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश

​बैठक के दौरान नोडल अधिकारी श्री प्रकाश तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:

  • ​आगामी लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों (Cases) को चिह्नित कर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
  • ​पक्षकारों तक शत-प्रतिशत समन तामीला (Notice delivery) पहुंचाने के लिए समन सेल प्रभारी को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
  • ​चिह्नित किए गए सभी वादों का विवरण NJDG पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए।

सचिव की अपील: आम जनता उठाएं लाभ

​जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने लखनऊ की जनता से अपील की है कि वे अपने न्यायालयों में लंबित मामलों को लोक अदालत के माध्यम से सुलझाएं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के जरिए न्याय पाना न केवल सस्ता है बल्कि इससे आपसी मनमुटाव भी खत्म होता है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तौफीक अहमद (ब्यूरो चीफ, लखनऊ)

अटल सत्य टीवी न्यूज 24

आपरेशन मुस्कान के तहत रेलवे पुलिस को लगातार मिल रही सफलता।


लखनऊ/अयोध्या
अटल सत्य टी वी न्यूज 24 रिपोर्ट अटल बिहारी शर्मा 
राजकीय रेलवे पुलिस (Government Railway Police) द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत एक सराहनीय कार्य सामने आया है। Ayodhya Cantt Railway Station पर जीआरपी टीम ने सतर्कता दिखाते हुए एक नाबालिग बालिका को सकुशल उसके परिजनों से मिलाया।
प्रेस नोट के अनुसार, दिनांक 27 अप्रैल 2026 को चेकिंग के दौरान स्टेशन परिसर में एक 13 वर्षीय बालिका संदिग्ध अवस्था में मिली। पूछताछ में बालिका ने बताया कि वह घर से नाराज़ होकर निकल आई थी और अपनी नानी के पास जाना चाहती थी। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित महिला हेल्प डेस्क पर रखा और परिजनों से संपर्क स्थापित किया।
जीआरपी अधिकारियों की निगरानी में बालिका को पूरी सुरक्षा के साथ उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। अपनी बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों ने खुशी जाहिर करते हुए पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया और जीआरपी के इस मानवीय कार्य की सराहना की।
इस सराहनीय कार्य में जीआरपी अयोध्या कैंट की टीम के अधिकारी—उप निरीक्षक संजीव कुमार, महिला कांस्टेबल दीपा तथा कांस्टेबल अजय कुमार—की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रेलवे पुलिस द्वारा चलाया जा रहा “ऑपरेशन मुस्कान” अभियान लगातार लापता एवं भटके हुए बच्चों को उनके परिवार से मिलाने में अहम भूमिका निभा रहा है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट अटल सत्य टी वी न्यूज 24 निष्पक्ष खबरों का संग्रह लखनऊ।

पशुपालन विभाग का चुनाव संपन्न होने के बाद अध्यक्ष पद का शपथग्रहण समारोह का हुआ भव्य आयोजन।


राजधानी लखनऊ में पशुपालन विभाग के अधिवेशन और चुनाव प्रक्रिया के सफल समापन के बाद आज शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष पद पर निर्वाचित डॉ. मनोज कुमार ने बहुमत से जीत हासिल करने के बाद औपचारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण किया।
समारोह में पशुपालन विभाग के निदेशक ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान महामंत्री पद पर डॉ. अखिलेश यादव के साथ-साथ उपाध्यक्ष, संयुक्त मंत्री और कोषाध्यक्ष ने भी अपने-अपने दायित्वों को संभालते हुए शपथ ली।
निदेशक ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि नई टीम विभाग के विकास को नई दिशा देगी और पशुपालकों के हित में प्रभावी कार्य करेगी।
कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। सभी ने नवगठित टीम का स्वागत करते हुए उनके सफल और उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।
अटल सत्य टीवी न्यूज 24 के लिए लखनऊ से यह विशेष रिपोर्ट।

लखनऊ से बहराइच जा रही इको गाड़ी का भीषण एक्सीडेंट, 10–12 यात्री घायल।

 ब्रेकिंग न्यूज़ | जरवल (बहराइच) 
लखनऊ से बहराइच जा रही इको गाड़ी का भीषण एक्सीडेंट, 10–12 यात्री घायल
जरवल क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां लखनऊ से बहराइच की ओर जा रही एक इको गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गाड़ी में लगभग 10 से 12 यात्री सवार थे, जिनमें से कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब इको चालक ने कथित रूप से लापरवाही दिखाते हुए गाड़ी को रॉन्ग साइड पर ले जाकर सामने से आ रही गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस सड़क पर यह हादसा हुआ, वह सिंगल रोड है और वहां कोई डिवाइडर नहीं है। यही वजह है कि आए दिन इस मार्ग पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश है और वे सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जो पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार कौन है — चालक की लापरवाही, खराब सड़क व्यवस्था या प्रशासनिक अनदेखी?
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24
रिपोर्ट: तौफीक अहमद, ब्यूरो चीफ।

सावधान! बांस मंडी चौराहे पर नियमों की 'बलि', सीज बिल्डिंग पर पीले तिरपाल का पहरा और अंदर चल रहा अवैध निर्माण।।


अटल सत्य टीवी न्यूज 24: विशेष रिपोर्ट

लखनऊ: नाका कोतवाली के चंद कदमों पर नियमों की 'धज्जियां', सीज होने के बावजूद बांस मंडी चौराहे पर अवैध निर्माण जारी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बाबा का बुलडोजर और विकास प्राधिकरण (LDA) की सख्ती के दावों के बीच, भ्रष्टाचार और मिलीभगत की एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है जो व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ताज़ा मामला नाका कोतवाली क्षेत्र के बांस मंडी चौराहे का है, जहाँ नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से निर्माण कार्य किया जा रहा है।

सीज की कार्रवाई भी रही बेअसर

​सूत्रों के मुताबिक, बांस मंडी चौराहे से महज कुछ ही दूरी पर स्थित इस निर्माणाधीन इमारत को पूर्व में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा सीज किया जा चुका है। सीज की कार्रवाई का मतलब होता है कि बिना अनुमति के वहां एक ईंट भी नहीं रखी जा सकती। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सीज की गई बिल्डिंग में न केवल काम चल रहा है, बल्कि सुरक्षा मानकों की भी भारी अनदेखी की जा रही है।

प्रशासनिक आंखों में धूल या मिलीभगत?

​सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह निर्माण कार्य नाका कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर हो रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस और एलडीए के अधिकारियों को दिन के उजाले में हो रहा यह निर्माण दिखाई नहीं दे रहा? या फिर रसूख के रंगे पर्दे के पीछे नियमों का गला घोंटा जा रहा है?

सुरक्षा मानकों का अभाव: जान जोखिम में

​तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं:

  • अस्थाई पर्दे: केवल पीले और हरे रंग के तिरपाल से बिल्डिंग को ढका गया है, जो किसी भी बड़े हादसे को रोकने में नाकाम हैं।
  • सड़क पर अतिक्रमण: भवन निर्माण सामग्री (बालू और ईंटें) मुख्य मार्ग पर बिखरी पड़ी हैं, जिससे राहगीरों और वाहनों को निकलने में भारी असुविधा हो रही है।
  • मजदूरों की सुरक्षा: बिना हेलमेट और सुरक्षा उपकरणों के मजदूर ऊंचाइयों पर काम कर रहे हैं, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

अटल सत्य टीवी न्यूज 24 के सवाल:

  1. ​क्या एलडीए के अधिकारियों ने सीज की गई बिल्डिंग की दोबारा जांच करने की जहमत उठाई?
  2. ​नाका कोतवाली पुलिस की नाक के नीचे अवैध निर्माण कैसे संचालित हो रहा है?
  3. ​यदि इस निर्माणाधीन इमारत में कोई हादसा होता है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?

निष्कर्ष:

राजधानी में इस तरह के अवैध निर्माण न केवल शहर के मास्टर प्लान को बिगाड़ रहे हैं, बल्कि सरकारी आदेशों की खुलेआम अवहेलना भी कर रहे हैं। अब देखना यह है कि खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागता है या 'अटल सत्य' की इस गूंज को अनसुना कर दिया जाता है।

ब्यूरो रिपोर्ट: अटल सत्य टीवी न्यूज 24, लखनऊ।

लखनऊ बार एसोसिएशन चुनाव: उपाध्यक्ष पद पर अनुज बाजपेई की एकतरफा बढ़त, समर्थकों में जश्न का माहौल।

लखनऊ बार एसोसिएशन चुनाव: उपाध्यक्ष पद पर अनुज बाजपेई की एकतरफा बढ़त, समर्थकों में जश्न का माहौल
लखनऊ | अटल सत्य टी वी न्यूज 24 रिपोर्टर: अटल बिहारी शर्मा
दिनांक: 26 अप्रैल, 2026
लखनऊ: राजधानी के कैसरबाग स्थित लखनऊ बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव की मतगणना के बाद कचहरी परिसर में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। शनिवार को आए रुझानों और परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार अधिवक्ताओं ने बदलाव और मजबूती के पक्ष में मतदान किया है।
अनुज बाजपेई की बड़ी बढ़त: जीत की ओर कदम
उपाध्यक्ष (मध्य) पद के मुकाबले में अनुज बाजपेई ने अपने प्रतिद्वंदियों को काफी पीछे छोड़ दिया है। अब तक की मतगणना के आंकड़े इस प्रकार हैं:
अनुज बाजपेई: 887 मत (प्रथम स्थान)
अंजनी प्रकाश यादव: 489 मत
जितेंद्र कुमार त्रिपाठी: 444 मत
अपनी इस शानदार बढ़त पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुज बाजपेई ने इसे मां वैष्णो देवी की कृपा और साथी अधिवक्ताओं के विश्वास की जीत बताया है। उनके समर्थक नवीन कुमार ने बताया कि मतगणना स्थल पर अधिवक्ताओं का उत्साह चरम पर है और ढोल-नगाड़ों के साथ अग्रिम जीत का जश्न शुरू हो चुका है।
इन दिग्गजों ने दर्ज की जीत
मुख्य पदों पर परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें अनुभवी चेहरों ने बाजी मारी है:
अध्यक्ष: जी.एन. शुक्ला ‘चच्चू’ ने विजय पताका फहराई।
महामंत्री: जितेंद्र सिंह यादव उर्फ ‘जीतू’ निर्वाचित हुए।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष: मनीष श्रीवास्तव ने जीत दर्ज की।
वहीं, उपाध्यक्ष (कनिष्ठ) पद पर अनुराग श्रीवास्तव (सूरज) 335 मतों के साथ अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मयंक यादव (285 मत) से आगे चल रहे हैं।
पहली बार दिखा महिला आरक्षण का प्रभाव
इस बार का चुनाव ऐतिहासिक रहा क्योंकि बार एसोसिएशन में पहली बार महिला आरक्षण लागू किया गया। कुल 22 पदों के लिए 116 प्रत्याशी मैदान में थे, जिनमें कोषाध्यक्ष सहित सात पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए। इस कदम की कानूनी गलियारों में काफी सराहना हो रही है।
मतदान का गणित
बता दें कि बुधवार को हुए मतदान में कुल 3672 मतदाताओं में से 2722 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। शेष बचे हुए पदों की मतगणना कल पूरी की जाएगी, जिसके बाद आधिकारिक रूप से पूरी कार्यकारिणी की घोषणा होगी।
कानूनी जगत और शहर की सटीक खबरों के लिए पढ़ते रहें— अटल सत्य टी वी न्यूज 24

आशा बहुओं का धैर्य जवाब दे रहा: मुख्यमंत्री को पत्र भेज याद दिलाई मानदेय वृद्धि की घोषणा, बड़े आंदोलन की चेतावनी।

आशा बहुओं का धैर्य जवाब दे रहा: मुख्यमंत्री को पत्र भेज याद दिलाई मानदेय वृद्धि की घोषणा, बड़े आंदोलन की चेतावनी
लखनऊ | अटल सत्य टी वी न्यूज 24 रिपोर्टर: अटल बिहारी शर्मा
दिनांक: 26 अप्रैल, 2026
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की लाखों आशा बहुओं, संगिनियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के बकाया मानदेय और मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर अब राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने आज मुख्यमंत्री के आधिकारिक ई-मेल पोर्टल पर पत्र भेजकर सदन में की गई घोषणाओं को याद दिलाया और तत्काल मानदेय बढ़ाए जाने की मांग की।
मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन: ₹18,000 न्यूनतम मानदेय की मांग
जे.एन. तिवारी ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा कि सदन में सरकार ने मानदेय वृद्धि का आश्वासन दिया था, लेकिन ज़मीनी स्तर पर अब तक कुछ नहीं बदला। उन्होंने मांग की है कि:
आशा बहुओं के लिए ₹18,000 का न्यूनतम मानदेय निश्चित किया जाए।
वर्तमान में मिल रहे 2 से 2.5 हजार रुपए के अल्प मानदेय को बढ़ाया जाए, क्योंकि इस महंगाई में इतने कम पैसों में घर चलाना असंभव है।
विगत दो माह से रुका हुआ बकाया मानदेय तत्काल जारी किया जाए।
काम का बोझ भारी, पर जेब खाली
परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के दावों के बीच आशा बहुएं उपेक्षित जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि:
"जनगणना से लेकर वोटर लिस्ट तैयार करने तक, और टीकाकरण से लेकर फाइलेरिया व टीबी के मरीजों की खोज तक—सैकड़ों कार्य आशाओं के कंधों पर हैं, लेकिन प्रोत्साहन राशि के नाम पर उन्हें कुछ नहीं मिल रहा। कई घरों में तो चूल्हा जलना भी मुश्किल हो गया है।"
चुनावी वर्ष में सरकार को भारी पड़ सकती है नाराजगी
संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने सरकार को घेरेते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण का असली अर्थ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न सरकारी विभागों में संविदा महिला कर्मियों और आशाओं का शोषण हो रहा है।
परिषद ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि:
2,39,000 आशा बहुएं प्रदेश के हर घर और हर गांव से जुड़ी हैं, उनकी नाराजगी सरकार के लिए भारी पड़ेगी।
यदि अप्रैल माह के भीतर मानदेय पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष कुसुम लता के नेतृत्व में प्रदेश भर की आशाएं 'आर-पार' के संघर्ष और आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगी।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनावी वर्ष होने के कारण आशाओं की उपेक्षा करना सत्ता पक्ष के लिए रणनीतिक रूप से भी नुकसानदेह साबित हो सकता है।
उत्तर प्रदेश की तमाम बड़ी खबरों के लिए बने रहें अटल सत्य टी वी न्यूज 24 के साथ।

लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज के प्रेसिडेंट डॉ. आर.के. सिंह ने 'भारतीय शिक्षा बोर्ड' का किया स्वागत; बताया शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति।


लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज के प्रेसिडेंट डॉ. आर.के. सिंह ने 'भारतीय शिक्षा बोर्ड' का किया स्वागत; बताया शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति
लखनऊ | अटल सत्य टी वी न्यूज 24 रिपोर्ट अटल बिहारी शर्मा।
दिनांक: 26 अप्रैल, 2026
लखनऊ: राजधानी के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज (गोलागंज) के प्रेसिडेंट/मैनेजर डॉ. आर.के. सिंह ने देश की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बड़े बदलावों पर अपनी महत्वपूर्ण राय साझा की है। डॉ. सिंह ने भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त 'भारतीय शिक्षा बोर्ड' (BSB) को शिक्षा जगत के लिए एक मील का पत्थर बताया है।
CBSE और ICSE की तर्ज पर अब 'भारतीय शिक्षा बोर्ड'
डॉ. आर.के. सिंह ने अपने संदेश में कहा कि जिस प्रकार देश में अभी तक CBSE (केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) और ICSE जैसे बोर्ड कार्यरत हैं, ठीक उसी तर्ज पर भारत सरकार ने अब 'भारतीय शिक्षा बोर्ड' को मान्यता प्रदान की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नए बोर्ड का उद्देश्य भारतीय मूल्यों के साथ आधुनिक शिक्षा का समन्वय करना है।
कम खर्चे में विश्वस्तरीय शिक्षा का विकल्प
डॉ. सिंह ने इस बोर्ड की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 'भारतीय शिक्षा बोर्ड' न केवल शैक्षणिक रूप से सशक्त है, बल्कि यह आर्थिक रूप से भी आम जनता के अनुकूल है। उन्होंने जानकारी दी:
समान स्तर: यह बोर्ड पूरी तरह से CBSE के समकक्ष (Equal) है।
किफायती शुल्क: जहाँ अन्य बोर्डों का पंजीकरण शुल्क अधिक होता है, वहीं भारतीय शिक्षा बोर्ड का रजिस्ट्रेशन शुल्क मात्र ₹2,000 के लगभग है।
सत्र की शुरुआत: इस नए बोर्ड की प्रक्रियाएँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं और आगामी 11 महीनों के भीतर यह पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा।
28 अप्रैल को होगा ऐतिहासिक उद्घाटन
डॉ. आर.के. सिंह ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि भारतीय शिक्षा बोर्ड का भव्य उद्घाटन आगामी 28 अप्रैल, 2026 को होने जा रहा है। उन्होंने इसे भारतीय शिक्षा के भविष्य के लिए एक 'निश्चित और स्वर्णिम' कदम बताया।
"भारतीय शिक्षा बोर्ड का आगमन देश की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा देगा। यह न केवल भारतीय संस्कृति को सहेजेगा बल्कि छात्रों को कम खर्च में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा भी प्रदान करेगा।" > — डॉ. आर.के. सिंह, प्रेसिडेंट/मैनेजर, लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज
शिक्षा जगत में उत्साह की लहर
लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज जैसे बड़े संस्थान द्वारा इस बोर्ड का समर्थन किए जाने से शिक्षाविदों और अभिभावकों के बीच सकारात्मक संदेश गया है। डॉ. सिंह ने इस अभिनव पहल के लिए 'भारतीय शिक्षा बोर्ड' की पूरी टीम को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं।
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