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लखनऊ: डीसीपी पश्चिम का सख्त निर्देश, लंबित मामलों का हो जल्द निस्तारण

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महाकाल उत्सव मे इंदौर की अनाईशा शानदार प्रदर्शन कर जीत लिया सबका दिल

 महाकाल उत्सव में इंदौर की अनाईशा सिंह का शानदार प्रदर्शन, कथक में द्वितीय पुरस्कार इंदौर। उज्जैन स्थित कैलाश एकेडमी में भारतीय ...

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा प्रबुद्ध गोष्टी कानपुर देहात में की गई

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की प्रबुद्ध गोष्ठी कानपुर देहात में संपन्न, सत्ता परिवर्तन का किया गया आह्वान
​पुखरायां, कानपुर देहात
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के लिए — अटल बिहारी शर्मा की रिपोर्ट
​अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) के तत्वावधान में कानपुर देहात के बरौद, पुखरायां स्थित शुक्ला गेस्ट हाउस में एक भव्य प्रबुद्ध गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा भगवान परशुराम के पूजन के साथ किया गया। इसके पश्चात सभी उपस्थित अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया और उन्हें भगवान परशुराम का चित्र भेंट किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रदेश महामंत्री राघव अग्निहोत्री द्वारा किया गया।
​कार्यक्रम के मुख्य बिंदु और अतिथिगण
​मुख्य अतिथि: माननीय राजेंद्र नाथ त्रिपाठी (राष्ट्रीय अध्यक्ष)
​विशिष्ट अतिथि: विश्वंभर नारायण तिवारी (राष्ट्रीय सचिव, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता, नेशनल एंटी करप्शन)
​प्रदेश उपाध्यक्ष: माननीय अंजू शर्मा
​मंचस्थ विशिष्ट जन: राजू पाठक (जिला अध्यक्ष, जालौन), आशुतोष मिश्रा, हरिश्चंद्र बापू, और माननीय श्रीमती शैल कुमारी त्रिपाठी आदि।
​मुख्य वक्ताओं के संबोधन
​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने ब्राह्मण समाज को एकजुट होने का कड़ा संदेश दिया। उन्होंने समाज को आगाह करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि उत्पीड़न का कड़ा जवाब दिया जाए। देश भर में ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब हमें सत्ता परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाना होगा। उन्होंने हुंकार भरी कि "जो ब्राह्मण हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा और उसी का हमारा साथ रहेगा।"
​गोष्ठी को विशिष्ट अतिथि विश्वंभर नारायण तिवारी, जालौन जिला अध्यक्ष राजू पाठक, आशुतोष मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अंजू शर्मा और अन्य प्रमुख पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने समाज में आपसी एकता, शिक्षा और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।
​इस सफल आयोजन में प्रदेश महामंत्री राघव अग्निहोत्री का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में कानपुर देहात और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में प्रबुद्धजन और समाज के लोग उपस्थित रहे।

यदि योगी आदित्यनाथ छोड़ते हैं कुर्सी तो क्या होगा 2027 चुनाव का समीकरण

विशेष विश्लेषण: यदि योगी आदित्यनाथ छोड़ते हैं कुर्सी, तो क्या होगा 2027 का राजनीतिक समीकरण?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में 'योगी आदित्यनाथ' का नाम केवल एक मुख्यमंत्री का नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'हिंदुत्व' और 'कानून-व्यवस्था' के उस 'त्रिशूल मॉडल' का पर्याय बन चुका है, जिसने राज्य में सत्ता के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। हालाँकि, हालिया राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं और विपक्ष के दावों के बीच, यह सवाल अक्सर उठता है कि 'यदि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हैं, तो 2027 के चुनाव में भाजपा की क्या स्थिति होगी?'

​'अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24' की पड़ताल और राजनीतिक जानकारों की राय के आधार पर, इस काल्पनिक लेकिन महत्वपूर्ण परिस्थिति का विश्लेषण यहाँ प्रस्तुत है:

​1. भाजपा की 'फेस' वैल्यू का संकट

​भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि 2027 का विधानसभा चुनाव योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। यदि वे पद छोड़ते हैं, तो भाजपा के सामने सबसे बड़ा संकट एक ऐसा चेहरा ढूंढने का होगा, जो योगी जैसी 'हिन्दू हृदय सम्राट' की छवि और 'बुलडोजर' जैसी कठोर प्रशासनिक कार्यशैली को प्रतिस्थापित कर सके। योगी का व्यक्तित्व भाजपा के कैडर और आम जनता के बीच एक अटूट सेतु है; उनके बिना पार्टी को 'नेतृत्व का शून्य' भरने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ सकती है।

​2. '80 बनाम 20' के फॉर्मूले पर प्रभाव

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं 2027 की लड़ाई को '80 बनाम 20' का आधार दे चुके हैं। उनका स्पष्ट रुख है कि कानून-व्यवस्था और सनातन संस्कृति पर समझौता न करना ही उनका मूल मंत्र है। यदि चेहरा बदलता है, तो भाजपा का यह चुनावी नैरेटिव कमजोर पड़ सकता है। विपक्ष, जो पहले से ही जातीय जनगणना और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) जैसे मुद्दों के जरिए भाजपा को घेर रहा है, उसे अपनी रणनीति को और अधिक आक्रामक बनाने का मौका मिल जाएगा।

​3. संगठनात्मक असंतोष और आंतरिक कलह

​योगी आदित्यनाथ के पद छोड़ने की स्थिति में भाजपा के भीतर पावर सेंटर को लेकर खींचतान बढ़ सकती है। पार्टी के पुराने निष्ठावान और नए चेहरों के बीच सत्ता संघर्ष का सीधा असर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं पर पड़ेगा। इससे बूथ मैनेजमेंट में ढिलाई आ सकती है, जिसका सीधा फायदा विपक्षी दलों—खासकर समाजवादी पार्टी—को मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

​4. प्रशासनिक प्रभाव: 'लॉ एंड ऑर्डर' पर सवाल

​यूपी में योगी सरकार की सबसे बड़ी यूएसपी 'लॉ एंड ऑर्डर' है। उत्तर प्रदेश की जनता ने अपराध मुक्त शासन का जो अनुभव किया है, उसे योगी के व्यक्तित्व से जोड़कर देखा जाता है। किसी अन्य नेतृत्व के आने पर यदि अपराध नियंत्रण में जरा सी भी ढील आई, तो यह भाजपा के लिए चुनावी हार का बड़ा कारण बन सकता है।

​5. विपक्ष को मिलेगी 'संजीवनी'

​योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा विपक्ष के लिए एक 'संजीवनी' के समान होगा। अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी दल इसे 'भाजपा की अंदरूनी विफलता' और 'नेतृत्व का पतन' करार देकर जनता के बीच एक बड़ा प्रोपेगेंडा खड़ा कर सकते हैं। यह स्थिति उन मतदाताओं को भाजपा से दूर कर सकती है जो केवल 'मोदी-योगी' की जोड़ी के भरोसे भाजपा को वोट देते आए हैं।

निष्कर्ष

​अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान परिदृश्य में योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा भाजपा के लिए आत्मघाती कदम साबित हो सकता है। पार्टी का पूरा चुनावी ताना-बाना फिलहाल योगी के इर्द-गिर्द बुना गया है। यदि यह धुरी हटती है, तो 2027 की लड़ाई भाजपा के लिए 'वॉल्कओवर' के बजाय एक कठिन चुनौती बन जाएगी।

​फिलहाल, भाजपा नेतृत्व का स्पष्ट संदेश है कि योगी आदित्यनाथ ही 2027 का चेहरा हैं और पार्टी उन्हीं की अगुवाई में अपनी जीत की हैट्रिक लगाने के लिए तैयार है।

संवाददाता: अटल सत्य टीम

स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश

क्या आपको लगता है कि योगी आदित्यनाथ के बिना भाजपा 2027 में अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रख पाएगी? अपनी राय हमें नीचे कमेंट में जरूर बताएं।

प्रयागराज में गरजे अखिलेश यादव पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर

​प्रयागराज में गरजे अखिलेश यादव: पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा, कहा- 'बड़ी मछलियाँ अभी भी बाहर'
​प्रयागराज: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज प्रयागराज में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने राज्य में लगातार हो रहे पेपर लीक, लचर शिक्षा व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए।
​'युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़'
​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की मेहनत का मजाक उड़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक विफलता के कारण बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं और सरकार इसके लिए जिम्मेदार लोगों तक पहुँचने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
​'छोटी मछलियों पर कार्रवाई, बड़ी मछलियों को संरक्षण'
​सरकार की जाँच प्रक्रिया पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा:
​"सरकार केवल खानापूर्ति कर रही है। इस पूरे तंत्र में केवल छोटी मछलियों को पकड़ा जा रहा है, जबकि असली गुनहगार यानी 'बड़ी मछलियाँ' अभी भी कानून की पकड़ से दूर हैं और आजाद घूम रही हैं।"
​जवाबदेही तय करने की मांग
​अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि प्रदेश को अब शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल सुधार और युवाओं के लिए ठोस रोजगार की जरूरत है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह इन मुद्दों पर अपनी जवाबदेही तय करे। उन्होंने अंत में चेतावनी के लहजे में कहा कि जनता अब खोखले वादों से थक चुकी है और आने वाले समय में इन मुद्दों पर सरकार को अपना कड़ा निर्णय देगी।
​रिपोर्ट: मोहम्मद शाकिर, प्रयागराज।
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

अयोध्या राम मंदिर चंदा घोटाले में बड़ा बयान करणी सेना सनातन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विपक्ष को बताया कालनेमि

​अयोध्या: राम मंदिर चंदा घोटाले पर करणी सेना सनातन का बड़ा बयान, 'कालनेमी' बताकर विपक्ष पर साधा निशाना
​अयोध्या: करणी सेना सनातन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह राजा ने आज अयोध्या प्रेस क्लब में आयोजित एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर चंदा घोटाला प्रकरण, अयोध्या गोलीकांड और राजनीतिक बयानबाजी पर तीखे तेवर अपनाते हुए कई अहम माँगें रखीं।
​चंदा घोटाले में SIT की जाँच पर जताया भरोसा
​चंदा घोटाला प्रकरण पर बोलते हुए आशीष सिंह राजा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित एसआईटी (SIT) की जाँच से वे पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने मांग की कि इस मामले में जो भी आरोपी पकड़े गए हैं, उन्हें कठोरतम दंड मिलना चाहिए। साथ ही, उन्होंने आरोपियों द्वारा अर्जित की गई अवैध संपत्तियों की गहन जाँच की पुरजोर वकालत की।
​अयोध्या बार एसोसिएशन के फैसले का स्वागत
​राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अयोध्या बार एसोसिएशन द्वारा आरोपियों का मुकदमा न लड़ने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे एक सराहनीय कदम बताया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अयोध्या गोलीकांड की अविलंब न्यायिक जाँच कराने की माँग दोहराई।
​स्वामी प्रसाद मौर्य पर बरसे, विपक्ष को बताया 'कालनेमी'
​स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए अनर्गल बयानों पर नाराजगी जताते हुए आशीष सिंह राजा ने उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा:
​"जो लोग कभी प्रभु राम के अस्तित्व को नकारते थे और उच्चतम न्यायालय में वकीलों की फौज खड़ी कर राम मंदिर निर्माण रोकने की कोशिश करते थे, वे आज रामभक्त होने का ढोंग कर रहे हैं। ये लोग 'कालनेमी' हैं, जो समय देखकर अपना रूप बदल लेते हैं।"
​उन्होंने आगे कहा कि जो नेता पहले मौलवियों और मुल्लाओं के आगे झुककर हिंदू हितों की अनदेखी करते थे, आज वे ही प्रभु राम के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।
​पत्रकार वार्ता में इनकी रही उपस्थिति
​इस पत्रकार वार्ता में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
​राहुल सिंह केशरी (मया बाजार): अवध क्षेत्र अध्यक्ष
​अशोक ओझा (प्रयागराज): पूर्वांचल क्षेत्र अध्यक्ष
​जय बहादुर सिंह: पूर्वांचल क्षेत्र संगठन मंत्री
​दुर्गेश पांडेय: राष्ट्रीय अध्यक्ष, युवा मोर्चा
​बालमुकुंद तिवारी: राष्ट्रीय प्रवक्ता
​इनके साथ अभिषेक सिंह, दिनेश यादव, सुमित ओझा, सत्येंद्र द्विवेदी और राजीव रंजन मिश्र समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
​साभार: बालमुकुंद तिवारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता, करणी सेना

यूपी विधानसभा 2027 चुनाव को लेकर राष्ट्रीय लोक मोर्चा का बड़ा ऐलान एनडीए के साथ मिलकर लड़ेंगी चुनाव

यूपी विधानसभा चुनाव 2027: राष्ट्रीय लोक मोर्चा का बड़ा ऐलान, NDA के साथ मिलकर लड़ेगी चुनाव; संगठन का किया विस्तार
​लखनऊ | उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में आज लखनऊ स्थित 'उत्तर प्रदेश मीडिया क्लब' में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर रामकुमार राणा के नेतृत्व में आयोजित इस वार्ता में संगठन की भविष्य की रणनीतियों और आगामी चुनावों में पार्टी की भूमिका को लेकर स्पष्ट संदेश दिया गया।
​NDA की मजबूती के लिए पूरी तरह तैयार: ए.के. वाजपेयी
​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ए.के. वाजपेयी ने स्पष्ट किया कि पार्टी आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा, "हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा जी उत्तर प्रदेश का सघन दौरा करेंगे और एनडीए गठबंधन को जमीनी स्तर पर अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेंगे।"
​वाजपेयी ने आगे कहा कि पार्टी 20 सूत्रीय कार्यक्रम के माध्यम से 'अंत्योदय' का संकल्प लेकर अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य करेगी।
​संगठन विस्तार: नई जिम्मेदारियों के साथ सक्रिय हुई टीम
​प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर रामकुमार राणा ने संगठन को नया आयाम देते हुए नई नियुक्तियों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि ये पद केवल राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक 'पवित्र संकल्प' हैं। नियुक्तियों का विवरण इस प्रकार है:
​अरुण चौधरी: प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश
​अंकित यादव: प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश
​हरेन्द्र सिंह: प्रदेश सचिव, उत्तर प्रदेश
​अजय कुमार सिंह: प्रदेश अध्यक्ष, पश्चिम उत्तर प्रदेश
​गठबंधन धर्म का निर्वहन और सामाजिक न्याय का संकल्प
​पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पृथ्वीराज यादव ने कहा कि हमारा संगठन चुनावी समर के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। हम गठबंधन के सिद्धांतों के प्रति पूर्णतः समर्पित हैं और शीर्ष नेतृत्व द्वारा जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उसका अक्षरशः पालन करेंगे।
​प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार राणा ने जोर देकर कहा कि पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड समेत पूरे प्रदेश में संगठन को मजबूत किया जा रहा है। पार्टी का मुख्य लक्ष्य सामाजिक संतुलन स्थापित करना, वंचित तबकों का उत्थान करना और 'सबकी भागीदारी, सबके विकास' के संकल्प को धरातल पर उतारना है।
​इस प्रेस वार्ता में बड़ी संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने आगामी चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत का संकल्प लिया।
दिनकर मिश्रा मिडिया प्रभारी 
राष्ट्रीय लोक मोर्चा उत्तर प्रदेश
​ब्यूरो रिपोर्ट अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24
ब्यूरो रिपोर्ट, लखनऊ

बहुजन समाज को मिली नई राजनीतिक ताकत: अमर चौधरी ने फूँका 'बहुजन आवाज पार्टी' का बिगुल

राजनीति में 'अम्बेडकर वाहिनी' का बड़ा कदम: अमर चौधरी ने किया 'बहुजन आवाज पार्टी' के गठन का एलान 
​लखनऊ: दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और बहुजन मूलनिवासियों के हक की आवाज बुलंद करने वाला प्रमुख सामाजिक संगठन 'बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर वाहिनी' अब सक्रिय राजनीति के मैदान में उतर गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर चौधरी ने एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद नई राजनीतिक पार्टी 'बहुजन आवाज पार्टी' के गठन की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
​सामाजिक संघर्ष से सत्ता के गलियारे तक का सफर
​अमर चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि अम्बेडकर वाहिनी लंबे समय से एक सामाजिक मंच के रूप में शोषित वर्गों के लिए संघर्ष कर रही है। देश भर में इस संगठन से 28 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह महसूस किया गया कि शोषितों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए अब एक मजबूत राजनीतिक मंच का होना अनिवार्य है। पार्टी का गठन पिछले महीने ही कर लिया गया था, जिसे रविवार को सार्वजनिक रूप से घोषित किया गया।
​अमर चौधरी ने विश्वास जताया कि 'बहुजन आवाज पार्टी' देश के बहुजन समाज, अल्पसंख्यकों और मूलनिवासियों की सबसे सशक्त राजनीतिक आवाज बनेगी और उनके संवैधानिक अधिकारों के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
​पार्टी की नई केंद्रीय टीम का ऐलान
​'बहुजन आवाज पार्टी' के विस्तार और प्रभावी संचालन के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर चौधरी ने केंद्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। नई टीम में निम्नलिखित पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है:
​राष्ट्रीय उपाध्यक्ष: नकी जैदी
​प्रमुख महासचिव: आरती गुप्ता
​राष्ट्रीय महासचिव: फ़ैज़ अहमद एवं दिलीप कुमार मिश्रा
​राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष: संगीता चौधरी
​राष्ट्रीय सचिव: शादाब आलम
​देशव्यापी सदस्यता अभियान की तैयारी
​पार्टी की आधिकारिक घोषणा के साथ ही पदाधिकारियों ने कमर कस ली है। संगठन के विस्तार के लिए जल्द ही एक राष्ट्रव्यापी सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा, ताकि देश के हर कोने तक पार्टी की विचारधारा को पहुँचाया जा सके और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
​रिपोर्ट: अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

यू पी के कर्मचारी आक्रमक आठवे वेतन आयोग का खुला विरोध

यूपी में कर्मचारी संगठनों का बड़ा ऐलान: सरकार की 'संवेदनहीनता' के खिलाफ बिगुल, आठवें वेतन आयोग के विरोध में एकजुट हुए परिसंघ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्य कर्मचारियों की उपेक्षा और संवादहीनता के खिलाफ प्रदेश के सभी प्रमुख कर्मचारी परिसंघों ने मोर्चा खोल दिया है। राजधानी लखनऊ के प्रेस क्लब में आज विभिन्न मान्यता प्राप्त कर्मचारी परिसंघों के अध्यक्षों और महामंत्रियों की एक अहम संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें सरकार के कर्मचारी-विरोधी रवैये पर गहरा आक्रोश जताया गया।

आठवें वेतन आयोग पर जताई आपत्ति

बैठक में मुख्य रूप से आठवें वेतन आयोग को लेकर प्रदेश के कर्मचारी नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया। नेताओं ने आरोप लगाया कि आठवां वेतन आयोग देश भर में जाकर विभिन्न संगठनों और संस्थाओं से सुझाव ले रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश में अधिकारियों ने जानबूझकर प्रदेश स्तरीय कर्मचारी संगठनों को आयोग के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया है। इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय बताते हुए सभी परिसंघों ने निर्णय लिया है कि वे आठवें वेतन आयोग के अध्यक्ष, सदस्य सचिव और प्रदेश के मुख्य सचिव को संयुक्त रूप से अपना कड़ा विरोध पत्र भेजेंगे।

प्रमुख मांगें, जिन पर सरकार खामोश:

संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान पदाधिकारियों ने सरकार पर ब्यूरोक्रेसी के हावी होने का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने अपनी जिन मुख्य मांगों को जोर-शोर से उठाया, उनमें शामिल हैं:

  • ​पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली।
  • ​रिक्त पदों पर अविलंब भर्ती।
  • ​कर्मचारियों की लंबित पदोन्नतियां।
  • ​चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक हटाना।
  • ​2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की नियमावली जारी करना।
  • ​आउटसोर्स कर्मियों के लिए गठित निगम का क्रियान्वयन।

अब होगा 'निर्णायक संघर्ष'

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने जानकारी दी कि सरकार का रवैया पूरी तरह से संवेदनहीन बना हुआ है। प्रेस वार्ता का संचालन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने किया। बैठक में रामराज दुबे, शैलेंद्र दुबे, कृतार्थ सिंह, राजेश कुमार सिंह, राजकुमार और अरुणा शुक्ला समेत अनेक शीर्ष कर्मचारी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि अब समय आ गया है कि कॉमन मुद्दों को लेकर एक निर्णायक रणनीति बनाई जाए।

​जल्द ही सभी मान्यता प्राप्त परिसंघों के पदाधिकारी फिर से बैठक करेंगे, जिसमें भविष्य के बड़े आंदोलनात्मक कार्यक्रम और संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी।

ब्यूरो रिपोर्ट: अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

आगरा मालवा माहेश्वरी हितकारी मंडल ट्रस्ट का चुनाव हुआ संपन्न।

आगर मालवा: माहेश्वरी हितकारी मंडल ट्रस्ट के चुनाव संपन्न, कैलाश माहेश्वरी निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित
आगर मालवा/इंदौर: स्थानीय माहेश्वरी भवन में बुधवार को माहेश्वरी हितकारी मंडल ट्रस्ट, आगर के चुनाव अत्यंत सौहार्दपूर्ण और उत्साहजनक वातावरण में संपन्न हुए। समाज की एकता की मिसाल पेश करते हुए पूरी कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया।
निर्वाचन प्रक्रिया और नई टीम
चुनाव प्रक्रिया वरिष्ठ समाजसेवी रामप्रसाद अटल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। चुनाव अधिकारी की देखरेख में समाजजनों ने विचार-विमर्श के बाद नई टीम की घोषणा की, जो इस प्रकार है:
अध्यक्ष: कैलाश माहेश्वरी
सचिव: डॉ. विवेक मालानी
कोषाध्यक्ष: हरिबल्लभ मुंदड़ा
सह सचिव: रघुनंदन पालोड़ा
उपाध्यक्ष: विपिन मूंदड़ा, गिरीश मालानी एवं गोविंद जाजू
संगठन मंत्री: रमेश अटल
मीडिया प्रभारी: श्रीकांत गिलड़ा
नोट: शेष कार्यकारिणी के सदस्यों की घोषणा नवनिर्वाचित अध्यक्ष द्वारा शीघ्र ही की जाएगी।
जिला प्रतिनिधियों का चयन
संगठन को जिला स्तर पर मजबूती प्रदान करने के लिए 15 जिला प्रतिनिधियों का भी चयन किया गया। इस सूची में डॉ. पंकज अटल, विनय मालानी, ब्रजेश मुंदड़ा (पदेन), महेश माहेश्वरी, महेंद्र माहेश्वरी, शरद मालानी, पीयूष अटल, सचिन सोडाणी, नटवर सुरजन, महेंद्र जाजू, जयप्रकाश माहेश्वरी, श्रीकांत माहेश्वरी, शैलो सुरजन, पंकज अटल (सरयू), प्रवीण मुंदड़ा एवं विकास शारदा को शामिल किया गया है।
सम्मान और अभिनंदन
चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का पुष्पमाला पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर समाजजनों ने पूर्व अध्यक्ष रामप्रसाद अटल के कुशल नेतृत्व और उनके कार्यकाल के दौरान किए गए सेवा कार्यों की जमकर सराहना की और उनका विशेष अभिनंदन किया।
समाज हित में कार्य करने का संकल्प
समाज के वरिष्ठजनों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि नई टीम माहेश्वरी समाज के उत्थान, ट्रस्ट की संपत्तियों के संरक्षण और सामाजिक एकजुटता के लिए नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगी।
रिपोर्ट: अजय बियानी
अटल सत्य टीवी न्यूज 24, इंदौर

अतरौली युवा सामाजिक विकास समिति का गठन समाज सेवा और जन कल्याण का लिया संकल्प

अतरौली: युवा सामाजिक विकास समिति का गठन, समाज सेवा और जन-कल्याण का लिया संकल्प
नगला हर्जी (अतरौली): क्षेत्र के गांव नगला हर्जी में 'युवा समाज सुधार एवं संस्कार सावधान संस्था' के बैनर तले एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान "युवा सामाजिक विकास समिति, अलीगढ़" के आधिकारिक स्वरूप और कार्यकारिणी की घोषणा की गई। संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज सेवा, शिक्षा का प्रसार और जन-कल्याणकारी कार्यों को धरातल पर उतारना है।
पंजीकरण और आधिकारिक मान्यता
समिति को आधिकारिक तौर पर पंजीकृत कर लिया गया है (पंजीकरण संख्या: ali/.00813/2026-2027)। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि अब संस्था पूरी कानूनी शक्ति के साथ क्षेत्र के विकास और गरीब तबके की मदद के लिए कार्य करेगी।
नई कार्यकारिणी का विस्तार
संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चयन किया गया, जो इस प्रकार हैं:
अध्यक्ष: डॉ. सुरेश चंद्र
उपाध्यक्ष: मनोज कुमार
सचिव: विशाल कुमार
सहसचिव: मनीष कुमार
कोषाध्यक्ष: हिरदेश कुमार
मीडिया प्रभारी: दीपक गगन लोधी (एडवोकेट)
समाज सेवा ही सर्वोपरि लक्ष्य
बैठक को संबोधित करते हुए नव-नियुक्त पदाधिकारियों ने कहा कि संस्था जाति-पाति से ऊपर उठकर संस्कारवान समाज के निर्माण के लिए कार्य करेगी। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी व आगामी विधानसभा प्रत्याशी (अतरौली) दीपक गगन लोधी एडवोकेट ने कहा, "युवाओं को संगठित होकर समाज की कुरीतियों के खिलाफ लड़ना होगा। हमारी समिति स्वास्थ्य, शिक्षा और न्याय के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहेगी।"
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने पूरी निष्ठा के साथ जनकल्याण की शपथ ली। इस दौरान गांव के गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रिपोर्ट: दीपक भारद्वाज

लखनऊ: पासी पार्टी की महाबैठक में बनी आगामी रणनीति; राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शरण प्रसाद बोले– 'शोषितों को मुख्यधारा में लाना ही लक्ष्य'

लखनऊ: पब्लिक अधिकार सोशलिस्ट इंडियन पार्टी (पासी पार्टी) ने बुनी आगामी रणनीति, संगठन विस्तार पर दिया जोर

लखनऊ (अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24)। राजधानी लखनऊ के दारुल सफा ब्लॉक-ए स्थित कॉमन हॉल में आज 'पब्लिक अधिकार सोशलिस्ट इंडियन पार्टी' (पासी पार्टी) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रदेश भर से आए वरिष्ठ पदाधिकारियों, कर्मठ कार्यकर्ताओं और समाज के गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

​शोषितों और वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ना ही पार्टी का मुख्य उद्देश्य: शिव शरण प्रसाद

​बैठक की अध्यक्षता कर रहे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शरण प्रसाद ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंका। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज के शोषित, वंचित और उपेक्षित वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना ही इस पार्टी का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की:

​"सभी कार्यकर्ता गांव-गांव और बूथ स्तर तक अपनी पहुंच बनाएं। जनता की बुनियादी समस्याओं को समझें, उन्हें समय पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अवगत कराएं और उनका त्वरित समाधान करने का प्रयास करें। इसके साथ ही पार्टी की लोक-कल्याणकारी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएं।"


​संगठन विस्तार और बुनियादी मुद्दों पर हुआ गंभीर मंथन

​बैठक के दूसरे सत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सम्मान जैसे अति-महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चिंतन-मनन किया गया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए बुद्धिजीवियों, वरिष्ठ नागरिकों, शिक्षकों, डॉक्टरों, इंजीनियरों और अधिवक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। दूर-दराज से आए कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखकर यह साफ नजर आया कि पार्टी बहुत तेजी से एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले रही है।

​बैठक में ये प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित

​इस बैठक में पार्टी के शीर्ष और प्रांतीय नेतृत्व की भारी मौजूदगी रही, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:

  • राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी: राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आदरणीय श्री रामेश्वर आजाद आल्हा सम्राट जी, राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुज कुमार रावत जी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. आर. के. आदर्श जी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हंसराज जी, राष्ट्रीय समन्वयक सुरेश चंद्र रावत जी, राष्ट्रीय सदस्यता अभियान प्रभारी सुखराम जी, राष्ट्रीय प्रवक्ता राज बहादुर वर्मा जी।
  • प्रांतीय स्तर के पदाधिकारी: प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार रावत जी, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कुमार राजवंशी जी, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक कुमार रावत जी, प्रदेश सचिव अशोक कुमार जी, प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तरी मंसाराम रावत जी, प्रदेश सचिव बाबूलाल रावत जी।
  • क्षेत्रीय एवं जिला अध्यक्ष: प्रांत संयोजक शुभम वर्मा प्रमोद, बालक राम पासवान, मुरलीधर रावत, संतोष रावत (जिला अध्यक्ष लखनऊ), नागेंद्र रावत (जिला अध्यक्ष उन्नाव), रामकिशन रावत (जिला अध्यक्ष रायबरेली), अनुतेश (जिला अध्यक्ष बाराबंकी), राजेश कुमार राज (जिला अध्यक्ष सीतापुर), नवनीत कुमार रावत (जिला अध्यक्ष हरदोई)।
  • अन्य गणमान्य सदस्य: दिलीप कुमार, गोमती प्रसाद रावत, रामचंद्र रावत, रामदुलारे रावत, रामकिशोर रावत, अनुज, विक्रम रावत, आर. पी. प्रेमी जी, महेंद्र पाल वर्मा सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता।

राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन

बैठक का समापन अत्यंत गरिमामय और भावपूर्ण वातावरण में राष्ट्रगान "जन गण मन" के सामूहिक गायन के साथ हुआ। बैठक की सफलता पर प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार रावत ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

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यूपी पंचायत चुनाव: "अधिकारियों को अधिकार देना चाहती है सरकार", स्वामी प्रसाद मौर्य ने कार्यकाल बढ़ाने की मांग की।​मनरेगा का नाम बदलने पर भड़के मौर्य, बोले- "2027 के चुनाव में फंड का दुरुपयोग करना चाहती है बीजेपी"।

योगी सरकार पर बरसे स्वामी प्रसाद मौर्य, कहा-

'लोकतंत्र का गला घोंट रही सरकार', प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी

लखनऊ | अटल बिहारी शर्मा की रिपोर्ट

​उत्तर प्रदेश की सियासत में पंचायत चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर पंचायत चुनाव टालने की साजिश रचने और लोकतंत्र विरोधी कार्य करने का गंभीर आरोप लगाया है।

"हार के डर से चुनाव नहीं करा रही सरकार"

​स्वामी प्रसाद मौर्य ने सीधे तौर पर कहा कि योगी सरकार पंचायत प्रतिनिधियों (प्रधान, बीडीसी, ब्लॉक प्रमुख) से डरी हुई है। उन्होंने कहा:

​"2017 की तरह सरकार को डर है कि चुनकर आने वाले प्रतिनिधि उनके बस में रहेंगे या नहीं। पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने वाला है, लेकिन अब तक अधिसूचना जारी न करना सरकार की बदनीति को दर्शाता है।"


पंचायत प्रतिनिधियों के हक में उठाई आवाज

​मौर्य ने मांग की कि पंचायत चुनाव में लगभग 10 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि चुनकर आते हैं। अगर सरकार समय पर चुनाव नहीं कराती है, तो वर्तमान प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल यथावत बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव न कराकर पंचायतों का अधिकार अधिकारियों की झोली में डालना चाहती है, जिससे विकास कार्य बाधित होंगे।

मनरेगा के नाम बदलने और फंड के दुरुपयोग पर बड़ा दावा

​स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक और चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि मनरेगा (MNREGA) योजना का नाम बदलकर 'जी रामजी योजना' कर दिया गया है।

  • फंड की कमी: उन्होंने आरोप लगाया कि नाम बदलने के बाद से पंचायतों को एक भी रुपया नहीं मिला है।
  • चुनावी दुरुपयोग: मौर्य ने आशंका जताई कि सरकार इस योजना के हजारों करोड़ रुपये के फंड को 2027 के विधानसभा चुनाव में दुरुपयोग करने के लिए बचाकर रख रही है।

फतेहपुर जाने से रोकने पर पुलिस और सरकार को घेरा

​फतेहपुर में हुए अपराध के पीड़ितों से मिलने जा रहे स्वामी प्रसाद मौर्य को पुलिस द्वारा नोटिस दिए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा:

  1. अपराधियों का बोलबाला: यूपी पुलिस अपराधियों को पकड़ने में नाकाम है, लेकिन पीड़ितों का दर्द बांटने वालों को रोक रही है।
  2. अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच: मौर्य ने मांग की कि पकड़े गए आरोपियों की कॉल रिकॉर्डिंग निकाली जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये अपराधी लड़कियों को विदेशों में भेजने वाले गिरह से जुड़े हो सकते हैं।
  3. आंदोलन की चेतावनी: उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "अगर मुझे फतेहपुर जाने से रोका गया, तो पूरे प्रदेश में व्यापक जन-आंदोलन होगा।"

निष्कर्ष

​स्वामी प्रसाद मौर्य के इन तेवरों ने प्रदेश की राजनीति में एक नया उबाल ला दिया है। अब देखना यह है कि योगी सरकार पंचायत चुनावों और इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाती है।

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"लोकतंत्र की रक्षा के लिए मैदान में उतरे ग्राम प्रधान; जितेंद्र चौधरी बोले- 'बाधित नहीं होने देंगे गांवों का विकास'।"


ग्राम प्रधानों की हुंकार: "कार्यकाल बढ़ाओ या चुनाव कराओ," अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

[ब्यूरो रिपोर्ट, अटल सत्य TV न्यूज़ 24]

उत्तर प्रदेश: प्रदेश में पंचायत चुनाव की आहट और ग्राम प्रधानों के कार्यकाल के खत्म होने की तारीख नजदीक आते ही सियासी पारा चढ़ गया है। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी के नेतृत्व में प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है।

मुख्य मुद्दा: प्रशासक की नियुक्ति का विरोध

​संगठन का स्पष्ट कहना है कि यदि कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति की जाती है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ होगा। इससे न केवल विकास कार्यों की निरंतरता प्रभावित होगी, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े होंगे।

प्रमुख मांगें:

​संगठन ने सरकार के समक्ष दो मुख्य विकल्प रखे हैं:

  1. समय पर चुनाव: पंचायत चुनाव निर्धारित समय सीमा के भीतर तत्काल संपन्न कराए जाएं।
  2. कार्यकाल का विस्तार: यदि चुनाव में देरी होती है, तो वर्तमान ग्राम प्रधानों के कार्यकाल को तब तक के लिए बढ़ाया जाए जब तक नई पंचायत का गठन न हो जाए।
  3. "हम जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि हैं। विकास कार्यों को गति देने और जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रधानों का पद पर बने रहना अनिवार्य है।" > — जितेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष


    20 मई को होगा 'विशाल महासम्मेलन'

    ​अपनी आवाज को शासन तक मजबूती से पहुँचाने के लिए संगठन ने एक बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर ली है।

    • कार्यक्रम: विशाल महासम्मेलन
    • दिनांक: 20 मई 2026 (बुधवार)
    • समय: प्रातः 10 बजे से
    • उद्देश्य: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक अपनी मांगों को पहुँचाना और प्रधानों की एकजुटता प्रदर्शित करना।

    सरकार से त्वरित निर्णय की अपील

    ​जितेंद्र चौधरी ने माननीय पंकज चौधरी जी (केंद्रीय राज्य मंत्री) के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस विषय पर प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लेने का अनुरोध किया है। प्रधानों का मानना है कि प्रशासक राज विकास की गति को रोक देगा, जबकि प्रधानों के रहते सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से होता है।

    देखते रहिए 'अटल सत्य TV न्यूज़ 24' - निष्पक्षता ही हमारी पहचान।

लखनऊ बार एसोसिएशन चुनाव: उपाध्यक्ष पद पर अनुज बाजपेई की एकतरफा बढ़त, समर्थकों में जश्न का माहौल।

लखनऊ बार एसोसिएशन चुनाव: उपाध्यक्ष पद पर अनुज बाजपेई की एकतरफा बढ़त, समर्थकों में जश्न का माहौल
लखनऊ | अटल सत्य टी वी न्यूज 24 रिपोर्टर: अटल बिहारी शर्मा
दिनांक: 26 अप्रैल, 2026
लखनऊ: राजधानी के कैसरबाग स्थित लखनऊ बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव की मतगणना के बाद कचहरी परिसर में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। शनिवार को आए रुझानों और परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार अधिवक्ताओं ने बदलाव और मजबूती के पक्ष में मतदान किया है।
अनुज बाजपेई की बड़ी बढ़त: जीत की ओर कदम
उपाध्यक्ष (मध्य) पद के मुकाबले में अनुज बाजपेई ने अपने प्रतिद्वंदियों को काफी पीछे छोड़ दिया है। अब तक की मतगणना के आंकड़े इस प्रकार हैं:
अनुज बाजपेई: 887 मत (प्रथम स्थान)
अंजनी प्रकाश यादव: 489 मत
जितेंद्र कुमार त्रिपाठी: 444 मत
अपनी इस शानदार बढ़त पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुज बाजपेई ने इसे मां वैष्णो देवी की कृपा और साथी अधिवक्ताओं के विश्वास की जीत बताया है। उनके समर्थक नवीन कुमार ने बताया कि मतगणना स्थल पर अधिवक्ताओं का उत्साह चरम पर है और ढोल-नगाड़ों के साथ अग्रिम जीत का जश्न शुरू हो चुका है।
इन दिग्गजों ने दर्ज की जीत
मुख्य पदों पर परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें अनुभवी चेहरों ने बाजी मारी है:
अध्यक्ष: जी.एन. शुक्ला ‘चच्चू’ ने विजय पताका फहराई।
महामंत्री: जितेंद्र सिंह यादव उर्फ ‘जीतू’ निर्वाचित हुए।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष: मनीष श्रीवास्तव ने जीत दर्ज की।
वहीं, उपाध्यक्ष (कनिष्ठ) पद पर अनुराग श्रीवास्तव (सूरज) 335 मतों के साथ अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मयंक यादव (285 मत) से आगे चल रहे हैं।
पहली बार दिखा महिला आरक्षण का प्रभाव
इस बार का चुनाव ऐतिहासिक रहा क्योंकि बार एसोसिएशन में पहली बार महिला आरक्षण लागू किया गया। कुल 22 पदों के लिए 116 प्रत्याशी मैदान में थे, जिनमें कोषाध्यक्ष सहित सात पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए। इस कदम की कानूनी गलियारों में काफी सराहना हो रही है।
मतदान का गणित
बता दें कि बुधवार को हुए मतदान में कुल 3672 मतदाताओं में से 2722 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। शेष बचे हुए पदों की मतगणना कल पूरी की जाएगी, जिसके बाद आधिकारिक रूप से पूरी कार्यकारिणी की घोषणा होगी।
कानूनी जगत और शहर की सटीक खबरों के लिए पढ़ते रहें— अटल सत्य टी वी न्यूज 24

उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ का तीखा प्रहार: "जो गाय का मांस खाते हैं, क्या वे सुअर का दूध भी पीते हैं?"


उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ का तीखा प्रहार: "जो गाय का मांस खाते हैं, क्या वे सुअर का दूध भी पीते हैं?"
लखनऊ | अटल सत्य टीवी न्यूज 24 | ब्यूरो रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने बेबाक और कड़े तेवरों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में एक सार्वजनिक मंच से गौ-संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। योगी आदित्यनाथ ने सीधे शब्दों में उन लोगों पर निशाना साधा जो खान-पान की स्वतंत्रता के नाम पर गौ-मांस का समर्थन करते हैं।
बयान के पीछे का कड़ा तर्क
मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए सवाल पूछा, "जो लोग गाय को खाने की बात करते हैं, क्या वे सुअर का दूध भी पीते हैं?" उनके इस बयान का सीधा संदेश उन लोगों के प्रति था जो एक धर्म विशेष की भावनाओं का सम्मान करने के बजाय 'फूड चॉइस' का तर्क देते हैं। योगी आदित्यनाथ का तर्क है कि अगर कुछ चीजें धार्मिक या सांस्कृतिक आधार पर वर्जित मानी जाती हैं, तो यह पैमाना सभी के लिए एक समान क्यों नहीं होता?
सांस्कृतिक पहचान और 'गौ-माता' का दर्जा
सीएम योगी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत में गाय को सिर्फ एक पशु नहीं, बल्कि 'माता' का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा:
गाय हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
सनातन संस्कृति में गाय का दूध अमृत के समान है।
गौ-सेवा केवल धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि एक मानवीय उत्तरदायित्व है।
"गाय की सेवा और संरक्षण हमारी प्राथमिकता है। जो लोग हमारी संस्कृति का अपमान करते हैं, उन्हें अपनी दोहरी मानसिकता पर विचार करना चाहिए।" — योगी आदित्यनाथ
विपक्ष में हलचल और सामाजिक प्रतिक्रिया
योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट्स तक में उबाल आ गया है। जहाँ एक तरफ हिंदू संगठनों ने इसे "सांस्कृतिक गौरव" की रक्षा करने वाला बयान बताया है, वहीं विपक्षी दल इसे ध्रुवीकरण की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि, मुख्यमंत्री का रुख साफ है—वे उत्तर प्रदेश में अवैध बूचड़खानों पर सख्ती और गौ-शालाओं के निर्माण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता पहले ही साबित कर चुके हैं।
निष्कर्ष: सुलगते सवाल
अटल सत्य टीवी न्यूज 24 के माध्यम से यह सवाल उठता है कि क्या खान-पान के नाम पर किसी की आस्था को ठेस पहुँचाना उचित है? सीएम योगी का यह बयान न केवल एक राजनैतिक कटाक्ष है, बल्कि समाज के सामने एक आईना भी है, जो 'दोहरे मापदंडों' पर चोट करता है।
अटल सत्य टीवी न्यूज 24 के लिए अटल बिहारी शर्मा की रिपोर्ट।

बाबा साहब केवल भारत ही नहीं, विश्व के आदर्श" – लोक भवन में गूँजी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की आवाज़।


अटल सत्य एक्सक्लूसिव: "बाबा साहब केवल भारत ही नहीं, विश्व के आदर्श" – लोक भवन में गूँजी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की आवाज़

लखनऊ | ब्यूरो रिपोर्ट: अटल बिहारी शर्मा

​राजधानी लखनऊ के लोक भवन सचिवालय ऑडिटोरियम में 'भारत रत्न' बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और गरिमा के साथ मनाया गया। उत्तर प्रदेश सचिवालय जन्ोत्सव आयोजन समिति द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने शिरकत की।

डॉ. अंबेडकर की विद्वता का लोहा मानती है दुनिया: ब्रजेश पाठक

​समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर एक ऐसे महामानव हैं, जिन्हें न केवल भारत बल्कि संपूर्ण विश्व 'विश्व रत्न' के रूप में सम्मान देता है। उन्होंने कहा:

​"बाबा साहब ने विपरीत परिस्थितियों और गंभीर सामाजिक चुनौतियों के बावजूद जो मुकाम हासिल किया, वह अद्वितीय है। उनके द्वारा रचित भारत का संविधान दुनिया का सबसे श्रेष्ठ विधान है, जिसकी तुलना किसी और से नहीं की जा सकती।"


​डिप्टी सीएम ने विशेष रूप से नारी शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज हमारी बहनें जो आसमान की ऊँचाइयों को छू रही हैं, वह बाबा साहब की ही देन है। उन्होंने सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकार का अभिन्न अंग बताते हुए अपना सहयोगी संबोधित किया।

संघर्ष की प्रतिमूर्ति थे बाबा साहब: मंत्री अनिल कुमार

​विशिष्ट अतिथि और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने भावुक होते हुए कहा कि वह स्वयं दलित समाज से आते हैं और बाबा साहब के त्याग को गहराई से समझते हैं। उन्होंने कहा कि आज वे जिस पद पर हैं, वह अंबेडकर जी की प्रेरणा और संघर्षों का ही परिणाम है।

वृत्तचित्र के माध्यम से नारी उत्थान पर चर्चा

​समारोह के दौरान एक विशेष वृत्तचित्र (Documentary) का प्रदर्शन किया गया, जिसमें दिखाया गया कि कैसे बाबा साहब ने:

  • मैटरनिटी लीव और समान कार्य-समान वेतन के अधिकार दिलाए।
  • हिंदू कोड बिल के माध्यम से महिलाओं को संपत्ति, तलाक और गोद लेने का अधिकार दिया।
  • ​शिक्षा और लैंगिक समानता के लिए समाज की कुरीतियों को जड़ से मिटाया।

विद्वानों के विचार: "नीलकंठ की भांति विष पिया, पर अमृत (संविधान) दिया"

​सचिवालय संघ के अध्यक्ष और मुख्य संयोजक अर्जुन देव भारती ने बाबा साहब की तुलना भगवान शंकर के 'नीलकंठ' स्वरूप से की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शिव ने विष को गले में धारण किया, उसी प्रकार बाबा साहब ने समाज की असीम यातनाओं को सहा, लेकिन कभी कड़वाहट नहीं फैलाई, बल्कि देश को एक महान व्यवस्था दी।

​वहीं, रेड क्रॉस की पैट्रन डॉ. सुषमा सिंह ने कहा कि नारी समाज के लिए बाबा साहब किसी मसीहा से कम नहीं हैं, जिन्होंने हमें शिक्षा और सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया।

समारोह में उपस्थित प्रमुख गणमान्य

​इस ऐतिहासिक आयोजन में विशेष सचिव मंजू लता सिंह, समिति अध्यक्ष बी.पी. नागेश, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिंह, पूरन लाल, विपुल पांडे, मनोज कुमार ब्रह्मचारी, संतोष कुमार साव और तनुजा श्रीवास्तव सहित भारी संख्या में सचिवालय कर्मी उपस्थित रहे।

प्रस्तुति:

  • अर्जुन देव भारती (मुख्य संरक्षक)
  • रामचन्द्र पटेल (संपर्क सूत्र)

खबर स्रोत: अटल बिहारी शर्मा (अटल सत्य टीवी न्यूज 24 निष्पक्ष खबरों का संग्रह।

लखनऊ। लखनऊ बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। महामंत्री पद की प्रत्याशी कामिनी ओझा लगातार अधिवक्ता हितों को प्राथमिकता देने की बात कर रही हैं।

अधिवक्ता हित के लिए काम करूंगी: कामिनी ओझा

अटल सत्य टी वी न्यूज 24 के लिए हेमंत चौहान की रिपोर्ट लखनऊ 

लखनऊ। लखनऊ बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। महामंत्री पद की प्रत्याशी कामिनी ओझा लगातार अधिवक्ता हितों को प्राथमिकता देने की बात कर रही हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान कामिनी ओझा ने कहा कि यदि उन्हें अधिवक्ताओं का समर्थन मिलता है और वे चुनाव जीतती हैं, तो सबसे पहले अधिवक्ताओं की मूलभूत समस्याओं के समाधान पर कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि वे कोई बड़े वादे नहीं कर रहीं, बल्कि ईमानदारी और निष्ठा के साथ अधिवक्ताओं के हित में कार्य करना ही उनका मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने आगे कहा कि अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए हमेशा तत्पर रहना और उनके साथ खड़ा रहना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

कामिनी ओझा ने सभी अधिवक्ता साथियों से समर्थन और वोट देने की अपील की है। चुनावी माहौल के बीच सभी प्रत्याशी अपने-अपने तरीके से प्रचार में जुटे हुए हैं और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अधिवक्ता किसे अपना प्रतिनिधि चुनते हैं

लखनऊ की सड़कों पर उतरा 'नारी शक्ति' का सैलाब: अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल क्या फंस गई है सपा?


लखनऊ की सड़कों पर उतरा 'नारी शक्ति' का सैलाब: अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल क्या फंस गई है सपा?
लखनऊ | उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कें आज नारों और विरोध प्रदर्शनों से गूंज उठीं। मुद्दा है 33% महिला आरक्षण का, जिसे लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। 'अटल सत्य TV News 24' की रिपोर्ट के अनुसार, हजारों की संख्या में महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर सपा सुप्रीमो के रुख के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।
विरोध की मुख्य वजह: आरक्षण के भीतर आरक्षण का पेंच?
समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव का स्टैंड लंबे समय से यह रहा है कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) में OBC और अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए अलग से कोटा निर्धारित किया जाए। हालांकि, विपक्षी दलों का आरोप है कि 'कोटे में कोटा' की मांग दरअसल इस ऐतिहासिक सुधार को रोकने या लटकाने की एक रणनीति है।
इसी बात को लेकर आज महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि:
"जब दशकों बाद महिलाओं को उनका हक मिल रहा है, तो राजनीतिक दल इसमें अड़ंगा क्यों लगा रहे हैं? यह विरोध अखिलेश यादव को आगामी चुनावों में भारी पड़ सकता है।"

हज़ारों की संख्या में महिलाओं को विधानसभा मार्ग पर महिलाओं का भारी जमावड़ा देखा गया।
चुनावी समीकरण: यूपी में महिला वोट बैंक अब एक निर्णायक शक्ति बन चुका है। ऐसे में महिलाओं का यह सीधा विरोध सपा के वोट बैंक में सेंध लगा सकता है।
सीधा प्रहार:  अखिलेश यादव के खिलाफ सीधे तौर पर नारेबाजी की, जिसे 'भारी पड़ने वाली' राजनीतिक चूक माना जा रहा है।
क्या होगा राजनीतिक असर?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अखिलेश यादव अपनी छवि 'महिला आरक्षण विरोधी' के रूप में बनने से नहीं रोक पाए, तो 2027 के विधानसभा चुनावों में 'आधी आबादी' का यह गुस्सा साइकिल की रफ्तार रोक सकता है। बीजेपी इस मौके को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, वहीं सपा अब इस डैमेज कंट्रोल की तैयारी में जुट गई है।
ब्यूरो रिपोर्ट, अटल सत्य TV News 24

ताजा समाचार लगभग 500 जरुरत मर्दों को लखनऊ राजेन्द्र नगर में वितरण किया गया चश्मा।

लखनऊ: निःशुल्क चश्मा वितरण शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 500 लोगों को मिला लाभ
राजधानी लखनऊ के राजेंद्र नगर स्थित पानी टंकी पार्क में रविवार को स्वर्गीय डॉ. अखिलेश दास गुप्ता की पावन स्मृति में भव्य निःशुल्क चश्मा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस जनसेवा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम में बीबीडी ग्रुप के चेयरमैन विराज सागर दास मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने अपने हाथों से बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों को चश्मे वितरित किए। आयोजकों के अनुसार करीब 500 जरूरतमंद लोगों को निशुल्क चश्मे प्रदान किए गए, जिससे आमजन को काफी राहत मिली।
इस अवसर पर पार्षद राजेश दीक्षित राजू, पूर्व पार्षद राजू वाजपेई और हार्दिक दीक्षित सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं।
मुख्य अतिथि विराज सागर दास ने अपने संबोधन में कहा कि समाज सेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि है और भविष्य में भी इस तरह के जनकल्याणकारी कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।
अटल सत्य टीवी न्यूज की विशेष कवरेज में मौके पर लोगों की भारी भीड़, उत्साह और कार्यक्रम की सफलता साफ तौर पर देखने को मिली।
रिपोर्ट: अटल बिहारी शर्मा

चारबाग रेलवे स्टेशन पर बैटरी चालित वाहनों के विरोध में कुलियों का प्रदर्शन।


 चारबाग रेलवे स्टेशन पर बैटरी चालित वाहनों के विरोध में कुलियों का प्रदर्शन
लखनऊ | अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24
राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन परिसर में बैटरी चालित वाहनों के संचालन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए स्टेशन प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है।
राष्ट्रीय कुली मोर्चा के पदाधिकारियों द्वारा स्टेशन निदेशक को एक लिखित पत्र सौंपा गया, जिसमें रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए बैटरी चालित वाहनों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।
पत्र में बताया गया है कि रेलवे बोर्ड द्वारा पूर्व में जारी आदेशों के अनुसार बैटरी चालित वाहनों का उपयोग केवल दिव्यांग, बीमार और असहाय यात्रियों की सुविधा के लिए किया जाना चाहिए। लेकिन वर्तमान में इन वाहनों का इस्तेमाल सामान्य यात्रियों और उनके सामान को ढोने के लिए किया जा रहा है, जिससे स्टेशन पर कार्यरत कुलियों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।
कुली मोर्चा का आरोप है कि बड़े पैमाने पर बैटरी वाहन प्लेटफॉर्म के अंदर और बाहर संचालित हो रहे हैं, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे कुलियों का काम प्रभावित हो रहा है। इसके चलते कुलियों और वाहन चालकों के बीच तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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ब्रेकिंग न्यूज लखनऊ शिक्षा माफियाओं के विरोध में किसानों का हल्ला बोल।


लखनऊ: शिक्षा माफियाओं के खिलाफ किसानों का 'हल्ला बोल', भारी पुलिस बल के बीच परिवर्तन चौक पर प्रदर्शन
लखनऊ 
राजधानी लखनऊ की सड़कें आज उस समय नारों से गूंज उठीं जब शिक्षा माफियाओं के बढ़ते हौसलों के खिलाफ हजारों की संख्या में किसान सड़कों पर उतर आए। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले आयोजित इस विशाल विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू गुप्ता ने किया।
परिवर्तन चौक पर किसानों का जमावड़ा
हजरतगंज कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले परिवर्तन चौक पर सुबह से ही किसानों का जुटना शुरू हो गया था। प्रदर्शन में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि हजारों की संख्या में महिला किसानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 'शिक्षा माफिया मुर्दाबाद' और 'किसानों को न्याय दो' के नारों के साथ प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर कूच करने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस की मुस्तैदी और इंस्पेक्टर विक्रम सिंह की सूझबूझ
हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था। हजरतगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे। जब किसानों ने विधानसभा की ओर बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
अटल सत्य टीवी न्यूज़ अपडेट: इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बेहद सूझबूझ और शांतिपूर्ण तरीके से किसानों के साथ संवाद स्थापित किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया और उनकी मांगों का ज्ञापन स्वीकार किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी वापस लौटने को तैयार हुए।
प्रमुख मांगें और प्रदर्शन का उद्देश्य
राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू गुप्ता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शिक्षा के नाम पर माफिया राज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और सरकार को इस पर कड़ा एक्शन लेना चाहिए।

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Meta Description: लखनऊ में शिक्षा माफियाओं के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (राजू गुप्ता गुट) का हल्ला बोल। परिवर्तन चौक पर हजारों किसानों ने किया प्रदर्शन, पुलिस ने ज्ञापन लेकर कराया शांत।
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