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यदि योगी आदित्यनाथ छोड़ते हैं कुर्सी तो क्या होगा 2027 चुनाव का समीकरण
By: Atal Satya TV news 24 on जुलाई 03, 2026 / comment : 0 राजनीति
विशेष विश्लेषण: यदि योगी आदित्यनाथ छोड़ते हैं कुर्सी, तो क्या होगा 2027 का राजनीतिक समीकरण?
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में 'योगी आदित्यनाथ' का नाम केवल एक मुख्यमंत्री का नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'हिंदुत्व' और 'कानून-व्यवस्था' के उस 'त्रिशूल मॉडल' का पर्याय बन चुका है, जिसने राज्य में सत्ता के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। हालाँकि, हालिया राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं और विपक्ष के दावों के बीच, यह सवाल अक्सर उठता है कि 'यदि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हैं, तो 2027 के चुनाव में भाजपा की क्या स्थिति होगी?'
'अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24' की पड़ताल और राजनीतिक जानकारों की राय के आधार पर, इस काल्पनिक लेकिन महत्वपूर्ण परिस्थिति का विश्लेषण यहाँ प्रस्तुत है:
1. भाजपा की 'फेस' वैल्यू का संकट
भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि 2027 का विधानसभा चुनाव योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। यदि वे पद छोड़ते हैं, तो भाजपा के सामने सबसे बड़ा संकट एक ऐसा चेहरा ढूंढने का होगा, जो योगी जैसी 'हिन्दू हृदय सम्राट' की छवि और 'बुलडोजर' जैसी कठोर प्रशासनिक कार्यशैली को प्रतिस्थापित कर सके। योगी का व्यक्तित्व भाजपा के कैडर और आम जनता के बीच एक अटूट सेतु है; उनके बिना पार्टी को 'नेतृत्व का शून्य' भरने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ सकती है।
2. '80 बनाम 20' के फॉर्मूले पर प्रभाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं 2027 की लड़ाई को '80 बनाम 20' का आधार दे चुके हैं। उनका स्पष्ट रुख है कि कानून-व्यवस्था और सनातन संस्कृति पर समझौता न करना ही उनका मूल मंत्र है। यदि चेहरा बदलता है, तो भाजपा का यह चुनावी नैरेटिव कमजोर पड़ सकता है। विपक्ष, जो पहले से ही जातीय जनगणना और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) जैसे मुद्दों के जरिए भाजपा को घेर रहा है, उसे अपनी रणनीति को और अधिक आक्रामक बनाने का मौका मिल जाएगा।
3. संगठनात्मक असंतोष और आंतरिक कलह
योगी आदित्यनाथ के पद छोड़ने की स्थिति में भाजपा के भीतर पावर सेंटर को लेकर खींचतान बढ़ सकती है। पार्टी के पुराने निष्ठावान और नए चेहरों के बीच सत्ता संघर्ष का सीधा असर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं पर पड़ेगा। इससे बूथ मैनेजमेंट में ढिलाई आ सकती है, जिसका सीधा फायदा विपक्षी दलों—खासकर समाजवादी पार्टी—को मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
4. प्रशासनिक प्रभाव: 'लॉ एंड ऑर्डर' पर सवाल
यूपी में योगी सरकार की सबसे बड़ी यूएसपी 'लॉ एंड ऑर्डर' है। उत्तर प्रदेश की जनता ने अपराध मुक्त शासन का जो अनुभव किया है, उसे योगी के व्यक्तित्व से जोड़कर देखा जाता है। किसी अन्य नेतृत्व के आने पर यदि अपराध नियंत्रण में जरा सी भी ढील आई, तो यह भाजपा के लिए चुनावी हार का बड़ा कारण बन सकता है।
5. विपक्ष को मिलेगी 'संजीवनी'
योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा विपक्ष के लिए एक 'संजीवनी' के समान होगा। अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी दल इसे 'भाजपा की अंदरूनी विफलता' और 'नेतृत्व का पतन' करार देकर जनता के बीच एक बड़ा प्रोपेगेंडा खड़ा कर सकते हैं। यह स्थिति उन मतदाताओं को भाजपा से दूर कर सकती है जो केवल 'मोदी-योगी' की जोड़ी के भरोसे भाजपा को वोट देते आए हैं।
निष्कर्ष
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान परिदृश्य में योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा भाजपा के लिए आत्मघाती कदम साबित हो सकता है। पार्टी का पूरा चुनावी ताना-बाना फिलहाल योगी के इर्द-गिर्द बुना गया है। यदि यह धुरी हटती है, तो 2027 की लड़ाई भाजपा के लिए 'वॉल्कओवर' के बजाय एक कठिन चुनौती बन जाएगी।
फिलहाल, भाजपा नेतृत्व का स्पष्ट संदेश है कि योगी आदित्यनाथ ही 2027 का चेहरा हैं और पार्टी उन्हीं की अगुवाई में अपनी जीत की हैट्रिक लगाने के लिए तैयार है।
संवाददाता: अटल सत्य टीम
स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश
क्या आपको लगता है कि योगी आदित्यनाथ के बिना भाजपा 2027 में अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रख पाएगी? अपनी राय हमें नीचे कमेंट में जरूर बताएं।
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यू पी के कर्मचारी आक्रमक आठवे वेतन आयोग का खुला विरोध
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यूपी में कर्मचारी संगठनों का बड़ा ऐलान: सरकार की 'संवेदनहीनता' के खिलाफ बिगुल, आठवें वेतन आयोग के विरोध में एकजुट हुए परिसंघ
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्य कर्मचारियों की उपेक्षा और संवादहीनता के खिलाफ प्रदेश के सभी प्रमुख कर्मचारी परिसंघों ने मोर्चा खोल दिया है। राजधानी लखनऊ के प्रेस क्लब में आज विभिन्न मान्यता प्राप्त कर्मचारी परिसंघों के अध्यक्षों और महामंत्रियों की एक अहम संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें सरकार के कर्मचारी-विरोधी रवैये पर गहरा आक्रोश जताया गया।
आठवें वेतन आयोग पर जताई आपत्ति
बैठक में मुख्य रूप से आठवें वेतन आयोग को लेकर प्रदेश के कर्मचारी नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया। नेताओं ने आरोप लगाया कि आठवां वेतन आयोग देश भर में जाकर विभिन्न संगठनों और संस्थाओं से सुझाव ले रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश में अधिकारियों ने जानबूझकर प्रदेश स्तरीय कर्मचारी संगठनों को आयोग के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया है। इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय बताते हुए सभी परिसंघों ने निर्णय लिया है कि वे आठवें वेतन आयोग के अध्यक्ष, सदस्य सचिव और प्रदेश के मुख्य सचिव को संयुक्त रूप से अपना कड़ा विरोध पत्र भेजेंगे।
प्रमुख मांगें, जिन पर सरकार खामोश:
संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान पदाधिकारियों ने सरकार पर ब्यूरोक्रेसी के हावी होने का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने अपनी जिन मुख्य मांगों को जोर-शोर से उठाया, उनमें शामिल हैं:
- पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली।
- रिक्त पदों पर अविलंब भर्ती।
- कर्मचारियों की लंबित पदोन्नतियां।
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक हटाना।
- 2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की नियमावली जारी करना।
- आउटसोर्स कर्मियों के लिए गठित निगम का क्रियान्वयन।
अब होगा 'निर्णायक संघर्ष'
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने जानकारी दी कि सरकार का रवैया पूरी तरह से संवेदनहीन बना हुआ है। प्रेस वार्ता का संचालन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने किया। बैठक में रामराज दुबे, शैलेंद्र दुबे, कृतार्थ सिंह, राजेश कुमार सिंह, राजकुमार और अरुणा शुक्ला समेत अनेक शीर्ष कर्मचारी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि अब समय आ गया है कि कॉमन मुद्दों को लेकर एक निर्णायक रणनीति बनाई जाए।
जल्द ही सभी मान्यता प्राप्त परिसंघों के पदाधिकारी फिर से बैठक करेंगे, जिसमें भविष्य के बड़े आंदोलनात्मक कार्यक्रम और संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी।
ब्यूरो रिपोर्ट: अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24
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लखनऊ: पासी पार्टी की महाबैठक में बनी आगामी रणनीति; राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शरण प्रसाद बोले– 'शोषितों को मुख्यधारा में लाना ही लक्ष्य'
By: Atal Satya TV news 24 on मई 24, 2026 / comment : 0 राजनीति
लखनऊ: पब्लिक अधिकार सोशलिस्ट इंडियन पार्टी (पासी पार्टी) ने बुनी आगामी रणनीति, संगठन विस्तार पर दिया जोर
लखनऊ (अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24)। राजधानी लखनऊ के दारुल सफा ब्लॉक-ए स्थित कॉमन हॉल में आज 'पब्लिक अधिकार सोशलिस्ट इंडियन पार्टी' (पासी पार्टी) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रदेश भर से आए वरिष्ठ पदाधिकारियों, कर्मठ कार्यकर्ताओं और समाज के गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
शोषितों और वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ना ही पार्टी का मुख्य उद्देश्य: शिव शरण प्रसाद
बैठक की अध्यक्षता कर रहे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शरण प्रसाद ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंका। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज के शोषित, वंचित और उपेक्षित वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना ही इस पार्टी का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की:
"सभी कार्यकर्ता गांव-गांव और बूथ स्तर तक अपनी पहुंच बनाएं। जनता की बुनियादी समस्याओं को समझें, उन्हें समय पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अवगत कराएं और उनका त्वरित समाधान करने का प्रयास करें। इसके साथ ही पार्टी की लोक-कल्याणकारी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएं।"
संगठन विस्तार और बुनियादी मुद्दों पर हुआ गंभीर मंथन
बैठक के दूसरे सत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सम्मान जैसे अति-महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चिंतन-मनन किया गया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए बुद्धिजीवियों, वरिष्ठ नागरिकों, शिक्षकों, डॉक्टरों, इंजीनियरों और अधिवक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। दूर-दराज से आए कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखकर यह साफ नजर आया कि पार्टी बहुत तेजी से एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले रही है।
बैठक में ये प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित
इस बैठक में पार्टी के शीर्ष और प्रांतीय नेतृत्व की भारी मौजूदगी रही, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
- राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी: राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आदरणीय श्री रामेश्वर आजाद आल्हा सम्राट जी, राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुज कुमार रावत जी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. आर. के. आदर्श जी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हंसराज जी, राष्ट्रीय समन्वयक सुरेश चंद्र रावत जी, राष्ट्रीय सदस्यता अभियान प्रभारी सुखराम जी, राष्ट्रीय प्रवक्ता राज बहादुर वर्मा जी।
- प्रांतीय स्तर के पदाधिकारी: प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार रावत जी, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कुमार राजवंशी जी, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक कुमार रावत जी, प्रदेश सचिव अशोक कुमार जी, प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तरी मंसाराम रावत जी, प्रदेश सचिव बाबूलाल रावत जी।
- क्षेत्रीय एवं जिला अध्यक्ष: प्रांत संयोजक शुभम वर्मा प्रमोद, बालक राम पासवान, मुरलीधर रावत, संतोष रावत (जिला अध्यक्ष लखनऊ), नागेंद्र रावत (जिला अध्यक्ष उन्नाव), रामकिशन रावत (जिला अध्यक्ष रायबरेली), अनुतेश (जिला अध्यक्ष बाराबंकी), राजेश कुमार राज (जिला अध्यक्ष सीतापुर), नवनीत कुमार रावत (जिला अध्यक्ष हरदोई)।
- अन्य गणमान्य सदस्य: दिलीप कुमार, गोमती प्रसाद रावत, रामचंद्र रावत, रामदुलारे रावत, रामकिशोर रावत, अनुज, विक्रम रावत, आर. पी. प्रेमी जी, महेंद्र पाल वर्मा सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता।
राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
बैठक का समापन अत्यंत गरिमामय और भावपूर्ण वातावरण में राष्ट्रगान "जन गण मन" के सामूहिक गायन के साथ हुआ। बैठक की सफलता पर प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार रावत ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
: पासी पार्टी बैठक, लखनऊ दारुल सफा, पब्लिक अधिकार सोशलिस्ट इंडियन पार्टी, शिव शरण प्रसाद, राकेश कुमार रावत, अटल सत्य
यूपी पंचायत चुनाव: "अधिकारियों को अधिकार देना चाहती है सरकार", स्वामी प्रसाद मौर्य ने कार्यकाल बढ़ाने की मांग की।मनरेगा का नाम बदलने पर भड़के मौर्य, बोले- "2027 के चुनाव में फंड का दुरुपयोग करना चाहती है बीजेपी"।
By: Atal Satya TV news 24 on अप्रैल 30, 2026 / comment : 0 राजनीति
योगी सरकार पर बरसे स्वामी प्रसाद मौर्य, कहा- 'लोकतंत्र का गला घोंट रही सरकार', प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी
लखनऊ | अटल बिहारी शर्मा की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश की सियासत में पंचायत चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर पंचायत चुनाव टालने की साजिश रचने और लोकतंत्र विरोधी कार्य करने का गंभीर आरोप लगाया है।
"हार के डर से चुनाव नहीं करा रही सरकार"
स्वामी प्रसाद मौर्य ने सीधे तौर पर कहा कि योगी सरकार पंचायत प्रतिनिधियों (प्रधान, बीडीसी, ब्लॉक प्रमुख) से डरी हुई है। उन्होंने कहा:
"2017 की तरह सरकार को डर है कि चुनकर आने वाले प्रतिनिधि उनके बस में रहेंगे या नहीं। पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने वाला है, लेकिन अब तक अधिसूचना जारी न करना सरकार की बदनीति को दर्शाता है।"
पंचायत प्रतिनिधियों के हक में उठाई आवाज
मौर्य ने मांग की कि पंचायत चुनाव में लगभग 10 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि चुनकर आते हैं। अगर सरकार समय पर चुनाव नहीं कराती है, तो वर्तमान प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल यथावत बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव न कराकर पंचायतों का अधिकार अधिकारियों की झोली में डालना चाहती है, जिससे विकास कार्य बाधित होंगे।
मनरेगा के नाम बदलने और फंड के दुरुपयोग पर बड़ा दावा
स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक और चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि मनरेगा (MNREGA) योजना का नाम बदलकर 'जी रामजी योजना' कर दिया गया है।
- फंड की कमी: उन्होंने आरोप लगाया कि नाम बदलने के बाद से पंचायतों को एक भी रुपया नहीं मिला है।
- चुनावी दुरुपयोग: मौर्य ने आशंका जताई कि सरकार इस योजना के हजारों करोड़ रुपये के फंड को 2027 के विधानसभा चुनाव में दुरुपयोग करने के लिए बचाकर रख रही है।
फतेहपुर जाने से रोकने पर पुलिस और सरकार को घेरा
फतेहपुर में हुए अपराध के पीड़ितों से मिलने जा रहे स्वामी प्रसाद मौर्य को पुलिस द्वारा नोटिस दिए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा:
- अपराधियों का बोलबाला: यूपी पुलिस अपराधियों को पकड़ने में नाकाम है, लेकिन पीड़ितों का दर्द बांटने वालों को रोक रही है।
- अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच: मौर्य ने मांग की कि पकड़े गए आरोपियों की कॉल रिकॉर्डिंग निकाली जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये अपराधी लड़कियों को विदेशों में भेजने वाले गिरह से जुड़े हो सकते हैं।
- आंदोलन की चेतावनी: उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "अगर मुझे फतेहपुर जाने से रोका गया, तो पूरे प्रदेश में व्यापक जन-आंदोलन होगा।"
निष्कर्ष
स्वामी प्रसाद मौर्य के इन तेवरों ने प्रदेश की राजनीति में एक नया उबाल ला दिया है। अब देखना यह है कि योगी सरकार पंचायत चुनावों और इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाती है।
स्वामी प्रसाद मौर्य, योगी सरकार, यूपी पंचायत चुनाव 2026, मनरेगा फंड, फतेहपुर पुलिस नोटिस, अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24, उत्तर प्रदेश राजनीति।
"लोकतंत्र की रक्षा के लिए मैदान में उतरे ग्राम प्रधान; जितेंद्र चौधरी बोले- 'बाधित नहीं होने देंगे गांवों का विकास'।"
By: Atal Satya TV news 24 on अप्रैल 30, 2026 / comment : 0 राजनीति
ग्राम प्रधानों की हुंकार: "कार्यकाल बढ़ाओ या चुनाव कराओ," अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
[ब्यूरो रिपोर्ट, अटल सत्य TV न्यूज़ 24]
उत्तर प्रदेश: प्रदेश में पंचायत चुनाव की आहट और ग्राम प्रधानों के कार्यकाल के खत्म होने की तारीख नजदीक आते ही सियासी पारा चढ़ गया है। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी के नेतृत्व में प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है।
मुख्य मुद्दा: प्रशासक की नियुक्ति का विरोध
संगठन का स्पष्ट कहना है कि यदि कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति की जाती है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ होगा। इससे न केवल विकास कार्यों की निरंतरता प्रभावित होगी, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े होंगे।
प्रमुख मांगें:
संगठन ने सरकार के समक्ष दो मुख्य विकल्प रखे हैं:
- समय पर चुनाव: पंचायत चुनाव निर्धारित समय सीमा के भीतर तत्काल संपन्न कराए जाएं।
- कार्यकाल का विस्तार: यदि चुनाव में देरी होती है, तो वर्तमान ग्राम प्रधानों के कार्यकाल को तब तक के लिए बढ़ाया जाए जब तक नई पंचायत का गठन न हो जाए।
- कार्यक्रम: विशाल महासम्मेलन
- दिनांक: 20 मई 2026 (बुधवार)
- समय: प्रातः 10 बजे से
- उद्देश्य: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक अपनी मांगों को पहुँचाना और प्रधानों की एकजुटता प्रदर्शित करना।
"हम जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि हैं। विकास कार्यों को गति देने और जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रधानों का पद पर बने रहना अनिवार्य है।" > — जितेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष
20 मई को होगा 'विशाल महासम्मेलन'
अपनी आवाज को शासन तक मजबूती से पहुँचाने के लिए संगठन ने एक बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर ली है।
सरकार से त्वरित निर्णय की अपील
जितेंद्र चौधरी ने माननीय पंकज चौधरी जी (केंद्रीय राज्य मंत्री) के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस विषय पर प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लेने का अनुरोध किया है। प्रधानों का मानना है कि प्रशासक राज विकास की गति को रोक देगा, जबकि प्रधानों के रहते सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से होता है।
देखते रहिए 'अटल सत्य TV न्यूज़ 24' - निष्पक्षता ही हमारी पहचान।
लखनऊ बार एसोसिएशन चुनाव: उपाध्यक्ष पद पर अनुज बाजपेई की एकतरफा बढ़त, समर्थकों में जश्न का माहौल।
By: Atal Satya TV news 24 on अप्रैल 26, 2026 / comment : 0 राजनीति
उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ का तीखा प्रहार: "जो गाय का मांस खाते हैं, क्या वे सुअर का दूध भी पीते हैं?"
By: Atal Satya TV news 24 on अप्रैल 25, 2026 / comment : 0 राजनीति
बाबा साहब केवल भारत ही नहीं, विश्व के आदर्श" – लोक भवन में गूँजी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की आवाज़।
By: Atal Satya TV news 24 on अप्रैल 23, 2026 / comment : 0 राजनीति
अटल सत्य एक्सक्लूसिव: "बाबा साहब केवल भारत ही नहीं, विश्व के आदर्श" – लोक भवन में गूँजी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की आवाज़
लखनऊ | ब्यूरो रिपोर्ट: अटल बिहारी शर्मा
राजधानी लखनऊ के लोक भवन सचिवालय ऑडिटोरियम में 'भारत रत्न' बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और गरिमा के साथ मनाया गया। उत्तर प्रदेश सचिवालय जन्ोत्सव आयोजन समिति द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने शिरकत की।
डॉ. अंबेडकर की विद्वता का लोहा मानती है दुनिया: ब्रजेश पाठक
समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर एक ऐसे महामानव हैं, जिन्हें न केवल भारत बल्कि संपूर्ण विश्व 'विश्व रत्न' के रूप में सम्मान देता है। उन्होंने कहा:
"बाबा साहब ने विपरीत परिस्थितियों और गंभीर सामाजिक चुनौतियों के बावजूद जो मुकाम हासिल किया, वह अद्वितीय है। उनके द्वारा रचित भारत का संविधान दुनिया का सबसे श्रेष्ठ विधान है, जिसकी तुलना किसी और से नहीं की जा सकती।"
डिप्टी सीएम ने विशेष रूप से नारी शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज हमारी बहनें जो आसमान की ऊँचाइयों को छू रही हैं, वह बाबा साहब की ही देन है। उन्होंने सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकार का अभिन्न अंग बताते हुए अपना सहयोगी संबोधित किया।
संघर्ष की प्रतिमूर्ति थे बाबा साहब: मंत्री अनिल कुमार
विशिष्ट अतिथि और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने भावुक होते हुए कहा कि वह स्वयं दलित समाज से आते हैं और बाबा साहब के त्याग को गहराई से समझते हैं। उन्होंने कहा कि आज वे जिस पद पर हैं, वह अंबेडकर जी की प्रेरणा और संघर्षों का ही परिणाम है।
वृत्तचित्र के माध्यम से नारी उत्थान पर चर्चा
समारोह के दौरान एक विशेष वृत्तचित्र (Documentary) का प्रदर्शन किया गया, जिसमें दिखाया गया कि कैसे बाबा साहब ने:
- मैटरनिटी लीव और समान कार्य-समान वेतन के अधिकार दिलाए।
- हिंदू कोड बिल के माध्यम से महिलाओं को संपत्ति, तलाक और गोद लेने का अधिकार दिया।
- शिक्षा और लैंगिक समानता के लिए समाज की कुरीतियों को जड़ से मिटाया।
विद्वानों के विचार: "नीलकंठ की भांति विष पिया, पर अमृत (संविधान) दिया"
सचिवालय संघ के अध्यक्ष और मुख्य संयोजक अर्जुन देव भारती ने बाबा साहब की तुलना भगवान शंकर के 'नीलकंठ' स्वरूप से की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शिव ने विष को गले में धारण किया, उसी प्रकार बाबा साहब ने समाज की असीम यातनाओं को सहा, लेकिन कभी कड़वाहट नहीं फैलाई, बल्कि देश को एक महान व्यवस्था दी।
वहीं, रेड क्रॉस की पैट्रन डॉ. सुषमा सिंह ने कहा कि नारी समाज के लिए बाबा साहब किसी मसीहा से कम नहीं हैं, जिन्होंने हमें शिक्षा और सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया।
समारोह में उपस्थित प्रमुख गणमान्य
इस ऐतिहासिक आयोजन में विशेष सचिव मंजू लता सिंह, समिति अध्यक्ष बी.पी. नागेश, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिंह, पूरन लाल, विपुल पांडे, मनोज कुमार ब्रह्मचारी, संतोष कुमार साव और तनुजा श्रीवास्तव सहित भारी संख्या में सचिवालय कर्मी उपस्थित रहे।
प्रस्तुति:
- अर्जुन देव भारती (मुख्य संरक्षक)
- रामचन्द्र पटेल (संपर्क सूत्र)
खबर स्रोत: अटल बिहारी शर्मा (अटल सत्य टीवी न्यूज 24 निष्पक्ष खबरों का संग्रह।
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