योगी सरकार पर बरसे स्वामी प्रसाद मौर्य, कहा- 'लोकतंत्र का गला घोंट रही सरकार', प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी
लखनऊ | अटल बिहारी शर्मा की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश की सियासत में पंचायत चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर पंचायत चुनाव टालने की साजिश रचने और लोकतंत्र विरोधी कार्य करने का गंभीर आरोप लगाया है।
"हार के डर से चुनाव नहीं करा रही सरकार"
स्वामी प्रसाद मौर्य ने सीधे तौर पर कहा कि योगी सरकार पंचायत प्रतिनिधियों (प्रधान, बीडीसी, ब्लॉक प्रमुख) से डरी हुई है। उन्होंने कहा:
"2017 की तरह सरकार को डर है कि चुनकर आने वाले प्रतिनिधि उनके बस में रहेंगे या नहीं। पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने वाला है, लेकिन अब तक अधिसूचना जारी न करना सरकार की बदनीति को दर्शाता है।"
पंचायत प्रतिनिधियों के हक में उठाई आवाज
मौर्य ने मांग की कि पंचायत चुनाव में लगभग 10 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि चुनकर आते हैं। अगर सरकार समय पर चुनाव नहीं कराती है, तो वर्तमान प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल यथावत बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव न कराकर पंचायतों का अधिकार अधिकारियों की झोली में डालना चाहती है, जिससे विकास कार्य बाधित होंगे।
मनरेगा के नाम बदलने और फंड के दुरुपयोग पर बड़ा दावा
स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक और चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि मनरेगा (MNREGA) योजना का नाम बदलकर 'जी रामजी योजना' कर दिया गया है।
- फंड की कमी: उन्होंने आरोप लगाया कि नाम बदलने के बाद से पंचायतों को एक भी रुपया नहीं मिला है।
- चुनावी दुरुपयोग: मौर्य ने आशंका जताई कि सरकार इस योजना के हजारों करोड़ रुपये के फंड को 2027 के विधानसभा चुनाव में दुरुपयोग करने के लिए बचाकर रख रही है।
फतेहपुर जाने से रोकने पर पुलिस और सरकार को घेरा
फतेहपुर में हुए अपराध के पीड़ितों से मिलने जा रहे स्वामी प्रसाद मौर्य को पुलिस द्वारा नोटिस दिए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा:
- अपराधियों का बोलबाला: यूपी पुलिस अपराधियों को पकड़ने में नाकाम है, लेकिन पीड़ितों का दर्द बांटने वालों को रोक रही है।
- अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच: मौर्य ने मांग की कि पकड़े गए आरोपियों की कॉल रिकॉर्डिंग निकाली जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये अपराधी लड़कियों को विदेशों में भेजने वाले गिरह से जुड़े हो सकते हैं।
- आंदोलन की चेतावनी: उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "अगर मुझे फतेहपुर जाने से रोका गया, तो पूरे प्रदेश में व्यापक जन-आंदोलन होगा।"
निष्कर्ष
स्वामी प्रसाद मौर्य के इन तेवरों ने प्रदेश की राजनीति में एक नया उबाल ला दिया है। अब देखना यह है कि योगी सरकार पंचायत चुनावों और इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाती है।
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