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लखनऊ: डीसीपी पश्चिम का सख्त निर्देश, लंबित मामलों का हो जल्द निस्तारण

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महाकाल उत्सव मे इंदौर की अनाईशा शानदार प्रदर्शन कर जीत लिया सबका दिल

 महाकाल उत्सव में इंदौर की अनाईशा सिंह का शानदार प्रदर्शन, कथक में द्वितीय पुरस्कार इंदौर। उज्जैन स्थित कैलाश एकेडमी में भारतीय ...

छत्रपति शाहू जी महाराज के जन्म दिवस पर किया गया भव्य कार्यक्रम का आयोजन

​शाहूजी महाराज केवल शासक नहीं, बल्कि दूरदर्शी समाज सुधारक थे: रामचन्द्र पटेल
​लखनऊ, 26 जून 2026 | सामाजिक न्याय, समानता एवं आरक्षण के प्रणेता, महान समाज सुधारक राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती पर लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) परिसर में भव्य आयोजन किया गया। छत्रपति शाहूजी महाराज स्मृति मंच एवं केजीएमयू परिवार द्वारा आयोजित इस समारोह में उनके सामाजिक योगदानों को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
​सामाजिक समानता के अग्रदूत थे शाहूजी महाराज
​कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रामचन्द्र पटेल ने कहा कि शाहूजी महाराज केवल एक शासक तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे एक दूरदर्शी समाज सुधारक थे। उन्होंने जातिगत भेदभाव, छुआछूत और सामाजिक विषमता के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया और समतामूलक समाज की नींव रखी।
​आरक्षण और शिक्षा के माध्यम से समाज को दी मुख्यधारा
​पदमश्री प्रो० एस०एन० कुरील ने स्मरण कराया कि वर्ष 1902 में शाहूजी महाराज द्वारा आरक्षण व्यवस्था की शुरुआत करना सामाजिक न्याय के इतिहास में एक मील का पत्थर था। वहीं, पूर्व आई०पी०एस० डा० बी० पी० अशोक ने बताया कि उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त हथियार माना और गरीब-पिछड़े वर्गों के लिए छात्रावास व छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं सुनिश्चित कीं।
​महिला शिक्षा और समरसता पर विशेष जोर
​कार्यक्रम में वक्ताओं ने विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला:
​डी०के० वर्मा (संयुक्त निदेशक) ने कहा कि उनका दृष्टिकोण सर्वव्यापी था; उन्होंने शिक्षा, कृषि और प्रशासन के सुधार से हर वर्ग का उत्थान किया।
​आर०आर० जैसवार (लोकपाल, लखनऊ) ने बताया कि रूढ़िवादी दौर में भी उन्होंने बालिका शिक्षा के लिए विद्यालय खुलवाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया।
​प्रो० मनोज कुमार और प्रो० संतोश कुमार ने उनके सामाजिक समरसता के संदेश पर जोर देते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासन को जनोन्मुखी बनाने और ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने के लिए निरंतर प्रयास किए।
​प्रतिभाओं का सम्मान
​कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ भंते दिपांकर दीप जी द्वारा 'बुद्ध बंदना' के साथ हुआ। समारोह में समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तियों, जिनमें प्रो० सुरेश कुमार, प्रो० मनोज कुमार, प्रो० नईम अहमद, प्रदीप गंगवार, दयासागर बौद्ध, प्रज्ञानंद उपासक, हरीशचन्द्रा और नरेश पाल सहित कई अन्य को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो० हरीराम द्वारा किया गया।
​अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के लिए विशेष रिपोर्ट।

आठवे वेतन आयोग के समक्ष राज्य कर्मचारी सयुंक्त परिषद ने जोरदार तरीके से रखा कर्मचारियों का पक्ष


​आठवें वेतन आयोग के समक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने जोरदार तरीके से रखा कर्मचारियों का पक्ष, न्यूनतम वेतन 60 हजार करने की मांग
​लखनऊ:
केंद्र सरकार द्वारा गठित आठवें वेतन आयोग के समक्ष देश भर के लाखों कर्मचारियों की आशाओं और आकांक्षाओं को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने अपना विस्तृत पक्ष रखा है। परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी और महामंत्री अरुणा शुक्ला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के समक्ष वेतन विसंगतियों, भत्तों, पेंशन और सेवा शर्तों में सुधार के लिए व्यापक प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया।
​प्रमुख माँगें और प्रस्ताव:
​वेतन संरचना और फिटमेंट: परिषद ने न्यूनतम वेतन 60,000 रुपये और अधिकतम वेतन 8,33,250 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए 3.333 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की गई है।
​महंगाई भत्ता और वार्षिक वृद्धि: 50% महंगाई भत्ते को तत्काल मूल वेतन में समाहित करने, महंगाई दर को आईडीसी (IDC) पैटर्न पर निर्धारित करने तथा वार्षिक वेतन वृद्धि दर को 5% करने का प्रस्ताव है।
​पेंशन और सामाजिक सुरक्षा: परिषद ने पुरानी पेंशन को बहाल करने और 'वन नेशन, वन पेंशन' की मांग उठाई है। इसके अलावा, बढ़ती उम्र के साथ पेंशन में अतिरिक्त बढ़ोतरी (70 वर्ष की आयु के बाद से 100 वर्ष तक 20% से 100% तक) का प्रस्ताव दिया गया है। ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने की मांग भी शामिल है।
​प्रमोशन और एसीपी (ACP): एसीपी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक 5 वर्ष में पदोन्नति वेतनमान या वित्तीय स्तरीकरण देने का प्रस्ताव रखा गया है।
​अन्य प्रमुख बिंदु: संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने, महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव बढ़ाने, सभी पेंशनर्स को देशभर में कैशलेस इलाज की सुविधा और पेंशन व ग्रेच्युटी को टैक्स मुक्त करने की मांग की गई है।
​आयोग ने दिया सकारात्मक आश्वासन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने बताया कि वेतन आयोग के सदस्य सचिव और उनकी टीम ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को बहुत गंभीरता से सुना। आयोग ने प्रत्यावेदन का अध्ययन कर आवश्यकतानुसार पुनः वार्ता करने का भरोसा दिया है।
​जे.एन. तिवारी ने विश्वास जताया है कि आठवें वेतन आयोग की संस्तुतियां कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अत्यंत हितकारी साबित होंगी। परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने विज्ञप्ति के माध्यम से यह जानकारी साझा की है।
​अटल सत्य टी वी न्यूज 24 | लखनऊ

आठवें वेतन आयोग को लेकरगूजीी कर्मचारियों की आवाज जे एन तिवारी के नेतृत्व में सौपा 36 पेजो का ज्ञापन

लखनऊ: आठवें वेतन आयोग के सामने गूँजी कर्मचारियों की आवाज़, जे.एन. तिवारी के नेतृत्व में सौंपा 36 पेज का ज्ञापन
​लखनऊ | अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 
​राज्य कर्मचारियों और केंद्रीय कर्मचारियों की मांगों को लेकर आज लखनऊ में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी और महामंत्री अरुणा शुक्ला के नेतृत्व में आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष प्रस्तुत हुआ। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने देश भर के कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को समाहित करते हुए 36 पेज का एक विस्तृत ज्ञापन आयोग को सौंपा।
​आयोग ने सुनीं कर्मचारियों की प्रमुख माँगें
​प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ आगमन पर आठवें वेतन आयोग की टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने आयोग के समक्ष मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे रखे:
​फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन: वेतन संरचना में सुधार के लिए फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन में वृद्धि।
​महंगाई भत्ता (DA): 50% महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मर्ज करने का प्रस्ताव।
​पेंशन और सेवा लाभ: पेंशनभोगी कर्मचारियों का कल्याण, समयबद्ध पदोन्नति और ए.सी.पी. (ACP) को अधिक प्रभावी बनाना।
​संविदा कर्मचारी: संविदा कर्मियों के लिए नियमितीकरण की स्पष्ट नीति।
​अंतरिम राहत: वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने तक अंतरिम राहत प्रदान करने की मांग।
​"वेतन वृद्धि से अर्थव्यवस्था को होगा लाभ"
​अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने वेतन आयोग के समक्ष एक मजबूत तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि वेतन संरचना में सुधार का नकारात्मक प्रभाव राज्यों पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कर्मचारियों की जेब में पैसा आएगा, तो वे बाजार में अधिक खर्च करेंगे, जिससे जी.एस.टी. (GST) के माध्यम से सरकार का राजस्व बढ़ेगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि वेतन वृद्धि से आयकर के दायरे में आने वाले कर्मचारियों की संख्या में भी इजाफा होगा, जिससे सरकारी खजाने को पूंजीगत निवेश के रूप में लाभ मिलेगा।
​आयोग ने दिया सकारात्मक आश्वासन
​आठवें वेतन आयोग के सदस्य सचिव ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के 36 पेज के ज्ञापन को गंभीरतापूर्वक लिया और उसके विस्तृत अध्ययन का आश्वासन दिया। आयोग ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर परिषद के प्रतिनिधियों के साथ पुनः वार्ता की जाएगी।
​जे.एन. तिवारी ने विश्वास जताया कि उनके द्वारा प्रस्तुत मेमोरेंडम न केवल कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगा, बल्कि आठवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं को व्यावहारिक और लाभकारी बनाने में भी मददगार साबित होगा।
​ब्यूरो रिपोर्ट, अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

मोहर्रम को मद्देनजर रखते हुए पीस पार्टी की की गई कमेटी गठित

मोहर्रम और कावड़ यात्रा के मद्देनजर रामघाट में पीस कमेटी की बैठक: शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
​रामघाट, बुलंदशहर:
आगामी मोहर्रम पर्व और सावन कावड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से रामघाट थाना परिसर में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार शुक्ला ने की।
​शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील
​बैठक में थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार शुक्ला ने सभी समुदाय के लोगों से आगामी त्यौहारों को मिल-जुलकर मनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि त्यौहार हमारी संस्कृति का प्रतीक हैं, जिन्हें आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ मनाया जाना चाहिए।
​पुलिस प्रशासन की दो टूक चेतावनी
​थाना प्रभारी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी असामाजिक तत्व ने माहौल खराब करने या शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
​सोशल मीडिया पर अफवाहों से रहें सावधान
​देवेंद्र कुमार शुक्ला ने ग्रामीणों को सोशल मीडिया के प्रति सचेत करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर चलने वाली भ्रामक और गलत खबरों पर बिल्कुल ध्यान न दें। उन्होंने अपील की कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।
​बैठक में इनकी रही उपस्थिति
​बैठक में रामघाट पुलिस बल के अधिकारियों सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से:
​पुलिस विभाग: एसएसआई कृष्णपाल सिंह, उप निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह, रामघाट चौकी प्रभारी मोहित कुमार, मनोज कुमार, सुनील कुमार एवं प्रदीप कुमार।
​अन्य: समस्त ग्राम प्रधान, विभिन्न धर्मगुरु एवं गणमान्य नागरिक जिनमें लक्ष्मण शर्मा, अमित शर्मा, इंद्रपाल सिंह यादव, अशरफ उर्फ गुड्डू खां, वीरपाल सिंह यादव, महेंद्र सिंह, रमाशंकर और महेश पाठक आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
​रिपोर्ट: दीपक भारद्वाज
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

अतरौली में एसएसपी नीरज कुमार जादौन का सम्मान: कानून व्यवस्था और बेहतर पुलिसिंग के लिए मिली सराहना

अतरौली में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए एसएसपी नीरज कुमार जादौन को किया गया सम्मानित
​अतरौली: जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नीरज कुमार जादौन को विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने सम्मानित किया।
​जीरो-टॉलरेंस नीति और ऑपरेशन कनविक्शन की सराहना
​एसएसपी नीरज कुमार जादौन के कुशल निर्देशन में जनपद पुलिस लगातार 'जीरो-टॉलरेंस' की नीति पर कार्य कर रही है। पिछले कुछ समय में पुलिस ने न केवल अपराधों का सफल अनावरण किया है, बल्कि 'ऑपरेशन कनविक्शन' के तहत न्यायालय में ठोस पैरवी कराकर अपराधियों को शीघ्र सजा दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही थाना कोतवाली स्तर पर जनसुनवाई को सरल और सुगम बनाने के प्रयासों की भी क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है।
​सामाजिक संगठनों ने जताया आभार
​अतरौली के विभिन्न प्रबुद्धजनों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने एसएसपी कार्यालय पहुँचकर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया और पटका पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास का एक नया सेतु बना है, जिससे पुलिस की छवि और अधिक बेहतर हुई है।
​सम्मान करने वालों में प्रमुख रूप से शामिल रहे:
​इंजीनियर हिमांशु मित्तल गुप्ता: अध्यक्ष, युवा पहल परिवार
​चौ. हरवीर सिंह सोलंकी: तहसील अध्यक्ष, अखिल भारतीय जाट महासभा (अतरौली)
​दुर्गेश वार्ष्णेय: अध्यक्ष, व्यापार मण्डल
​बिट्टू शर्मा व पवन शर्मा: प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन
​जनसंवाद और भविष्य की कार्ययोजना
​सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों ने एसएसपी को अतरौली आने का निमंत्रण भी दिया। जिसे सहर्ष स्वीकार करते हुए एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने जल्द ही अतरौली का दौरा करने और जनता के बीच पहुँचने का आश्वासन दिया।
​इस अवसर पर अखिलेश कुमार, तंजु कुमार सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पुलिस की कार्यप्रणाली में आए इस सकारात्मक बदलाव से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा की भावना और भी मजबूत हुई है।
​रिपोर्ट: अटल सत्य टी.वी. न्यूज़ 24।

लखनऊ : श्रीमद्भागवत कथा में पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र बहादुर सिंह, लिया संतों का आशीर्वाद

लखनऊ : श्रीमद्भागवत कथा में पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र बहादुर सिंह, लिया संतों का आशीर्वाद
लखनऊ के बिजनौर रोड स्थित श्री श्री सिद्ध पीठ नवदुर्गा मंदिर, फूलचन्द नगर, सैनी मार्केट, के.पी.एस. स्कूल रॉयल सिटी परिसर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में भारतीय पत्रकार एवं मानवाधिकार परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र बहादुर सिंह ने पहुंचकर कथा श्रवण किया तथा कथावाचक महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
कृष्णा पब्लिक इंटर कॉलेज के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा का आयोजन 24 मई से 30 मई तक प्रतिदिन सायं 6 बजे से रात्रि 11 बजे तक किया जा रहा है, जबकि 31 मई को हवन एवं पूर्णाहुति कार्यक्रम आयोजित होगा। कथा का वाचन राष्ट्रीय संत देवाचार्य देवमूर्ति जी महाराज द्वारा किया जा रहा है।
कथा स्थल पर पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र बहादुर सिंह का मंच पर रामनामी फटका पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक सोच, संस्कार और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के आयोजन में उत्तर प्रदेश प्रभारी एल.एम. यादव की विशेष भूमिका रही। वहीं समाजसेवी मुकेश सैनी भी आयोजन में सक्रिय रूप से मौजूद रहे।
इस अवसर पर स्थानीय पार्षद प्रमोद कुमार यादव ने भी कथा में सहभागिता की। मंच से उनका भी माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। कथा स्थल पर पूरे समय भक्तिमय वातावरण बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति देखने को मिली।
कार्यक्रम के निवेदक श्री राम सेवक सैनी, श्री राम समुझ सैनी एवं श्री मुकेश सैनी ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ लेने की अपील 

कलम पर पहरा या तंत्र की तानाशाही? 'अटल सत्य' की बेबाक पड़ताल

विशेष रिपोर्ट: पत्रकारिता का 'धर्म' या खौफ का 'साया'?

सच्चाई दिखाने पर पहरा, व्यवस्था के दावों के बीच 'अटल सत्य' की पड़ताल

संपादकीय:

आज के दौर में पत्रकारिता के मायने बदल रहे हैं। जिसे समाज का आईना होना चाहिए था, आज उस आईने पर धूल और डर की परत जमती जा रही है। सड़कों पर अवैध अतिक्रमण, कॉलोनियों में अवैध निर्माण, टूटी सड़कें और बजबजाती नालियां—ये वो मुद्दे हैं जो सीधे जनता के जीवन से जुड़े हैं। लेकिन क्या इन पर सवाल उठाना अब 'जुर्म' की श्रेणी में आने लगा है?

सफेदपोश संरक्षण और अपराध का गठजोड़

​शहर के चौराहों से लेकर गलियों तक अवैध धंधों का जाल बिछा है। 'अटल सत्य TV न्यूज 24' की जमीनी रिपोर्ट बताती है कि आखिर क्यों आज का पत्रकार इन खबरों को छूने से कतरा रहा है:

  • हुक्का बार और स्पा सेंटर: दिखावे के लिए ये रिलैक्सेशन सेंटर हैं, लेकिन इनकी आड़ में क्या पक रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है।
  • नशे का कारोबार: गांजा, स्मैक और अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री ने युवा पीढ़ी को खोखला कर दिया है।
  • जुआ और सट्टा: खुलेआम चलते ये धंधे पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हैं।
  • अवैध मीट का कारोबार: नियमों को ताक पर रखकर बेचे जा रहे मांस और अवैध कटान ने शहर की आबोहवा बिगाड़ दी है।

फरियादी दर-बदर, व्यवस्था बेखबर

​थाने और चौकियों के चक्कर काटते बुजुर्ग, अपनी फरियाद लेकर भटकती महिलाएं और न्याय की आस में दम तोड़ते गरीब—यह आज की कड़वी सच्चाई है। जब एक पत्रकार इन फरियादियों की आवाज बनता है, तो उसे व्यवस्था के कोपभाजन का शिकार होना पड़ता है।

बड़ा सवाल: जब रक्षक ही भक्षक के साथ 'सांठ-गांठ' कर लें, तो एक अदना सा पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर सच क्यों लिखे? क्या सच दिखाना अब अपनी बर्बादी को दावत देना है?


पत्रकार क्यों डर रहा है?

​आज खबरों को दबाने के लिए साम, दाम, दंड और भेद का खुला प्रयोग हो रहा है।

  1. झूठे मुकदमे: सच लिखने पर 'मानहानि' या 'शांति भंग' के नाम पर डराना।
  2. दबंगों का खौफ: अवैध निर्माण और अतिक्रमण करने वाले सफेदपोशों के गुर्गों द्वारा धमकियां।
  3. आर्थिक चोट: विज्ञापनों का दबाव और संस्थानों पर सरकारी शिकंजा।

निष्कर्ष: 'अटल सत्य' की हुंकार

​पत्रकारिता केवल चाटुकारिता का नाम नहीं है। यदि नालियां बजबजा रही हैं, सड़कें टूटी हैं और नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, तो इसे दिखाना 'पत्रकारिता धर्म' है, जुर्म नहीं।

अटल सत्य TV न्यूज 24 यह संकल्प लेता है कि चाहे राह कितनी भी कठिन हो, हम सत्ता और सिस्टम की आंखों में आंखें डालकर सवाल पूछते रहेंगे। क्योंकि अगर आज हम चुप रहे, तो आने वाली नस्लें हमें माफ नहीं करेंगी।

ब्यूरो रिपोर्ट: अटल सत्य TV न्यूज 24

सच, जो थमेगा नहीं!

अवादा भारत उदय यात्रा द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को दी गई जानकारी।

अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24: विशेष कवरेज 

लखनऊ पहुंची 'अवादा भारत उदय यात्रा', स्वच्छ ऊर्जा को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प

लखनऊ | 14 मई, 2026

देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अलख जगाने के उद्देश्य से निकली 'अवादा भारत उदय यात्रा' आज नवाबों के शहर लखनऊ पहुंची। अवादा ग्रुप द्वारा आयोजित इस राष्ट्रव्यापी अभियान का राजधानी में स्थानीय नागरिकों, छात्रों और विभिन्न संस्थाओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

जमीनी स्तर पर बदलाव की कोशिश

​8 मई को नोएडा से शुरू हुई यह यात्रा देश के 9 राज्यों और 27 शहरों की 35 दिवसीय यात्रा पर है। लखनऊ पड़ाव के दौरान शहरवासियों को स्वच्छ ऊर्जा के फायदों से अवगत कराया गया। इस दौरान आयोजित मुख्य गतिविधियों ने लोगों का ध्यान खींचा:

  • नुक्कड़ नाटक: कला के माध्यम से सौर और पवन ऊर्जा के महत्व को सरल भाषा में समझाया गया।
  • भ्रम निवारण सत्र: विशेषज्ञों ने स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी आम गलतफहमियों को दूर किया।
  • डिजिटल ग्रीन प्लेज: बड़ी संख्या में युवाओं और नागरिकों ने 'सस्टेनेबल लाइफस्टाइल' अपनाने की डिजिटल शपथ ली।
  • ​"बाहरी संसाधनों पर निर्भरता कम कर खुद की ऊर्जा पैदा करना देश की सुरक्षा और तरक्की के लिए अनिवार्य है। हम चाहते हैं कि स्वच्छ ऊर्जा केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि हर घर का हिस्सा बने।"

    विनीत मित्तल, चेयरमैन, अवादा ग्रुप


    अवादा ग्रुप: अक्षय ऊर्जा में एक बड़ी शक्ति

    ​अवादा ग्रुप वर्तमान में 17.7 GWp से अधिक के विशाल अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो के साथ देश की अग्रणी कंपनियों में शामिल है। उत्तर प्रदेश के दादरी में स्थित इनकी गीगा फैक्ट्री उन्नत 'एन-टाईप टॉपकॉन' सोलर मॉड्यूल का निर्माण कर रही है, जिसकी कुल क्षमता 8.5 गीगावाट है।

    सामाजिक सरोकार: फाउंडेशन की ओर से शिक्षा और सशक्तिकरण

    ​कंपनी केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि अवादा फाउंडेशन के माध्यम से यूपी में व्यापक स्तर पर सामाजिक कार्य भी कर रही है:

    1. शिक्षा: मथुरा, दादरी और प्रधानमंत्री द्वारा गोद लिए गए गांवों (जयापुर व नागेपुर) में स्कूलों का कायाकल्प।
    2. आदिवासी विकास: सोनभद्र के दुर्गम क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और स्वास्थ्य सेवाएं।
    3. महिला सशक्तिकरण: सामुदायिक केंद्रों के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास।
    4. पर्यावरण: 'मियावाकी' तकनीक से हजारों पेड़ों का रोपण कर हरियाली को बढ़ावा।

    निष्कर्ष

    ​लखनऊ में इस यात्रा को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि आम जनता अब सौर और पवन ऊर्जा जैसे विकल्पों को अपनाने के लिए तैयार है। 'अवादा भारत उदय यात्रा' का यह कारवां अब अगले गंतव्य की ओर रवाना होगा, जिसका अंतिम लक्ष्य भारत को एक स्वच्छ और ऊर्जा-संपन्न राष्ट्र बनाना है।

    ब्यूरो रिपोर्ट: अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24