आठवें वेतन आयोग के समक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने जोरदार तरीके से रखा कर्मचारियों का पक्ष, न्यूनतम वेतन 60 हजार करने की मांग
लखनऊ:
केंद्र सरकार द्वारा गठित आठवें वेतन आयोग के समक्ष देश भर के लाखों कर्मचारियों की आशाओं और आकांक्षाओं को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने अपना विस्तृत पक्ष रखा है। परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी और महामंत्री अरुणा शुक्ला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के समक्ष वेतन विसंगतियों, भत्तों, पेंशन और सेवा शर्तों में सुधार के लिए व्यापक प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया।
प्रमुख माँगें और प्रस्ताव:
वेतन संरचना और फिटमेंट: परिषद ने न्यूनतम वेतन 60,000 रुपये और अधिकतम वेतन 8,33,250 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए 3.333 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की गई है।
महंगाई भत्ता और वार्षिक वृद्धि: 50% महंगाई भत्ते को तत्काल मूल वेतन में समाहित करने, महंगाई दर को आईडीसी (IDC) पैटर्न पर निर्धारित करने तथा वार्षिक वेतन वृद्धि दर को 5% करने का प्रस्ताव है।
पेंशन और सामाजिक सुरक्षा: परिषद ने पुरानी पेंशन को बहाल करने और 'वन नेशन, वन पेंशन' की मांग उठाई है। इसके अलावा, बढ़ती उम्र के साथ पेंशन में अतिरिक्त बढ़ोतरी (70 वर्ष की आयु के बाद से 100 वर्ष तक 20% से 100% तक) का प्रस्ताव दिया गया है। ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने की मांग भी शामिल है।
प्रमोशन और एसीपी (ACP): एसीपी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक 5 वर्ष में पदोन्नति वेतनमान या वित्तीय स्तरीकरण देने का प्रस्ताव रखा गया है।
अन्य प्रमुख बिंदु: संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने, महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव बढ़ाने, सभी पेंशनर्स को देशभर में कैशलेस इलाज की सुविधा और पेंशन व ग्रेच्युटी को टैक्स मुक्त करने की मांग की गई है।
आयोग ने दिया सकारात्मक आश्वासन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने बताया कि वेतन आयोग के सदस्य सचिव और उनकी टीम ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को बहुत गंभीरता से सुना। आयोग ने प्रत्यावेदन का अध्ययन कर आवश्यकतानुसार पुनः वार्ता करने का भरोसा दिया है।
जे.एन. तिवारी ने विश्वास जताया है कि आठवें वेतन आयोग की संस्तुतियां कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अत्यंत हितकारी साबित होंगी। परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने विज्ञप्ति के माध्यम से यह जानकारी साझा की है।
अटल सत्य टी वी न्यूज 24 | लखनऊ



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