शाहूजी महाराज केवल शासक नहीं, बल्कि दूरदर्शी समाज सुधारक थे: रामचन्द्र पटेल
लखनऊ, 26 जून 2026 | सामाजिक न्याय, समानता एवं आरक्षण के प्रणेता, महान समाज सुधारक राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती पर लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) परिसर में भव्य आयोजन किया गया। छत्रपति शाहूजी महाराज स्मृति मंच एवं केजीएमयू परिवार द्वारा आयोजित इस समारोह में उनके सामाजिक योगदानों को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सामाजिक समानता के अग्रदूत थे शाहूजी महाराज
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रामचन्द्र पटेल ने कहा कि शाहूजी महाराज केवल एक शासक तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे एक दूरदर्शी समाज सुधारक थे। उन्होंने जातिगत भेदभाव, छुआछूत और सामाजिक विषमता के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया और समतामूलक समाज की नींव रखी।
आरक्षण और शिक्षा के माध्यम से समाज को दी मुख्यधारा
पदमश्री प्रो० एस०एन० कुरील ने स्मरण कराया कि वर्ष 1902 में शाहूजी महाराज द्वारा आरक्षण व्यवस्था की शुरुआत करना सामाजिक न्याय के इतिहास में एक मील का पत्थर था। वहीं, पूर्व आई०पी०एस० डा० बी० पी० अशोक ने बताया कि उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त हथियार माना और गरीब-पिछड़े वर्गों के लिए छात्रावास व छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं सुनिश्चित कीं।
महिला शिक्षा और समरसता पर विशेष जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला:
डी०के० वर्मा (संयुक्त निदेशक) ने कहा कि उनका दृष्टिकोण सर्वव्यापी था; उन्होंने शिक्षा, कृषि और प्रशासन के सुधार से हर वर्ग का उत्थान किया।
आर०आर० जैसवार (लोकपाल, लखनऊ) ने बताया कि रूढ़िवादी दौर में भी उन्होंने बालिका शिक्षा के लिए विद्यालय खुलवाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया।
प्रो० मनोज कुमार और प्रो० संतोश कुमार ने उनके सामाजिक समरसता के संदेश पर जोर देते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासन को जनोन्मुखी बनाने और ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने के लिए निरंतर प्रयास किए।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ भंते दिपांकर दीप जी द्वारा 'बुद्ध बंदना' के साथ हुआ। समारोह में समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तियों, जिनमें प्रो० सुरेश कुमार, प्रो० मनोज कुमार, प्रो० नईम अहमद, प्रदीप गंगवार, दयासागर बौद्ध, प्रज्ञानंद उपासक, हरीशचन्द्रा और नरेश पाल सहित कई अन्य को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो० हरीराम द्वारा किया गया।
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के लिए विशेष रिपोर्ट।



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