बिहार के भरत तिवारी हत्याकांड के विरोध में जालौन में उमड़ा जनसैलाब: कैंडिल मार्च निकालकर माँगी न्याय की गुहार
जालौन: बिहार में हुई भरत तिवारी की नृशंस हत्या (इनकाउंटर) के विरोध में आज जालौन की सड़कों पर न्याय की मांग को लेकर जनसैलाब उमड़ पड़ा। विभिन्न सामाजिक और वैचारिक संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में एक विशाल कैंडिल मार्च टाउनहॉल से शुरू होकर परशुराम चौक तक निकाला गया।
प्रदर्शनकारियों ने भरत तिवारी हत्याकांड को एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए इसे 'इनकाउंटर' के बजाय 'मर्डर' बताया। हाथों में कैंडिल और तख्तियां लेकर चल रहे लोगों ने सरकार और प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दिलाने की पुरजोर मांग की। वक्ताओं ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
न्याय यात्रा में प्रमुख रूप से नेशनल एंटी करप्शन कमेटी (जालौन), ब्राह्मण महासभा, परशुराम सेना और मानवाधिकार आयोग सहित कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
मार्च में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
इस श्रद्धांजलि व विरोध मार्च में समाज के प्रबुद्ध वर्ग, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भारी उपस्थिति रही। मार्च में प्रमुख रूप से:
विश्वंभर नारायण तिवारी, नारायण हरि अवस्थी, राम पटेरिया, अवनीश अवस्थी, राज शुक्ला।
सीटू तिवारी (एडवोकेट), कर्मक्षेत्र अवस्थी (एडवोकेट), डॉ. स्वयं प्रभा दुबे, सविता सिंदूर, अमृता सक्सेना।
इनके अलावा अरुणेश बाजपेई, गौरव तिवारी, नरेंद्र चतुर्वेदी (नाती भाऊ), अंकित तिवारी, मनीष शर्मा सहित भारी संख्या में स्थानीय नागरिक और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
प्रशासन को संदेश
टाउनहॉल से परशुराम चौक तक निकले इस शांतिपूर्ण मार्च के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समाज का हर वर्ग भरत तिवारी के परिवार के साथ खड़ा है और उन्हें न्याय दिलाकर ही दम लेगा। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के लिए विशेष रिपोर्ट।



कोई टिप्पणी नहीं: