लखनऊ: आठवें वेतन आयोग के सामने गूँजी कर्मचारियों की आवाज़, जे.एन. तिवारी के नेतृत्व में सौंपा 36 पेज का ज्ञापन
राज्य कर्मचारियों और केंद्रीय कर्मचारियों की मांगों को लेकर आज लखनऊ में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी और महामंत्री अरुणा शुक्ला के नेतृत्व में आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष प्रस्तुत हुआ। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने देश भर के कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को समाहित करते हुए 36 पेज का एक विस्तृत ज्ञापन आयोग को सौंपा।
आयोग ने सुनीं कर्मचारियों की प्रमुख माँगें
प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ आगमन पर आठवें वेतन आयोग की टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने आयोग के समक्ष मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे रखे:
फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन: वेतन संरचना में सुधार के लिए फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन में वृद्धि।
महंगाई भत्ता (DA): 50% महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मर्ज करने का प्रस्ताव।
पेंशन और सेवा लाभ: पेंशनभोगी कर्मचारियों का कल्याण, समयबद्ध पदोन्नति और ए.सी.पी. (ACP) को अधिक प्रभावी बनाना।
संविदा कर्मचारी: संविदा कर्मियों के लिए नियमितीकरण की स्पष्ट नीति।
अंतरिम राहत: वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने तक अंतरिम राहत प्रदान करने की मांग।
"वेतन वृद्धि से अर्थव्यवस्था को होगा लाभ"
अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने वेतन आयोग के समक्ष एक मजबूत तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि वेतन संरचना में सुधार का नकारात्मक प्रभाव राज्यों पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कर्मचारियों की जेब में पैसा आएगा, तो वे बाजार में अधिक खर्च करेंगे, जिससे जी.एस.टी. (GST) के माध्यम से सरकार का राजस्व बढ़ेगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि वेतन वृद्धि से आयकर के दायरे में आने वाले कर्मचारियों की संख्या में भी इजाफा होगा, जिससे सरकारी खजाने को पूंजीगत निवेश के रूप में लाभ मिलेगा।
आयोग ने दिया सकारात्मक आश्वासन
आठवें वेतन आयोग के सदस्य सचिव ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के 36 पेज के ज्ञापन को गंभीरतापूर्वक लिया और उसके विस्तृत अध्ययन का आश्वासन दिया। आयोग ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर परिषद के प्रतिनिधियों के साथ पुनः वार्ता की जाएगी।
जे.एन. तिवारी ने विश्वास जताया कि उनके द्वारा प्रस्तुत मेमोरेंडम न केवल कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगा, बल्कि आठवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं को व्यावहारिक और लाभकारी बनाने में भी मददगार साबित होगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24



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