लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बंदरों के बढ़ते आतंक को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर निगम लखनऊ द्वारा जारी एक आधिकारिक दस्तावेज सामने आया है, जिसमें स्पष्ट है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।
दस्तावेज के अनुसार, शिकायत संख्या 92615700018510 दिनांक 13 मार्च 2026 को दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता श्री श्रीनारायण द्वारा बंदरों के बढ़ते हमलों को लेकर शिकायत की गई थी। रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि शिकायतकर्ता से बातचीत की गई और भौतिक सत्यापन भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
अधिकारी द्वारा दी गई टिप्पणी में कहा गया है कि बंदर एक वन्य जीव है, जिसकी प्रकृति पालतू पशुओं जैसी नहीं होती और नगर निगम के पास इनके प्रभावी नियंत्रण हेतु कोई विशेष तंत्र या प्रशिक्षित कर्मी उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार को पहले ही अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं बन पाई है।
दस्तावेज के अंत में यह स्पष्ट किया गया है कि बंदरों से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण की जिम्मेदारी अब पशु कल्याण विभाग को सौंप दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है और प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। नागरिकों ने मांग की है कि इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।



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