ईमानदार पत्रकार का असली दुश्मन कौन?
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। एक ईमानदार पत्रकार समाज का आईना होता है, जो सच को सामने लाने का साहस रखता है। लेकिन यह रास्ता कभी आसान नहीं होता। सच लिखने और दिखाने वाले पत्रकार के सामने कई ऐसे दुश्मन खड़े हो जाते हैं, जो उसे हर कदम पर रोकने की कोशिश करते हैं।
सबसे बड़ा दुश्मन है भ्रष्ट तंत्र। जब कोई पत्रकार घोटालों, रिश्वतखोरी या सत्ता के दुरुपयोग का पर्दाफाश करता है, तो वह सीधे उन लोगों के निशाने पर आ जाता है जो वर्षों से गलत कामों में लिप्त होते हैं। ऐसे लोग अपनी कुर्सी और ताकत बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
इसके अलावा अपराध जगत और माफिया तंत्र भी ईमानदार पत्रकारों के लिए बड़ा खतरा होते हैं। रेत माफिया, भू-माफिया, अवैध कारोबार करने वाले गिरोह—ये सभी चाहते हैं कि उनके काले कारनामे छिपे रहें। जब कोई पत्रकार उनके खिलाफ लिखता है, तो उसे धमकियां, हमले और फर्जी मुकदमों का सामना करना पड़ता है।
फेक न्यूज़ और प्रोपेगेंडा फैलाने वाले लोग भी एक गंभीर चुनौती हैं। आज के दौर में झूठ को सच की तरह पेश करने का एक संगठित तंत्र तैयार हो चुका है। ऐसे में जब कोई पत्रकार सच्चाई सामने लाता है, तो उसे बदनाम करने, उसकी छवि खराब करने और उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की कोशिश की जाती है।
ईमानदार पत्रकार का एक और बड़ा दुश्मन है सिस्टम का दबाव। कई बार प्रशासनिक दबाव, विज्ञापन का दबाव, या नौकरी खोने का डर भी पत्रकार को सच लिखने से रोकने की कोशिश करता है। यह दबाव इतना सूक्ष्म होता है कि बाहर से दिखाई नहीं देता, लेकिन अंदर ही अंदर पत्रकार की स्वतंत्रता को प्रभावित करता है।
लेकिन इन सबके बीच एक सबसे बड़ा और कठिन दुश्मन होता है—डर। जान का खतरा, परिवार की चिंता, भविष्य की अनिश्चितता—ये सब मिलकर एक ईमानदार पत्रकार के मन में भय पैदा करते हैं। यही डर कई बार उसे सच बोलने से रोकने की कोशिश करता है।
फिर भी, इतिहास गवाह है कि सच्चे पत्रकार इन तमाम दुश्मनों के बावजूद झुकते नहीं हैं। वे जानते हैं कि उनका काम सिर्फ खबर देना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करना है। उनकी कलम बिकती नहीं, बल्कि सच के लिए लड़ती है।
निष्कर्ष के रूप में, ईमानदार पत्रकार का दुश्मन कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि हर वह ताकत है जो सच को दबाना चाहती है। लेकिन उसकी सबसे बड़ी ताकत भी वही है—सच, साहस और जनता का विश्वास। जब तक ये तीनों उसके साथ हैं, तब तक कोई भी ताकत उसे झुका नहीं सकती।
योगी आदित्यनाथ महराज की तरह राज्य का मुख्यमंत्री की सरकार हो तो ईमानदार पत्रकार की कलम को कोई नहीं रोक सकता सच साहस जनता का विस्वास कभी दफ़न नहीं हो सकता।
अटल बिहारी शर्मा स्वतंत्र पत्रकार लखनऊ, संपर्क नंबर 9984299124।



कोई टिप्पणी नहीं: