राजनीति, अपराध, शिक्षा, स्वास्थ्य, ब्रेकिंग, समाचार

रविवार, 22 फ़रवरी 2026

दलाल चाटुकार पतल चाटो को मिर्ची तो लगेगी ही।

"ईमानदार निर्भीक होकर" निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले"पत्रकारों "को खतरा भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों से कम दलाल चाटुकार पत्रकारों से ज्यादा होता है"

अटल बिहारी शर्मा -

अक्सर एक ईमानदार निर्भीक होकर निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों के उपर फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिये जाते हैं।

कवरेज के दौरान अभद्रता गाली गलौज के साथ साथ मारपीट भी देखने को मिल जाती है।

पत्रकार न्याय की गुहार लगाता रह जाता है और भ्रष्टाचारी भ्रष्टाचार में मग्न।

कारण घर का भेदी लंका ढहाये।

सपोज किजिए कि एक भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी या कर्मचारी मलाई काट रहा है देश के गरीब जनता का पैसा सरकारी योजनाओं के देने के बदले डकार रहा है या कोई भ्रष्ट थाना प्रभारी पीड़ित की आवाज दबाने के लिए अपोजिट से लाखों रुपए लेकर केस को रफा दफा करने में लगा है।

ऐसे में एक ईमानदार निर्भीक होकर निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकार के कलम से लिखें हुए शब्द उसे बंदूक की गोली से तेज़ चुभेगी।

क्यों पोल पट्टी खुलने पर उसकी नौकरी जा सकती है सस्पेंड हो सकता है यहां तक उसे जेल भी हो सकती है।

अब ऐसे में ओ क्या करेगा उस निर्भीक होकर निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकार को फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की रणनीति तैयार करेगा और अब भूमिका आयेगी चाटुकार दलाल पत्रकारों की जो भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी कर्मचारी के पतल चाट कर अपने आपको पत्रकारिता करने वाले पत्रकार के श्रेणी में रखते हैं।

जिनको जनसमस्याओं की खबरों से कुछ लेना देना नहीं होता है टूटी फूटी सड़कें हों बजबाजाती नालियां हो बिजली पानी स्वास्थ्य शिक्षा कानून व्यवस्था कैसे भी हो इनको कुछ नहीं दिखेगा पर भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के लिए मुखबिर बन कर एक ईमानदार निर्भीक होकर निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकार की पल पल की खबरें देने लगेंगे।

जब कोई ऐसा सबूत उस पत्रकार के खिलाफ नहीं जुटा पायेंगे तो साजिश के तहत अवैध वसूली ब्लैकमेलिंग का झूठा आरोप लगा कर मुकदमा पंजीकृत करवा देंगे यदि सफ़लता फिर भी नहीं मिली तो विफलता से परेशान होकर हमला करवा देंगे और एक ईमानदार निर्भीक होकर निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकार की आवाज हमेशा हमेशा के लिए बंद हो जायेगी।

ऐसा सिर्फ ईमानदार निर्भीक होकर निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों के साथ सिर्फ नहीं होता, ईमानदार अधिकारियों के ईमानदार कर्मचारियों के भी साथ होता है।

जब तक अपने विभाग के लोग गद्दारी नहीं करते तब तक कोई किसी ईमानदार पत्रकार ईमानदार अधिकारी ईमानदार कर्मचारी का कुछ नहीं कर पाता।

इसी लिए कहा गया है घर का भेदी लंका ढहाये।

अटल सत्य न्यूज ख़ोज सच की निष्पक्ष खबरों का संग्रह?

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अलीगढ़ पुलिस का ऐलान जुआ सट्टा शराब पर होगा करारा प्रहार

जनता की समस्याओं का निस्तारण मेरी पहली प्राथमिकता: थाना प्रभारी हरि भान सिंह राठौड़ अलीगढ़ थाना हरदोईगंज में नवागत थाना प्रभारी हरि भान सिंह...