राजधानी लखनऊ में नहीं थम रहा अवैध अतिक्रमण, नक्खास में सब्ज़ी की दुकानों से घंटों जाम
लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अवैध अतिक्रमण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुराने शहर के व्यस्त इलाकों में शुमार नक्खास में सड़कों और पटरियों पर लगने वाली सब्ज़ी की अस्थायी दुकानों के कारण रोज़ाना भीषण जाम की स्थिति बन रही है।
यह क्षेत्र चौक कोतवाली के अंतर्गत आता है, जहां दिनभर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। लेकिन सड़क किनारे और कई जगहों पर सड़क के बीच तक फैली दुकानों के चलते राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह और शाम के समय स्थिति और भी बदतर हो जाती है। स्कूल जाने वाले बच्चे, ऑफिस कर्मचारी और मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस तक जाम में फंस जाती हैं। कई बार छोटे-छोटे विवाद भी देखने को मिलते हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो जाता है।
प्रशासन की अनदेखी पर उठ रहे सवाल
लोगों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस और नगर निगम की टीम स्थिति से पूरी तरह अवगत होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर कभी-कभार औपचारिक कार्रवाई होती है, लेकिन कुछ ही दिनों में हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं।
व्यापारियों की भी अपनी मजबूरी
वहीं, सब्ज़ी विक्रेताओं का कहना है कि उनके पास स्थायी दुकान या वैकल्पिक स्थान नहीं है, इसलिए वे सड़क किनारे दुकान लगाने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि यदि नगर निगम वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए तो वे वहां शिफ्ट होने को तैयार हैं।
समाधान की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन को सुनियोजित रणनीति बनानी होगी।
वैकल्पिक मार्केट स्थल की व्यवस्था
नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई
यातायात प्रबंधन की ठोस योजना
जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक नक्खास क्षेत्र के लोगों को जाम और अव्यवस्था से राहत मिलना मुश्किल दिखाई देता है।
(यदि आप भी इस समस्या से प्रभावित हैं तो अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करें।)
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