लखनऊ: विद्युत मजदूर संगठन की बैठक में गूंजी कर्मचारियों की आवाज, वेतन विसंगति और छंटनी को लेकर सरकार से लगाई गुहार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित संगठन भवन, हम्बरा अपार्टमेंट में आज 'विद्युत मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश' की केंद्रीय कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। संगठन के अध्यक्ष विमलचंद पांडे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बिजली विभाग के कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और उनकी दयनीय कार्य स्थितियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रमुख मांगें और संगठन का रुख
संगठन के मुख्य महामंत्री श्रीचन्द्र ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विभाग में व्याप्त विसंगतियों के कारण कर्मचारी भारी आक्रोश में हैं। उन्होंने प्रमुख रूप से निम्नलिखित मुद्दे उठाए:
वेतन और पदोन्नति: कार्यकारी सहायक/TG2 और समकक्ष पदों की वेतन विसंगतियों को वर्षों से दूर नहीं किया गया है। साथ ही, पदोन्नतियां भी समय पर नहीं हो रही हैं।
स्थानांतरण और पद कटौती: स्थानांतरण नीति के विपरीत कर्मचारियों को जिलों से बाहर भेजा जा रहा है। 'वर्टिकल व्यवस्था' के नाम पर बड़े पैमाने पर पदों की कटौती और संविदा कर्मियों को नौकरी से निकाले जाने के कारण बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने में कठिनाई हो रही है।
सुरक्षा का अभाव: कर्मचारियों की कमी के कारण आए दिन उपभोक्ताओं द्वारा कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटनाएं बढ़ रही हैं।
मृतक आश्रित लाभ: चतुर्थ श्रेणी पद पर मृतक आश्रित सेवायोजन समाप्त होने से प्रभावित परिवारों के सामने भुखमरी का संकट पैदा हो गया है।
एसीपी और वरिष्ठता: 10 वर्ष की सेवा के बाद भी अवर अभियंताओं को प्रथम एसीपी (ACP) का लाभ नहीं दिया गया है और न ही उनकी वरिष्ठता सूची घोषित की गई है।
अध्यक्ष विमलचंद पांडे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया कि ऊर्जा विभाग को भी राज्य सरकार द्वारा गठित 'सेवा निगम' में शामिल किया जाए। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2023 के आंदोलन के दौरान निकाले गए सभी संविदा कर्मियों को पुनः बहाल किया जाए और कर्मचारियों के खिलाफ किए जा रहे उत्पीड़न को तत्काल समाप्त किया जाए।
बैठक में इनकी रही उपस्थिति
बैठक का संचालन प्रदेश प्रभारी आरसी पाल ने किया। इस अवसर पर कार्यवाहक अध्यक्ष आलोक सिन्हा, शोएब हसन, प्रताप सिंह, एस.के. सिंह, आर.वाई. शुक्ला, मोहन बाबू आर्य, जलीलुर्हमान, अशोक गुप्ता, राहुल कुमार, विनोद श्रीवास्तव, संदीप कुमार, दीपक कश्यप, ज्ञानेन्द्र शर्मा, कपिल सारस्वत, अवनीश श्रीवास्तव, यशपाल सिंह, रविकांत, आरिफ वेग, पुनीत राय, प्रेम पाल, अरविन्द कुमार, चंद्रकांत और वेद सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विद्युत कर्मचारियों के इस बढ़ते रोष को देखते हुए अब देखना यह होगा कि शासन इस पर क्या निर्णय लेता है।
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