योगी कैबिनेट के फैसलों का राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने किया स्वागत; पुरानी पेंशन बहाली की मांग को फिर उठाया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज पांच कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े 28 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के इन फैसलों का राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने स्वागत किया है। परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे राज्य हित में लिया गया एक सराहनीय कदम बताया है।
कैबिनेट के फैसलों पर परिषद की मुहर
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कैबिनेट के प्रमुख निर्णयों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है:
होमगार्ड्स को बड़ी राहत: होमगार्ड्स जवानों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा देने के निर्णय को उन्होंने कर्मचारी हित में एक बड़ा कदम बताया।
डिजिटल और AI हब: प्रदेश में 2021 से बंद पड़े डेटा सेंटरों को फिर से चालू करने और राज्य को डिजिटल व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का हब बनाने के सरकार के निर्णय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश तकनीकी रूप से सशक्त होगा।
खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए खेल कोटे से सीधी भर्ती का स्वागत किया गया। सरकार ने जिला क्रीड़ा अधिकारी के 9 पद, जिला युवा कल्याण अधिकारी के 9 पद और उप क्रीड़ा अधिकारी के 23 पद इसके लिए आरक्षित किए हैं।
वर्दी भत्ते में वृद्धि: वर्दी पहनने वाले कर्मचारियों के लिए धुलाई एवं सिलाई भत्ते में 50% की वृद्धि का स्वागत करते हुए तिवारी ने कहा कि पिछले कई वर्षों से इसमें कोई इजाफा नहीं हुआ था, जिसके लिए वे लंबे समय से मांग कर रहे थे।
पुरानी पेंशन (OPS) का मुद्दा फिर गरमाया
जहाँ एक ओर जे.एन. तिवारी ने लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों एवं सदस्यों की पेंशन बढ़ाए जाने के निर्णय का स्वागत किया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि "सरकार अन्य पदों के लिए पेंशन पर सकारात्मक कदम उठा रही है, लेकिन 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारी आज भी पुरानी पेंशन से वंचित हैं। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।"
अफसरशाही पर उठाए सवाल, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने प्रदेश की अफसरशाही की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों से कर्मचारी संगठनों के साथ संवादहीनता बनी हुई है, जिसके कारण कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने इसे अफसरशाही की विफलता करार देते हुए कहा कि एक लोकप्रिय सरकार में समस्याओं का समाधान न होना चिंताजनक है।
अंत में, जे.एन. तिवारी ने चुनावी वर्ष को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु एक उच्चस्तरीय वार्ता आयोजित करने का आग्रह किया है।
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24



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