अलीगढ़-रामघाट फोरलेन निर्माण अधर में: गड्ढों और धूल से बेहाल ग्रामीण, कांवड़ यात्रा से पहले सुधार की मांग
रामघाट (बुलंदशहर): अलीगढ़-रामघाट कल्याण सिंह मार्ग पर करोड़ों रुपये की लागत से स्वीकृत फोरलेन सड़क परियोजना निर्माण कार्य बीच में ही रुक जाने से क्षेत्रीय जनता में भारी रोष व्याप्त है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे, जलभराव और उड़ती धूल ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आगामी सावन शिवरात्रि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर युद्धस्तर पर काम पूरा कराने की मांग की है।
निर्माण कार्य में लेटलतीफी और ग्रामीणों की समस्या
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अलीगढ़-बुलंदशहर सीमा से रामघाट तिराहे तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए लगभग 92 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत हुई थी, जिसमें सड़क निर्माण हेतु 38 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित था। अप्रैल माह तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन आरोप है कि कच्चे माल (तारकोल) की बढ़ती कीमतों का बहाना बनाकर ठेकेदार ने डामरीकरण का कार्य बीच में ही रोक दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार ने जरगवां से रामघाट तिराहे तक सड़क को चौड़ा कर गिट्टी बिछा दी और बीच में डिवाइडर बना दिया, लेकिन मुख्य सड़क का डामरीकरण अधूरा छोड़ दिया गया। आज स्थिति यह है कि इसी अधूरी सड़क से भारी वाहनों का आवागमन हो रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा निरंतर बना हुआ है।
जानलेवा साबित हो रहे गड्ढे
हाल ही में हुई बारिश के बाद मार्ग की हालत और भी बदतर हो गई है। जगह-जगह गहरे गड्ढों में जलभराव होने से ट्रक और टेंपो जैसे वाहन अक्सर अनियंत्रित होकर पलट रहे हैं। इसके अलावा, धूल के गुबार से सड़क किनारे रहने वाले ग्रामीणों और दुकानदारों का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है।
क्षेत्रवासियों ने चिंता जाहिर की है कि 30 जुलाई से शुरू होने वाली आगामी सावन शिवरात्रि कांवड़ यात्रा के दौरान हजारों शिवभक्त इसी मार्ग से होकर रामघाट गंगाजल लेने पहुंचेंगे। खराब सड़क और गड्ढों के कारण कांवड़ियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जनहित और कांवड़ यात्रा की सुगमता को देखते हुए डामरीकरण का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए ताकि संभावित हादसों को टाला जा सके।
रिपोर्ट: दीपक भारतद्वाज
अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24
इस समस्या को और अधिक प्रभावी ढंग से संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने के लिए क्या आप इस रिपोर्ट के साथ कोई औपचारिक शिकायत पत्र (Letter to the Editor/SDM) भी तैयार करवाना चाहेंगे?



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