लखनऊ: अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर 'श्रमिक संवाद'
का आयोजन, सचिव कुँवर मित्रेश सिंह ने मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति किया जागरूकलखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्ययोजना 2026-27 के निर्देशों के क्रम में, शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (1 मई) के अवसर पर एक विशेष 'श्रमिक संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ और विज्ञान फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में पलटन छावनी स्थित आश्रय गृह में संपन्न हुआ।
श्रमिक राष्ट्र की आधारशिला: सचिव कुँवर मित्रेश सिंह
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने उपस्थित सभी श्रमिक भाई-बहनों को श्रमिक दिवस की बधाई दी। उन्होंने श्रमिकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा:
"खेत-खलिहानों से लेकर विशाल उद्योगों तक और गलियों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण तक, हमारे श्रमिक राष्ट्र की रीढ़ हैं। देश के विकास में उनका योगदान अतुलनीय है।"
विधिक अधिकारों और योजनाओं की दी जानकारी
सचिव महोदय ने संवाद के दौरान श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि कैसे सरकारी योजनाओं और विधिक सहायता के माध्यम से श्रमिक अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली 'राष्ट्रीय लोक अदालत' के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी और अपील की कि लोग अपने लंबित मामलों का निस्तारण इस मंच के माध्यम से कराएं।
प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस मौके पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी शरद कुमार यादव और विज्ञान फाउंडेशन के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रमिकों ने हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें न केवल सम्मानित महसूस कराया गया बल्कि उनकी समस्याओं पर भी चर्चा की गई।
रिपोर्ट: तौफीक अहमद, ब्यूरो चीफ (लखनऊ)



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