अलीगढ़: अग्रसेन इंटर कॉलेज हरदुआगंज में NCC कैंप के दौरान टीबी जागरूकता कार्यक्रम, CMO डॉ. नीरज त्यागी ने युवाओं को किया प्रेरित
अलीगढ़ के हरदुआगंज स्थित अग्रसेन इंटर कॉलेज में मंगलवार को आयोजित एनसीसी (NCC) कैंप के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी (क्षय रोग) जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. नीरज त्यागी मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CMO डॉ. नीरज त्यागी ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि टीबी जैसी बीमारी को खत्म करने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दें और टीबी के प्रति जागरूक बनाएं।
टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी: स्वास्थ्य विभाग
कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला पीपीएम डेविड कुमार शाही ने बताया कि टीबी एक पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते मरीज समय पर जांच और उपचार कराए। उन्होंने कहा कि यदि युवा जागरूक होकर समाज में सही संदेश फैलाएं तो टीबी उन्मूलन का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।
सरकार दे रही मुफ्त जांच और इलाज
स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी मरीजों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनमें:
मुफ्त दवा
प्रति माह ₹1000 की पोषण सहायता
"निक्षय मित्र" योजना के तहत सहयोग
इन योजनाओं की जानकारी भी कार्यक्रम में विस्तार से दी गई।
टीबी के मुख्य लक्षण
विशेषज्ञों ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति में निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत जांच करानी चाहिए:
2 सप्ताह से अधिक लगातार खांसी
बलगम में खून आना
शाम के समय बुखार
वजन और भूख में कमी
सीने में दर्द और कमजोरी
समय पर जांच बेहद जरूरी
जिला टीबी/एचआईवी समन्वयक नईम अहमद ने बताया कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से टीबी की जांच और उपचार आसान हो गया है। उन्होंने सभी लोगों से समय पर जांच कराने और इलाज में लापरवाही न बरतने की अपील की।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला समन्वयक पियूष अग्रवाल, अमित कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और एनसीसी कैडेट्स मौजूद रहे।
निष्कर्ष
एनसीसी कैंप के माध्यम से आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समाज का हर वर्ग जागरूक हो जाए, तो टीबी जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता हैं



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