अटल सत्य टी वी न्यूज 24 | लखनऊ
मानदेय बढ़ोतरी पर कैबिनेट की मुहर, शिक्षामित्रों में खुशी की लहर
लखनऊ, 8 अप्रैल।
प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत देते हुए शिक्षामित्र एवं अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। 7 अप्रैल 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मंत्री परिषद की मुहर लगते ही प्रदेशभर में कार्यरत लाखों कर्मचारियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने इस फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने बताया कि अब प्रदेश के लगभग 1.40 लाख शिक्षामित्रों को पहले के ₹10,000 की जगह ₹18,000 प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत करीब 24,716 अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर ₹17,000 कर दिया गया है।
1 अप्रैल से लागू होगा बढ़ा हुआ मानदेय
सरकार के इस फैसले को 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
अब आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की बारी
संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रदेश में कार्यरत लगभग 2.40 लाख आशा बहू, आशा संगिनी एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय भी बढ़ाने की मांग की है। परिषद ने इन कर्मचारियों के लिए न्यूनतम ₹18,000 मानदेय तय करने का आग्रह किया है।
संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए सराहनीय कदम उठाया है, अब महिला कर्मियों के योगदान को देखते हुए उनके मानदेय में भी जल्द वृद्धि होनी चाहिए।
अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने बताया कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर मुख्य सचिव को भी पत्र भेजा गया है और जल्द सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद है।
निष्कर्ष
प्रदेश सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय बढ़ाने के फैसले पर टिकी हैं, जिससे लाखों महिला कर्मचारियों को सीधा लाभ मिल सकता है।
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