खबरें - मुख्य श्रेणियां

कैटेगरी लोड हो रही हैं...

नीचे स्क्रॉल करें ↑↓

🔔 अटल सत्य TV न्यूज 24 को फॉलो करें

लखनऊ: डीसीपी पश्चिम का सख्त निर्देश, लंबित मामलों का हो जल्द निस्तारण

ब्रेकिंग न्यूज़
लोड हो रहा है...
अटल सत्य टी वी न्यूज आनलाइन . kelvinjay के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.

शानदार उपलब्धि! अतरौली के भाई-बहन ने किया कमाल, अब सीधे विधानसभा सदन में उठाएंगे जनता की आवाज।।

​अतरौली के भाई-बहन की जोड़ी का कमाल: विधानसभा की दहलीज तक पहुँचेंगे प्रियांशू और प्राची भारद्वाज ​ लखनऊ/अलीगढ़। प्रतिभा किसी...

» » सावधान! बांस मंडी चौराहे पर नियमों की 'बलि', सीज बिल्डिंग पर पीले तिरपाल का पहरा और अंदर चल रहा अवैध निर्माण।।


अटल सत्य टीवी न्यूज 24: विशेष रिपोर्ट

लखनऊ: नाका कोतवाली के चंद कदमों पर नियमों की 'धज्जियां', सीज होने के बावजूद बांस मंडी चौराहे पर अवैध निर्माण जारी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बाबा का बुलडोजर और विकास प्राधिकरण (LDA) की सख्ती के दावों के बीच, भ्रष्टाचार और मिलीभगत की एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है जो व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ताज़ा मामला नाका कोतवाली क्षेत्र के बांस मंडी चौराहे का है, जहाँ नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से निर्माण कार्य किया जा रहा है।

सीज की कार्रवाई भी रही बेअसर

​सूत्रों के मुताबिक, बांस मंडी चौराहे से महज कुछ ही दूरी पर स्थित इस निर्माणाधीन इमारत को पूर्व में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा सीज किया जा चुका है। सीज की कार्रवाई का मतलब होता है कि बिना अनुमति के वहां एक ईंट भी नहीं रखी जा सकती। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सीज की गई बिल्डिंग में न केवल काम चल रहा है, बल्कि सुरक्षा मानकों की भी भारी अनदेखी की जा रही है।

प्रशासनिक आंखों में धूल या मिलीभगत?

​सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह निर्माण कार्य नाका कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर हो रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस और एलडीए के अधिकारियों को दिन के उजाले में हो रहा यह निर्माण दिखाई नहीं दे रहा? या फिर रसूख के रंगे पर्दे के पीछे नियमों का गला घोंटा जा रहा है?

सुरक्षा मानकों का अभाव: जान जोखिम में

​तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं:

  • अस्थाई पर्दे: केवल पीले और हरे रंग के तिरपाल से बिल्डिंग को ढका गया है, जो किसी भी बड़े हादसे को रोकने में नाकाम हैं।
  • सड़क पर अतिक्रमण: भवन निर्माण सामग्री (बालू और ईंटें) मुख्य मार्ग पर बिखरी पड़ी हैं, जिससे राहगीरों और वाहनों को निकलने में भारी असुविधा हो रही है।
  • मजदूरों की सुरक्षा: बिना हेलमेट और सुरक्षा उपकरणों के मजदूर ऊंचाइयों पर काम कर रहे हैं, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

अटल सत्य टीवी न्यूज 24 के सवाल:

  1. ​क्या एलडीए के अधिकारियों ने सीज की गई बिल्डिंग की दोबारा जांच करने की जहमत उठाई?
  2. ​नाका कोतवाली पुलिस की नाक के नीचे अवैध निर्माण कैसे संचालित हो रहा है?
  3. ​यदि इस निर्माणाधीन इमारत में कोई हादसा होता है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?

निष्कर्ष:

राजधानी में इस तरह के अवैध निर्माण न केवल शहर के मास्टर प्लान को बिगाड़ रहे हैं, बल्कि सरकारी आदेशों की खुलेआम अवहेलना भी कर रहे हैं। अब देखना यह है कि खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागता है या 'अटल सत्य' की इस गूंज को अनसुना कर दिया जाता है।

ब्यूरो रिपोर्ट: अटल सत्य टीवी न्यूज 24, लखनऊ।

«
Next
नई पोस्ट
»
Previous
पुरानी पोस्ट

कोई टिप्पणी नहीं:

Leave a Reply