राजधानी लखनऊ के चारबाग स्थित रविन्द्रालय में आयोजित सुनार समाज महापंचायत समागम उस समय विवादों में घिर गया, जब कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं में कथित भेदभाव और अव्यवस्था के आरोप सामने आने लगे। हजारों की संख्या में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे सुनार समाज के लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया, लेकिन आयोजन की तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां करती नजर आईं।
सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक तरफ जहां चुनिंदा लोगों के लिए वीआईपी व्यवस्था की गई थी—आरामदायक बैठने की सुविधा, विशेष स्वागत और खानपान की अलग व्यवस्था—वहीं दूसरी ओर दूर-दराज से आए आम लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी जूझना पड़ा। कई लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें पीने तक का पानी समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे भारी नाराज़गी देखने को मिली।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह महापंचायत समाज को एकजुट करने के बजाय वर्गों में बांटती नजर आई। कुछ लोगों ने तो इसे “दोहरा चरित्र” तक करार दिया और आयोजकों की मंशा पर सवाल उठाए।
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने की जानकारी होने के बावजूद व्यवस्थाएं पूरी तरह नाकाफी साबित हुईं। इससे साफ झलकता है कि या तो तैयारी में कमी थी या फिर जानबूझकर भेदभाव किया गया।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस तरह के आयोजनों में समाज के सभी वर्गों को बराबरी का सम्मान मिलेगा, या फिर VIP संस्कृति ही हावी रहेगी?
अटल सत्य टीवी न्यूज 24 इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। अगर आपके पास भी इस कार्यक्रम से जुड़ी कोई जानकारी या वीडियो है, तो हमें जरूर भेजें—आपकी आवाज बनेगा अटल सत्य टीवी न्यूज 24।
सवाल उठता है—क्या यही है समाज को जोड़ने का तरीका, या फिर यह सिर्फ दिखावे की राजनीति है?
ब्यूरो रिपोर्ट अटल सत्य टी वी न्यूज 24 निष्पक्ष खबरों का संग्रह लखनऊ।



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