तौफीक अहमद, ब्यूरो चीफ लखनऊ
नव निर्माण के नौ वर्ष पूर्ण, मिशन शक्ति 5.0 के तहत महिला सशक्तिकरण पर जोर
लखनऊ, 23 मार्च 2026:
राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश सरकार के “नव निर्माण के नौ वर्ष” पूर्ण होने और मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) के शुभारंभ के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई।
कार्यक्रम में एडीएम सप्लाई श्रीमती ज्योति गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि मिशन शक्ति किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की महिलाओं के सशक्तिकरण का अभियान है। उन्होंने महिलाओं को जागरूक और आत्मनिर्भर बनने पर बल दिया।
इस अवसर पर एसीपी श्रीमती सौम्या पाण्डेय, जिला विकास अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, बाल विकास पुष्टाहार विभाग, दिव्यांगजन विभाग एवं नगर विकास विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान बाल विकास पुष्टाहार विभाग की श्रीमती तरूलता सिंह ने “सनी” की सफलता की कहानी साझा की, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकत्री श्रीमती विनीता श्रीवास्तव ने “रूद्र” की प्रेरणादायक कहानी प्रस्तुत की।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की श्रीमती अंकिता यादव एवं कोटेदार अर्पिता शुक्ला ने कहा कि नारी किसी भी रूप में कमजोर नहीं है।
महिला कल्याण विभाग की श्रीमती नम्रता तिवारी ने महिलाओं की भूमिका को समाज की आधारशिला बताते हुए देवी के नौ रूपों का उल्लेख किया। वहीं अधिवक्ता सुश्री अंचल गुप्ता ने कहा कि कानून सभी पीड़ितों के लिए है और महिलाओं का आर्थिक रूप से मजबूत होना बेहद आवश्यक है।
सब इंस्पेक्टर श्रीमती ज्योति ने मिशन शक्ति का उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरण
कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग द्वारा निराश्रित महिला पेंशन योजना के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। वहीं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा कंप्यूटर प्रशिक्षण (ओ-लेवल) के लाभार्थियों को भी प्रमाण-पत्र दिए गए।
डूडा के अंतर्गत भी कई लाभार्थियों को सम्मानित किया गया।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत पहल
इस संगोष्ठी के माध्यम से सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाने के संकल्प को दोहराया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता देखने को मिली, जो इस पहल की सफलता का प्रमाण है।



कोई टिप्पणी नहीं: