प्रदेश में अब 1,76,180 हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2016-17 की तुलना में उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही बरात का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹400 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में चार नई चीनी मिलों की स्थापना हुई है। एथेनॉल उत्पादन में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है—जो पहले 42 करोड़ लीटर थी, वह अब बढ़कर 180 करोड़ लीटर हो गई है।
उत्पाद में 32.28 प्रतिशत और तिलहन उत्पादन में 192.18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। महिला कल्याण के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से व्यापक कार्य किए जा रहे हैं।



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