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लखनऊ: डीसीपी पश्चिम का सख्त निर्देश, लंबित मामलों का हो जल्द निस्तारण

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महाकाल उत्सव मे इंदौर की अनाईशा शानदार प्रदर्शन कर जीत लिया सबका दिल

 महाकाल उत्सव में इंदौर की अनाईशा सिंह का शानदार प्रदर्शन, कथक में द्वितीय पुरस्कार इंदौर। उज्जैन स्थित कैलाश एकेडमी में भारतीय ...

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा प्रबुद्ध गोष्टी कानपुर देहात में की गई

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की प्रबुद्ध गोष्ठी कानपुर देहात में संपन्न, सत्ता परिवर्तन का किया गया आह्वान
​पुखरायां, कानपुर देहात
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के लिए — अटल बिहारी शर्मा की रिपोर्ट
​अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) के तत्वावधान में कानपुर देहात के बरौद, पुखरायां स्थित शुक्ला गेस्ट हाउस में एक भव्य प्रबुद्ध गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा भगवान परशुराम के पूजन के साथ किया गया। इसके पश्चात सभी उपस्थित अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया और उन्हें भगवान परशुराम का चित्र भेंट किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रदेश महामंत्री राघव अग्निहोत्री द्वारा किया गया।
​कार्यक्रम के मुख्य बिंदु और अतिथिगण
​मुख्य अतिथि: माननीय राजेंद्र नाथ त्रिपाठी (राष्ट्रीय अध्यक्ष)
​विशिष्ट अतिथि: विश्वंभर नारायण तिवारी (राष्ट्रीय सचिव, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता, नेशनल एंटी करप्शन)
​प्रदेश उपाध्यक्ष: माननीय अंजू शर्मा
​मंचस्थ विशिष्ट जन: राजू पाठक (जिला अध्यक्ष, जालौन), आशुतोष मिश्रा, हरिश्चंद्र बापू, और माननीय श्रीमती शैल कुमारी त्रिपाठी आदि।
​मुख्य वक्ताओं के संबोधन
​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने ब्राह्मण समाज को एकजुट होने का कड़ा संदेश दिया। उन्होंने समाज को आगाह करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि उत्पीड़न का कड़ा जवाब दिया जाए। देश भर में ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब हमें सत्ता परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाना होगा। उन्होंने हुंकार भरी कि "जो ब्राह्मण हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा और उसी का हमारा साथ रहेगा।"
​गोष्ठी को विशिष्ट अतिथि विश्वंभर नारायण तिवारी, जालौन जिला अध्यक्ष राजू पाठक, आशुतोष मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अंजू शर्मा और अन्य प्रमुख पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने समाज में आपसी एकता, शिक्षा और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।
​इस सफल आयोजन में प्रदेश महामंत्री राघव अग्निहोत्री का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में कानपुर देहात और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में प्रबुद्धजन और समाज के लोग उपस्थित रहे।

यदि योगी आदित्यनाथ छोड़ते हैं कुर्सी तो क्या होगा 2027 चुनाव का समीकरण

विशेष विश्लेषण: यदि योगी आदित्यनाथ छोड़ते हैं कुर्सी, तो क्या होगा 2027 का राजनीतिक समीकरण?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में 'योगी आदित्यनाथ' का नाम केवल एक मुख्यमंत्री का नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'हिंदुत्व' और 'कानून-व्यवस्था' के उस 'त्रिशूल मॉडल' का पर्याय बन चुका है, जिसने राज्य में सत्ता के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। हालाँकि, हालिया राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं और विपक्ष के दावों के बीच, यह सवाल अक्सर उठता है कि 'यदि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हैं, तो 2027 के चुनाव में भाजपा की क्या स्थिति होगी?'

​'अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24' की पड़ताल और राजनीतिक जानकारों की राय के आधार पर, इस काल्पनिक लेकिन महत्वपूर्ण परिस्थिति का विश्लेषण यहाँ प्रस्तुत है:

​1. भाजपा की 'फेस' वैल्यू का संकट

​भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि 2027 का विधानसभा चुनाव योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। यदि वे पद छोड़ते हैं, तो भाजपा के सामने सबसे बड़ा संकट एक ऐसा चेहरा ढूंढने का होगा, जो योगी जैसी 'हिन्दू हृदय सम्राट' की छवि और 'बुलडोजर' जैसी कठोर प्रशासनिक कार्यशैली को प्रतिस्थापित कर सके। योगी का व्यक्तित्व भाजपा के कैडर और आम जनता के बीच एक अटूट सेतु है; उनके बिना पार्टी को 'नेतृत्व का शून्य' भरने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ सकती है।

​2. '80 बनाम 20' के फॉर्मूले पर प्रभाव

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं 2027 की लड़ाई को '80 बनाम 20' का आधार दे चुके हैं। उनका स्पष्ट रुख है कि कानून-व्यवस्था और सनातन संस्कृति पर समझौता न करना ही उनका मूल मंत्र है। यदि चेहरा बदलता है, तो भाजपा का यह चुनावी नैरेटिव कमजोर पड़ सकता है। विपक्ष, जो पहले से ही जातीय जनगणना और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) जैसे मुद्दों के जरिए भाजपा को घेर रहा है, उसे अपनी रणनीति को और अधिक आक्रामक बनाने का मौका मिल जाएगा।

​3. संगठनात्मक असंतोष और आंतरिक कलह

​योगी आदित्यनाथ के पद छोड़ने की स्थिति में भाजपा के भीतर पावर सेंटर को लेकर खींचतान बढ़ सकती है। पार्टी के पुराने निष्ठावान और नए चेहरों के बीच सत्ता संघर्ष का सीधा असर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं पर पड़ेगा। इससे बूथ मैनेजमेंट में ढिलाई आ सकती है, जिसका सीधा फायदा विपक्षी दलों—खासकर समाजवादी पार्टी—को मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

​4. प्रशासनिक प्रभाव: 'लॉ एंड ऑर्डर' पर सवाल

​यूपी में योगी सरकार की सबसे बड़ी यूएसपी 'लॉ एंड ऑर्डर' है। उत्तर प्रदेश की जनता ने अपराध मुक्त शासन का जो अनुभव किया है, उसे योगी के व्यक्तित्व से जोड़कर देखा जाता है। किसी अन्य नेतृत्व के आने पर यदि अपराध नियंत्रण में जरा सी भी ढील आई, तो यह भाजपा के लिए चुनावी हार का बड़ा कारण बन सकता है।

​5. विपक्ष को मिलेगी 'संजीवनी'

​योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा विपक्ष के लिए एक 'संजीवनी' के समान होगा। अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी दल इसे 'भाजपा की अंदरूनी विफलता' और 'नेतृत्व का पतन' करार देकर जनता के बीच एक बड़ा प्रोपेगेंडा खड़ा कर सकते हैं। यह स्थिति उन मतदाताओं को भाजपा से दूर कर सकती है जो केवल 'मोदी-योगी' की जोड़ी के भरोसे भाजपा को वोट देते आए हैं।

निष्कर्ष

​अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान परिदृश्य में योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा भाजपा के लिए आत्मघाती कदम साबित हो सकता है। पार्टी का पूरा चुनावी ताना-बाना फिलहाल योगी के इर्द-गिर्द बुना गया है। यदि यह धुरी हटती है, तो 2027 की लड़ाई भाजपा के लिए 'वॉल्कओवर' के बजाय एक कठिन चुनौती बन जाएगी।

​फिलहाल, भाजपा नेतृत्व का स्पष्ट संदेश है कि योगी आदित्यनाथ ही 2027 का चेहरा हैं और पार्टी उन्हीं की अगुवाई में अपनी जीत की हैट्रिक लगाने के लिए तैयार है।

संवाददाता: अटल सत्य टीम

स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश

क्या आपको लगता है कि योगी आदित्यनाथ के बिना भाजपा 2027 में अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रख पाएगी? अपनी राय हमें नीचे कमेंट में जरूर बताएं।

प्रयागराज में गरजे अखिलेश यादव पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर

​प्रयागराज में गरजे अखिलेश यादव: पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा, कहा- 'बड़ी मछलियाँ अभी भी बाहर'
​प्रयागराज: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज प्रयागराज में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने राज्य में लगातार हो रहे पेपर लीक, लचर शिक्षा व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए।
​'युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़'
​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की मेहनत का मजाक उड़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक विफलता के कारण बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं और सरकार इसके लिए जिम्मेदार लोगों तक पहुँचने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
​'छोटी मछलियों पर कार्रवाई, बड़ी मछलियों को संरक्षण'
​सरकार की जाँच प्रक्रिया पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा:
​"सरकार केवल खानापूर्ति कर रही है। इस पूरे तंत्र में केवल छोटी मछलियों को पकड़ा जा रहा है, जबकि असली गुनहगार यानी 'बड़ी मछलियाँ' अभी भी कानून की पकड़ से दूर हैं और आजाद घूम रही हैं।"
​जवाबदेही तय करने की मांग
​अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि प्रदेश को अब शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल सुधार और युवाओं के लिए ठोस रोजगार की जरूरत है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह इन मुद्दों पर अपनी जवाबदेही तय करे। उन्होंने अंत में चेतावनी के लहजे में कहा कि जनता अब खोखले वादों से थक चुकी है और आने वाले समय में इन मुद्दों पर सरकार को अपना कड़ा निर्णय देगी।
​रिपोर्ट: मोहम्मद शाकिर, प्रयागराज।
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

अयोध्या राम मंदिर चंदा घोटाले में बड़ा बयान करणी सेना सनातन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विपक्ष को बताया कालनेमि

​अयोध्या: राम मंदिर चंदा घोटाले पर करणी सेना सनातन का बड़ा बयान, 'कालनेमी' बताकर विपक्ष पर साधा निशाना
​अयोध्या: करणी सेना सनातन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह राजा ने आज अयोध्या प्रेस क्लब में आयोजित एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर चंदा घोटाला प्रकरण, अयोध्या गोलीकांड और राजनीतिक बयानबाजी पर तीखे तेवर अपनाते हुए कई अहम माँगें रखीं।
​चंदा घोटाले में SIT की जाँच पर जताया भरोसा
​चंदा घोटाला प्रकरण पर बोलते हुए आशीष सिंह राजा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित एसआईटी (SIT) की जाँच से वे पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने मांग की कि इस मामले में जो भी आरोपी पकड़े गए हैं, उन्हें कठोरतम दंड मिलना चाहिए। साथ ही, उन्होंने आरोपियों द्वारा अर्जित की गई अवैध संपत्तियों की गहन जाँच की पुरजोर वकालत की।
​अयोध्या बार एसोसिएशन के फैसले का स्वागत
​राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अयोध्या बार एसोसिएशन द्वारा आरोपियों का मुकदमा न लड़ने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे एक सराहनीय कदम बताया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अयोध्या गोलीकांड की अविलंब न्यायिक जाँच कराने की माँग दोहराई।
​स्वामी प्रसाद मौर्य पर बरसे, विपक्ष को बताया 'कालनेमी'
​स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए अनर्गल बयानों पर नाराजगी जताते हुए आशीष सिंह राजा ने उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा:
​"जो लोग कभी प्रभु राम के अस्तित्व को नकारते थे और उच्चतम न्यायालय में वकीलों की फौज खड़ी कर राम मंदिर निर्माण रोकने की कोशिश करते थे, वे आज रामभक्त होने का ढोंग कर रहे हैं। ये लोग 'कालनेमी' हैं, जो समय देखकर अपना रूप बदल लेते हैं।"
​उन्होंने आगे कहा कि जो नेता पहले मौलवियों और मुल्लाओं के आगे झुककर हिंदू हितों की अनदेखी करते थे, आज वे ही प्रभु राम के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।
​पत्रकार वार्ता में इनकी रही उपस्थिति
​इस पत्रकार वार्ता में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
​राहुल सिंह केशरी (मया बाजार): अवध क्षेत्र अध्यक्ष
​अशोक ओझा (प्रयागराज): पूर्वांचल क्षेत्र अध्यक्ष
​जय बहादुर सिंह: पूर्वांचल क्षेत्र संगठन मंत्री
​दुर्गेश पांडेय: राष्ट्रीय अध्यक्ष, युवा मोर्चा
​बालमुकुंद तिवारी: राष्ट्रीय प्रवक्ता
​इनके साथ अभिषेक सिंह, दिनेश यादव, सुमित ओझा, सत्येंद्र द्विवेदी और राजीव रंजन मिश्र समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
​साभार: बालमुकुंद तिवारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता, करणी सेना

यूपी विधानसभा 2027 चुनाव को लेकर राष्ट्रीय लोक मोर्चा का बड़ा ऐलान एनडीए के साथ मिलकर लड़ेंगी चुनाव

यूपी विधानसभा चुनाव 2027: राष्ट्रीय लोक मोर्चा का बड़ा ऐलान, NDA के साथ मिलकर लड़ेगी चुनाव; संगठन का किया विस्तार
​लखनऊ | उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में आज लखनऊ स्थित 'उत्तर प्रदेश मीडिया क्लब' में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर रामकुमार राणा के नेतृत्व में आयोजित इस वार्ता में संगठन की भविष्य की रणनीतियों और आगामी चुनावों में पार्टी की भूमिका को लेकर स्पष्ट संदेश दिया गया।
​NDA की मजबूती के लिए पूरी तरह तैयार: ए.के. वाजपेयी
​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ए.के. वाजपेयी ने स्पष्ट किया कि पार्टी आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा, "हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा जी उत्तर प्रदेश का सघन दौरा करेंगे और एनडीए गठबंधन को जमीनी स्तर पर अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेंगे।"
​वाजपेयी ने आगे कहा कि पार्टी 20 सूत्रीय कार्यक्रम के माध्यम से 'अंत्योदय' का संकल्प लेकर अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य करेगी।
​संगठन विस्तार: नई जिम्मेदारियों के साथ सक्रिय हुई टीम
​प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर रामकुमार राणा ने संगठन को नया आयाम देते हुए नई नियुक्तियों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि ये पद केवल राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक 'पवित्र संकल्प' हैं। नियुक्तियों का विवरण इस प्रकार है:
​अरुण चौधरी: प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश
​अंकित यादव: प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश
​हरेन्द्र सिंह: प्रदेश सचिव, उत्तर प्रदेश
​अजय कुमार सिंह: प्रदेश अध्यक्ष, पश्चिम उत्तर प्रदेश
​गठबंधन धर्म का निर्वहन और सामाजिक न्याय का संकल्प
​पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पृथ्वीराज यादव ने कहा कि हमारा संगठन चुनावी समर के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। हम गठबंधन के सिद्धांतों के प्रति पूर्णतः समर्पित हैं और शीर्ष नेतृत्व द्वारा जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उसका अक्षरशः पालन करेंगे।
​प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार राणा ने जोर देकर कहा कि पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड समेत पूरे प्रदेश में संगठन को मजबूत किया जा रहा है। पार्टी का मुख्य लक्ष्य सामाजिक संतुलन स्थापित करना, वंचित तबकों का उत्थान करना और 'सबकी भागीदारी, सबके विकास' के संकल्प को धरातल पर उतारना है।
​इस प्रेस वार्ता में बड़ी संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने आगामी चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत का संकल्प लिया।
दिनकर मिश्रा मिडिया प्रभारी 
राष्ट्रीय लोक मोर्चा उत्तर प्रदेश
​ब्यूरो रिपोर्ट अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24
ब्यूरो रिपोर्ट, लखनऊ

बहुजन समाज को मिली नई राजनीतिक ताकत: अमर चौधरी ने फूँका 'बहुजन आवाज पार्टी' का बिगुल

राजनीति में 'अम्बेडकर वाहिनी' का बड़ा कदम: अमर चौधरी ने किया 'बहुजन आवाज पार्टी' के गठन का एलान 
​लखनऊ: दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और बहुजन मूलनिवासियों के हक की आवाज बुलंद करने वाला प्रमुख सामाजिक संगठन 'बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर वाहिनी' अब सक्रिय राजनीति के मैदान में उतर गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर चौधरी ने एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद नई राजनीतिक पार्टी 'बहुजन आवाज पार्टी' के गठन की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
​सामाजिक संघर्ष से सत्ता के गलियारे तक का सफर
​अमर चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि अम्बेडकर वाहिनी लंबे समय से एक सामाजिक मंच के रूप में शोषित वर्गों के लिए संघर्ष कर रही है। देश भर में इस संगठन से 28 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह महसूस किया गया कि शोषितों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए अब एक मजबूत राजनीतिक मंच का होना अनिवार्य है। पार्टी का गठन पिछले महीने ही कर लिया गया था, जिसे रविवार को सार्वजनिक रूप से घोषित किया गया।
​अमर चौधरी ने विश्वास जताया कि 'बहुजन आवाज पार्टी' देश के बहुजन समाज, अल्पसंख्यकों और मूलनिवासियों की सबसे सशक्त राजनीतिक आवाज बनेगी और उनके संवैधानिक अधिकारों के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
​पार्टी की नई केंद्रीय टीम का ऐलान
​'बहुजन आवाज पार्टी' के विस्तार और प्रभावी संचालन के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर चौधरी ने केंद्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। नई टीम में निम्नलिखित पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है:
​राष्ट्रीय उपाध्यक्ष: नकी जैदी
​प्रमुख महासचिव: आरती गुप्ता
​राष्ट्रीय महासचिव: फ़ैज़ अहमद एवं दिलीप कुमार मिश्रा
​राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष: संगीता चौधरी
​राष्ट्रीय सचिव: शादाब आलम
​देशव्यापी सदस्यता अभियान की तैयारी
​पार्टी की आधिकारिक घोषणा के साथ ही पदाधिकारियों ने कमर कस ली है। संगठन के विस्तार के लिए जल्द ही एक राष्ट्रव्यापी सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा, ताकि देश के हर कोने तक पार्टी की विचारधारा को पहुँचाया जा सके और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
​रिपोर्ट: अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

यू पी के कर्मचारी आक्रमक आठवे वेतन आयोग का खुला विरोध

यूपी में कर्मचारी संगठनों का बड़ा ऐलान: सरकार की 'संवेदनहीनता' के खिलाफ बिगुल, आठवें वेतन आयोग के विरोध में एकजुट हुए परिसंघ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्य कर्मचारियों की उपेक्षा और संवादहीनता के खिलाफ प्रदेश के सभी प्रमुख कर्मचारी परिसंघों ने मोर्चा खोल दिया है। राजधानी लखनऊ के प्रेस क्लब में आज विभिन्न मान्यता प्राप्त कर्मचारी परिसंघों के अध्यक्षों और महामंत्रियों की एक अहम संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें सरकार के कर्मचारी-विरोधी रवैये पर गहरा आक्रोश जताया गया।

आठवें वेतन आयोग पर जताई आपत्ति

बैठक में मुख्य रूप से आठवें वेतन आयोग को लेकर प्रदेश के कर्मचारी नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया। नेताओं ने आरोप लगाया कि आठवां वेतन आयोग देश भर में जाकर विभिन्न संगठनों और संस्थाओं से सुझाव ले रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश में अधिकारियों ने जानबूझकर प्रदेश स्तरीय कर्मचारी संगठनों को आयोग के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया है। इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय बताते हुए सभी परिसंघों ने निर्णय लिया है कि वे आठवें वेतन आयोग के अध्यक्ष, सदस्य सचिव और प्रदेश के मुख्य सचिव को संयुक्त रूप से अपना कड़ा विरोध पत्र भेजेंगे।

प्रमुख मांगें, जिन पर सरकार खामोश:

संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान पदाधिकारियों ने सरकार पर ब्यूरोक्रेसी के हावी होने का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने अपनी जिन मुख्य मांगों को जोर-शोर से उठाया, उनमें शामिल हैं:

  • ​पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली।
  • ​रिक्त पदों पर अविलंब भर्ती।
  • ​कर्मचारियों की लंबित पदोन्नतियां।
  • ​चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक हटाना।
  • ​2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की नियमावली जारी करना।
  • ​आउटसोर्स कर्मियों के लिए गठित निगम का क्रियान्वयन।

अब होगा 'निर्णायक संघर्ष'

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने जानकारी दी कि सरकार का रवैया पूरी तरह से संवेदनहीन बना हुआ है। प्रेस वार्ता का संचालन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने किया। बैठक में रामराज दुबे, शैलेंद्र दुबे, कृतार्थ सिंह, राजेश कुमार सिंह, राजकुमार और अरुणा शुक्ला समेत अनेक शीर्ष कर्मचारी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि अब समय आ गया है कि कॉमन मुद्दों को लेकर एक निर्णायक रणनीति बनाई जाए।

​जल्द ही सभी मान्यता प्राप्त परिसंघों के पदाधिकारी फिर से बैठक करेंगे, जिसमें भविष्य के बड़े आंदोलनात्मक कार्यक्रम और संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी।

ब्यूरो रिपोर्ट: अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

आगरा मालवा माहेश्वरी हितकारी मंडल ट्रस्ट का चुनाव हुआ संपन्न।

आगर मालवा: माहेश्वरी हितकारी मंडल ट्रस्ट के चुनाव संपन्न, कैलाश माहेश्वरी निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित
आगर मालवा/इंदौर: स्थानीय माहेश्वरी भवन में बुधवार को माहेश्वरी हितकारी मंडल ट्रस्ट, आगर के चुनाव अत्यंत सौहार्दपूर्ण और उत्साहजनक वातावरण में संपन्न हुए। समाज की एकता की मिसाल पेश करते हुए पूरी कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया।
निर्वाचन प्रक्रिया और नई टीम
चुनाव प्रक्रिया वरिष्ठ समाजसेवी रामप्रसाद अटल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। चुनाव अधिकारी की देखरेख में समाजजनों ने विचार-विमर्श के बाद नई टीम की घोषणा की, जो इस प्रकार है:
अध्यक्ष: कैलाश माहेश्वरी
सचिव: डॉ. विवेक मालानी
कोषाध्यक्ष: हरिबल्लभ मुंदड़ा
सह सचिव: रघुनंदन पालोड़ा
उपाध्यक्ष: विपिन मूंदड़ा, गिरीश मालानी एवं गोविंद जाजू
संगठन मंत्री: रमेश अटल
मीडिया प्रभारी: श्रीकांत गिलड़ा
नोट: शेष कार्यकारिणी के सदस्यों की घोषणा नवनिर्वाचित अध्यक्ष द्वारा शीघ्र ही की जाएगी।
जिला प्रतिनिधियों का चयन
संगठन को जिला स्तर पर मजबूती प्रदान करने के लिए 15 जिला प्रतिनिधियों का भी चयन किया गया। इस सूची में डॉ. पंकज अटल, विनय मालानी, ब्रजेश मुंदड़ा (पदेन), महेश माहेश्वरी, महेंद्र माहेश्वरी, शरद मालानी, पीयूष अटल, सचिन सोडाणी, नटवर सुरजन, महेंद्र जाजू, जयप्रकाश माहेश्वरी, श्रीकांत माहेश्वरी, शैलो सुरजन, पंकज अटल (सरयू), प्रवीण मुंदड़ा एवं विकास शारदा को शामिल किया गया है।
सम्मान और अभिनंदन
चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का पुष्पमाला पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर समाजजनों ने पूर्व अध्यक्ष रामप्रसाद अटल के कुशल नेतृत्व और उनके कार्यकाल के दौरान किए गए सेवा कार्यों की जमकर सराहना की और उनका विशेष अभिनंदन किया।
समाज हित में कार्य करने का संकल्प
समाज के वरिष्ठजनों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि नई टीम माहेश्वरी समाज के उत्थान, ट्रस्ट की संपत्तियों के संरक्षण और सामाजिक एकजुटता के लिए नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगी।
रिपोर्ट: अजय बियानी
अटल सत्य टीवी न्यूज 24, इंदौर