बेहोश मिले फार्मासिस्ट की जान बचाने वाली पुलिस: चारबाग बस स्टैंड पर बरती गई त्वरित संवेदनशीलता, बलरामपुर अस्पताल में हुआ सफल उपचार
राजधानी के चारबाग बस स्टैंड के पास उस समय एक बड़ा हादसा टल गया, जब गंभीर रूप से बीमार एक फार्मासिस्ट अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद पुलिस की सूझबूझ और तत्परता के चलते उनकी जान बच गई। पीड़ित फार्मासिस्ट ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की है।
शुगर लेवल कम होने से बिगड़ी थी तबीयत
मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 20 जुलाई 2026 को शाम करीब 04 बजे सूचना प्राप्त हुई कि हनुमान मंदिर के निकट, चारबाग बस स्टैंड के पास एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है और उनके मुंह से झाग निकल रहा है।
सूचना मिलते ही पान दरीबा चौकी (थाना नाका हिंडोला) से उप निरीक्षक रवि पाल सिंह तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच करने पर पता चला कि अचेत अवस्था में पड़े व्यक्ति की पहचान श्री राजकिशोर (निवासी- एच.एन. 268/191 क, मास्टर कन्हैया लाल रोड, ऐशबाग, लखनऊ) के रूप में हुई।
श्री राजकिशोर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) निगोहा, लखनऊ में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हैं और पिछले कई वर्षों से शुगर (मधुमेह) के मरीज हैं। वह आज किसी आवश्यक कार्य से चारबाग आए थे, इसी दौरान अचानक शुगर का स्तर बहुत कम (Hypoglycemia) हो जाने के कारण वह बेहोश होकर नीचे गिर पड़े थे।
पुलिस ने दिखाई मानवता, बिना देर किए भेजा अस्पताल
उप निरीक्षक रवि पाल सिंह ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना एक पल गंवाए त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने तुरंत एक ऑटो का प्रबंध किया और अचेत फार्मासिस्ट को बिना किसी विलंब के उपचार के लिए बलरामपुर अस्पताल भिजवाया।
अस्पताल में समय पर डॉक्टरी सहायता मिलने से श्री राजकिशोर की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। उपचार के बाद वह पूरी तरह सकुशल और स्वस्थ हो गए।
स्वस्थ होने के बाद श्री राजकिशोर ने चौकी पान दरीबा पहुंचकर नाका थाना पुलिस और विशेष रूप से उप निरीक्षक रवि पाल सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुलिस कर्मियों द्वारा दिखाई गई मानवता, तत्परता और कर्तव्यपरायणता की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। पुलिस की इस मानवीय पहल से एक बार फिर खाकी का संवेदनशील चेहरा देखने को मिला है।
अटल बिहारी शर्मा की रिपोर्ट
अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24 वेब पोर्टल



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