अतरौली: 100 बेड के राजकीय अस्पताल में 'भगवान भरोसे' मरीज, फायर सेफ्टी उपकरण बने शोपीस
अलीगढ़/अतरौली: अतरौली स्थित 100 शैय्या (बेड) वाले राजकीय अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मंगलवार को फायर सर्विस की टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण ने अस्पताल प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से लगाए गए अग्नि सुरक्षा उपकरण पूरी तरह से निष्प्रभावी और 'शोपीस' साबित हुए हैं।
जांच में खुली लापरवाही की पोल
फायर ब्रिगेड की टीम ने जब अस्पताल का निरीक्षण किया, तो वहां सुरक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई। जांच में जो मुख्य कमियां पाई गईं, वे इस प्रकार हैं:
सायरन व्यवस्था ठप: आपात स्थिति में चेतावनी देने के लिए लगाए गए सायरन वर्षों से बंद पड़े हैं।
पानी का कोई इंतजाम नहीं: आग बुझाने के लिए जरूरी पानी की आपूर्ति और उससे जुड़ी प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त मिली।
उपकरणों की अनदेखी: लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण सुरक्षा उपकरण कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन खामियों के कारण अस्पताल परिसर में कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है, जिससे मरीजों और कर्मचारियों की जान खतरे में है।
अधीक्षक को जारी हुआ नोटिस, कार्रवाई की चेतावनी
फायर सर्विस की टीम ने इस गंभीर लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) को मौके पर ही नोटिस थमाया है। टीम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एक निश्चित समय सीमा के भीतर सभी सुरक्षा उपकरणों को दुरुस्त कराया जाए।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर व्यवस्थाएं ठीक नहीं की जाती हैं और कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी और उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रिपोर्ट: दीपक भारद्वाज, अलीगढ़
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24



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