हेडलाइन (धांसू):
कैसरबाग बस अड्डा बना बीमारी का अड्डा! जाम, गंदगी और लापरवाही ने बढ़ाया खतरा
प्रशासन बेखबर, जनता बेबस—यात्रियों की जान से खिलवाड़ कब तक?
लखनऊ:
राजधानी के कैसरबाग बस अड्डा की तस्वीरें सिस्टम की बड़ी नाकामी को उजागर कर रही हैं। बस अड्डे के आसपास कूड़े के पहाड़ और सड़कों पर रेंगता ट्रैफिक जाम अब आम बात बन चुकी है। हालात इतने खराब हैं कि यहां से गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं है।
कूड़े के ढेर से उठती बदबू, चारों तरफ फैली गंदगी और मच्छरों का बढ़ता प्रकोप सीधे तौर पर डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रमण को न्योता दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ।
दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। बस पकड़ने के लिए उन्हें कूड़े के ढेर और जाम के बीच से गुजरना पड़ता है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक बन गई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब जागेगा प्रशासन? क्या किसी बड़ी घटना या बीमारी फैलने के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी?
अगर समय रहते सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो कैसरबाग बस अड्डा एक बड़े स्वास्थ्य संकट का केंद्र बन सकता है।
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