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​न्यूज हेडलाइन: समय रुका, पर सुध लेने वाला कोई नहीं! लखनऊ नगर निगम मुख्यालय की घड़ी हुई 'खामोश'
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राजधानी लखनऊ के नगर निगम मुख्यालय से एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जो सिस्टम की सुस्ती और 'बेफिक्री' का जीता-जागता सबूत है। शहर को दुरुस्त रखने और वक्त पर काम करने की जिम्मेदारी उठाने वाले नगर निगम मुख्यालय की खुद की घड़ी ही थम गई है। लेकिन अफसोस! इस 'रुके हुए समय' पर अधिकारियों की नजर तो पड़ती है, पर जिम्मेदारी का कांटा हिलने को तैयार नहीं।
​(मुख्य खबर):
लालबाग स्थित नगर निगम मुख्यालय, जहाँ से पूरे शहर की व्यवस्था की कमान संभाली जाती है, वहाँ की मुख्य दीवार पर लगी घड़ी पिछले कई दिनों से बंद पड़ी है। यह घड़ी महज समय नहीं बताती, बल्कि प्रशासन की सक्रियता का प्रतीक मानी जाती है। लेकिन आज यह बंद घड़ी नगर निगम के ढुलमुल रवैये पर तंज कसती नजर आ रही है।
​हैरानी की बात यह है कि इसी मुख्यालय में आला अधिकारियों से लेकर महापौर तक का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन बंद पड़ी सुइयां किसी की आंखों में नहीं चुभ रहीं। जनता का कहना है कि जब विभाग अपने परिसर की घड़ी ठीक नहीं करवा पा रहा, तो वह शहर की समस्याओं का समाधान समय पर कैसे करेगा?
​(अटल सत्य का तीखा सवाल):
सवाल यह उठता है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इतने 'बेफिक्र' हो चुके हैं कि उन्हें मुख्यालय की गरिमा और वहां आने वाली जनता की असुविधा से कोई सरोकार नहीं रहा? क्या बजट का अभाव है या फिर इच्छाशक्ति की कमी?
​अटल सत्य टीवी न्यूज 24 प्रशासन से यह पूछता है कि आखिर यह 'रुका हुआ वक्त' कब रफ्तार पकड़ेगा? क्या किसी बड़े आदेश का इंतजार है या फिर यह लापरवाही 
ब्यूरो रिपोर्ट अटल सत्य टी वी न्यूज 24 निष्पक्ष खबरों का संग्रह 

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