गोंडा। जनपद में पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सूरज गुप्ता उर्फ देवी प्रसाद, शुभम गुप्ता और रामतीरथ वर्नवाल के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह फर्जी बिल और इनवॉइस तैयार कर स्क्रैप (कबाड़) का अवैध परिवहन करता था। अब तक यह लोग लगभग 4 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी कर चुके हैं।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब राज्य कर विभाग की सचल दल इकाई ने जांच के दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोका। वाहन के दस्तावेजों में माल को छत्तीसगढ़ से हिमाचल प्रदेश ले जाने का उल्लेख था, लेकिन जांच में पाया गया कि स्क्रैप वास्तव में गोंडा के नवाबगंज से लोड होकर पंजाब भेजा जा रहा था।
जांच में ई-वे बिल पूरी तरह फर्जी पाए गए, वहीं संबंधित फर्म का पंजीकरण भी निलंबित मिला। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने संगठित गिरोह बनाकर 100 से अधिक वाहनों को इसी तरह फर्जी दस्तावेजों के जरिए संचालित किया।
पुलिस ने अभियुक्तों के पास से मोबाइल फोन और पहचान पत्र भी बरामद किए हैं। इनके खिलाफ उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, आजमगढ़, बरेली और वाराणसी सहित कई जिलों में धोखाधड़ी के मामले पहले से दर्ज हैं।
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
— गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट: शिव शरण
अटल सत्य टीवी न्यूज 24



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