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लखनऊ: डीसीपी पश्चिम का सख्त निर्देश, लंबित मामलों का हो जल्द निस्तारण

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अटल सत्य टी वी न्यूज आनलाइन . kelvinjay के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.

महाकाल उत्सव मे इंदौर की अनाईशा शानदार प्रदर्शन कर जीत लिया सबका दिल

 महाकाल उत्सव में इंदौर की अनाईशा सिंह का शानदार प्रदर्शन, कथक में द्वितीय पुरस्कार इंदौर। उज्जैन स्थित कैलाश एकेडमी में भारतीय ...

लखनऊ अग्नि कांड में फंसे लोगों को निकालने के लिए तोड़ी जा रही दीवार

लखनऊ का अलीगंज कोचिंग अग्निकांड: 15 परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए कोचिंग अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में कई छात्र-छात्राओं की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कुछ अधिकारियों को निलंबित किया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या केवल कार्रवाई से उन परिवारों को न्याय मिल पाएगा, जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया?
मौत के बाद उठे सवाल: सुरक्षा मानकों की जांच जरूरी
अटल सत्य टीवी की इस विशेष रिपोर्ट में हम सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बनाए गए नियमों का पालन क्यों नहीं हो पाया।
जिस भवन में कोचिंग संचालित हो रही थी, उसकी अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन मानकों की जांच अब जांच एजेंसियों के सामने बड़ा विषय है।
सवाल यह है कि:
क्या भवन में फायर सेफ्टी के सभी इंतजाम मौजूद थे?
क्या समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट किया गया था?
क्या जिम्मेदार विभागों द्वारा निरीक्षण प्रक्रिया सही तरीके से हुई?
राजधानी में अवैध संचालन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
लखनऊ जैसे बड़े शहर में कई जगहों पर आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
ऐसे में यह जरूरी है कि:
कोचिंग संस्थानों,
अस्पतालों,
स्कूलों,
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों
में सुरक्षा मानकों की व्यापक जांच हो।
अटल सत्य टीवी के सवाल: जवाबदेही तय कब होगी?
लखनऊ की इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जवाबदेही किसकी?
क्या केवल निलंबन से समस्या का समाधान हो जाएगा या हादसे की पूरी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी?
सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं हुआ?
क्या राजधानी में चल रहे संस्थानों की नियमित जांच हो रही है?
नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई कब होगी?
अगर कहीं भी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
फायर ऑडिट केवल कागजों तक सीमित तो नहीं?
क्या सभी संवेदनशील भवनों में सुरक्षा व्यवस्था वास्तव में लागू है?
चेतावनी: एक हादसा पूरे सिस्टम को जगाने के लिए काफी है
आज अलीगंज की घटना ने पूरे शहर को चिंता में डाल दिया है। जरूरत है कि प्रशासन सभी कोचिंग संस्थानों और भीड़भाड़ वाले भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करे, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटना दोबारा न हो।
अटल सत्य टीवी मांग करता है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों की जिम्मेदारी तय हो और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि किसी भी परिवार को ऐसा दुख न झेलना पड़े।
अटल सत्य टीवी की विशेष रिपोर्ट — प्रशासन से जवाब मांगती है।
इस रूप में खबर की धार भी बनी रहेगी और चैनल के लिए कानूनी जोखिम भी काफी कम होगा।

कथित प्यार का एक और खौफनाक मामला पति को उत्तरी मौत के घाट पत्नी

सच्चाई आई सामने: पत्नी ने सरकारी टीचर पति को रास्ते से हटाकर प्रेमी के साथ रचाई थी साजिश, 3 साल बाद खुला खौफनाक राज
​अलीगढ़/बांदा: अतरौली तहसील के ग्राम चंडोला सुजानपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पत्नी ने अपने पति की हत्या की पटकथा लिखी और उसे 'सड़क दुर्घटना' का नाम देकर दबा दिया। 3 साल बाद जब पत्नी के अपने ही प्रेमी से संबंध बिगड़े, तो उसने खुद ही इस पूरे कांड का खुलासा कर दिया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
​क्या है पूरा मामला?
​मृतक रॉबिन भान सिंह, जो कि एक सरकारी शिक्षक थे, की मां नीरज देवी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे की खुशी के लिए उसकी मर्जी से अंजलि नाम की लड़की से शादी कराई थी। शादी के बाद बेटे ने अपनी पत्नी को न केवल पढ़ाया-लिखाया, बल्कि उसे भी सरकारी नौकरी दिलवाई। लेकिन, पत्नी अंजलि के संबंध अपने पुराने प्रेमी अभिषेक से लगातार जारी थे।
​पीड़ित मां के अनुसार, अंजलि उनके बेटे की सरकारी नौकरी और पैसे का इस्तेमाल अपने प्रेमी अभिषेक के लिए कर रही थी। जब उनका रिश्ता और गहरा हुआ, तो अंजलि ने अपने पति को ही रास्ते से हटाने का मन बना लिया।
​मौत की रात और रची गई साजिश
​4 मार्च 2023 की रात लगभग 2:00 बजे अंजलि ने रॉबिन को वीसलपुर (पीलीभीत) बुलाया। बहाना यह बनाया गया कि उसे छुट्टी नहीं मिल रही है और अधिकारी उस पर दबाव डाल रहे हैं। रॉबिन अपनी पत्नी की बात मानकर आधी रात को मोटरसाइकिल से वहां पहुंच गए। नीरज देवी ने बताया कि जब उन्होंने फोन किया, तो अंजलि के पिता ने फोन उठाकर उन्हें धमकाया और कहा कि "वे सो गए हैं, उन्हें डिस्टर्ब मत करो।"
​अगली सुबह सूचना मिली कि रॉबिन की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। परिवार जब बदायूं पहुंचा, तो पुलिस ने दबाव में इसे एक सामान्य हादसा बताकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की।
​3 साल बाद प्रेमी ने ही खोला राज
​घटना के बाद अंजलि अपनी बेटी को लेकर अपने प्रेमी अभिषेक के साथ आगरा में रहने लगी। लेकिन हाल ही में अंजलि का अभिषेक से भी झगड़ा हो गया और उसने किसी तीसरे युवक को अपना नया प्रेमी बना लिया। इस बात से नाराज अभिषेक ने बदला लेने के लिए 3 साल बाद रॉबिन की हत्या का पूरा सच उगल दिया। अभिषेक ने स्वीकार किया कि रॉबिन की मौत कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी।
​पुलिस जांच पर उठे सवाल
​बांदा के थाना बिसंडा क्षेत्र से जुड़े इस मामले में अब परिजनों ने फिर से आवाज उठाई है। मां नीरज देवी का आरोप है कि शव पर चोटों के निशान थे, जो दुर्घटना की कहानी को झुठला रहे थे। पुलिस ने शुरू में पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कई महत्वपूर्ण तथ्यों को अनदेखा किया।
​अब पीड़ित मां नीरज देवी ने उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है कि मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच हो और उनके बेटे के हत्यारे (पत्नी और उसके प्रेमी) को कठोर सजा मिले।
​पीड़ित का संपर्क: नीरज देवी (मां) - 9627214183
​अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24 इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से न्याय की मांग करता है। क्या वाकई एक पत्नी ने अपनी हवस और लालच के लिए पति की बलि दे दी? इस खुलासे के बाद अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
​रिपोर्ट: अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24 टीम दीपक भारतद्वाज

भरत तिवारी एनकाउंटर सच या साजिश

विशेष रिपोर्ट: क्या व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना ही अपराध है? भरत तिवारी प्रकरण पर उठते तीखे सवाल
​लखनऊ: अक्सर कहा जाता है कि कलम की ताकत तलवार से बड़ी होती है, लेकिन जब वही कलम या आवाज व्यवस्था की कमियों को उजागर करने लगती है, तो सिस्टम उसे 'अपराधी' का चोला पहनाने में देर नहीं करता। कुछ ऐसा ही मामला अब चर्चा का केंद्र बना है, जहाँ भरत तिवारी नामक व्यक्ति के निधन के बाद स्थानीय लोगों का उमड़ा जनसैलाब कई गंभीर प्रश्न खड़े कर रहा है।
​जन-भावनाओं का ज्वार: अपराधी या जननायक?
​अगर भरत तिवारी एक 'खूंखार अपराधी' थे, तो उनके जाने पर स्थानीय लोगों का हुजूम क्यों उमड़ पड़ा? लोगों को रोते हुए देखना और उन्हें 'देवता' या 'भगवान' का दर्जा देना किसी आम अपराधी के साथ नहीं होता। यह दृश्य यह सोचने पर मजबूर करता है कि जो व्यक्ति पुलिस की फाइलों में 'बदमाश' था, वह जनता की नजरों में मसीहा कैसे बन गया?
​क्या माफिया के पास बंगला और गाड़ियां नहीं होतीं?
​आरोप है कि भरत तिवारी माफिया थे। लेकिन क्या एक माफिया की परिभाषा केवल 'अपराध' तक सीमित है? अगर वे माफिया थे, तो करोड़ों की संपत्ति, लग्जरी कारें और आलीशान बंगले कहाँ हैं? साधारण जीवन-शैली और माफिया होने के दावों के बीच का यह विरोधाभास सीधे तौर पर सिस्टम की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।
​फाइलों में दर्ज 'इतिहास' पर संदेह
​कहा जाता है कि उन पर हिस्ट्रीशीटर होने और सैकड़ों मुकदमे होने का तमगा लगा था। लेकिन हकीकत के धरातल पर उन मुकदमों की वास्तविकता क्या है? यदि पुलिस पर गोलियां बरसाने जैसे संगीन आरोप थे, तो फिर कोई पुलिसकर्मी घायल क्यों नहीं हुआ? क्या ये मुकदमे केवल एक व्यक्ति की आवाज को दबाने का जरिया मात्र थे?
​अंतिम इच्छा: देश प्रेम या दिखावा?
​भरत तिवारी का वह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने शरीर को सेना के लिए दान करने की बात कह रहे हैं। एक कथित 'देशद्रोही' अपनी आखिरी सांसों में देश की सेवा के बारे में क्यों सोचेगा? यह सवाल सिस्टम के उन दावों की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है, जो उन्हें किसी बड़े खतरे के रूप में पेश करते रहे।
​निष्कर्ष: भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की कीमत
​अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 यह सवाल पूछता है कि क्या आज के दौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना इतना महंगा पड़ गया है कि उसकी कीमत व्यक्ति को अपनी छवि और अंततः अपने जीवन से चुकानी पड़ती है? भरत तिवारी का मामला केवल एक व्यक्ति का अंत नहीं, बल्कि उस कड़वी सच्चाई का आईना है जहाँ 'सिस्टम' अपनी नाकामी छुपाने के लिए किसी को भी अपराधी घोषित कर सकता है।
​क्या यह समाज की विडंबना नहीं कि जिसे लोग 'देवता' मान रहे हैं, उसे कानून 'अपराधी' मानता रहा? इस अंतर के पीछे छिपी सच्चाई की जांच कौन करेगा?
​अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 के लिए विशेष टीम की रिपोर्ट।
​नोट: यह खबर आपके द्वारा दिए गए बिंदुओं के आधार पर तैयार की गई है। पत्रकारिता के मापदंडों के अनुसार, किसी भी मामले में सत्यता की पुष्टि के लिए संबंधित साक्ष्यों और निष्पक्ष जांच का होना अत्यंत आवश्यक है।
​क्या आपको लगता है कि इस मामले में किसी स्वतंत्र न्यायिक आयोग से जांच की जानी चाहिए ताकि जनता के सामने पूरी सच्चाई आ सके?

नकली नोटों के बदले लेते थे असली नोट लखनऊ पुलिस ने किया पर्दाफाश

लखनऊ में नकली नोटों का बड़ा भंडाफोड़: 14 लाख की जाली करेंसी के साथ 3 गिरफ्तार, अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश 
​लखनऊ: राजधानी में नकली नोटों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मड़ियांव थाना पुलिस ने एक अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से लगभग 14 लाख रुपये की नकली भारतीय मुद्रा बरामद की है।
​घैला पुल के पास हुई गिरफ्तारी
​पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के उत्तरी जोन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मड़ियांव पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घैला पुल के निकट एक टीन शेड के पास दबिश दी और तीन संदिग्धों को धर दबोचा।
​पकड़े गए आरोपियों की पहचान आलोक सिंह, सोनू गौंड उर्फ गोलू और बृजेश विश्वकर्मा के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी मूल रूप से आजमगढ़ जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।
​बरामदगी और कार्यप्रणाली
​तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नकली नोट बरामद हुए:
​500 रुपये के नकली नोट: 1402 (कीमत 7,01,000 रुपये)
​100 रुपये के नकली नोट: 6946 (कीमत 6,94,600 रुपये)
​कुल बरामदगी: 13 लाख 95 हजार 600 रुपये।
​पूछताछ में पता चला है कि आरोपी नकली नोटों को असली नोटों के बदले बाजार में खपाने का काम करते थे। इसके बदले वे मोटा कमीशन वसूलते थे और अवैध कमाई से अपने शौक पूरे करते थे। पुलिस ने इनके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
​मामला दर्ज और जांच जारी
​मड़ियांव पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा संख्या 273/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 179 और 180 में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि नकली नोटों की सप्लाई कहाँ से हो रही थी और इस गिरोह के तार कहाँ-कहाँ जुड़े हैं। साथ ही, तीनों आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास का भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
​पुलिस टीम को मिला इनाम
​इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) ने गिरफ्तारी करने वाली मड़ियांव पुलिस टीम की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें 10 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।
​पुलिस की इस कार्रवाई को नकली नोटों के नेटवर्क पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस गिरोह के मुख्य सरगना तक पुलिस कब तक पहुँचती है।
​रिपोर्ट: तौफीक, ब्यूरो चीफ, लखनऊ
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24

लखनऊ में ऑटो चालक का दरिंदगी खेल खत्म पुलिस एनकाउंटर में पैर में लगी गोली बाबा का लंगड़ा ऑपरेशन सक्सेसफुल

लखनऊ दहला: ऑटो चालक की दरिंदगी, पुलिस मुठभेड़ में अपराधी ढेर!
​अटल सत्य टी वी न्यूज 24 | लखनऊ
​लखनऊ: राजधानी लखनऊ में ऑटो चालकों द्वारा लगातार दी जा रही आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के सिलसिले के बीच, पारा पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। परीक्षा देने जा रही युवतियों को अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश करने वाले एक शातिर ऑटो चालक को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान धर दबोचा। जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी है।
​क्या है पूरा मामला?
​मिली जानकारी के अनुसार, आज दिनांक 08 जून 2026 की सुबह, दो छात्राएं परीक्षा देने के लिए चारबाग बस अड्डे से आलमबाग जाने के लिए एक ऑटो में सवार हुई थीं। ऑटो चालक, जिसकी पहचान हसीब (पुत्र स्व. सत्तार, निवासी: ग्राम मिर्जानपुर, थाना कछौना, हरदोई) के रूप में हुई है, युवतियों को सही गंतव्य पर ले जाने के बजाय पारा थाना क्षेत्र के रामलीला ग्राउंड के पास सुनसान इलाके में ले गया।
​वहाँ उसने छात्राओं के साथ जबरदस्ती करने का कुत्सित प्रयास किया। जब छात्राओं ने विरोध किया, तो दरिंदे ने उनके साथ मारपीट की, अभद्रता की और उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया।
​पुलिस की त्वरित कार्रवाई
​मामले की गंभीरता को देखते हुए पारा पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं (मु0अ0सं0-403/2026, धारा- 75/76/352/115(2)/118(1) बी0एन0एस0) में अभियोग पंजीकृत किया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की, तो आरोपी हसीब ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस की आत्मरक्षात्मक जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उपचार हेतु रानी लक्ष्मीबाई चिकित्सालय भेज दिया है।
​पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ऑटो (UP32 PN 8865), एक तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं।
​आदतन अपराधी है हसीब
​जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी हसीब एक शातिर और आदतन अपराधी है। इससे पहले वर्ष 2024 में भी वह जनपद हरदोई के थाना सण्डीला क्षेत्र में इसी प्रकार की जघन्य वारदात को अंजाम दे चुका है। उस मामले में भी वह महिला के साथ दुष्कर्म का आरोपी रहा है और जेल की हवा खा चुका है।
​पुलिस की चेतावनी: राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। ऑटो चालकों की आड़ में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
​अटल सत्य टी वी न्यूज 24 के लिए विशेष रिपोर्ट।

लखनऊ: भू-माफिया और पुलिस की मिलीभगत से आहत 75 वर्षीय बुजुर्ग ने दी आत्मदाह की चेतावनी​न्याय न मिलने से हताश वरिष्ठ नागरिक का बड़ा कदम: 5 अगस्त को करेंगे आत्मदाह

लखनऊ: भू-माफियाओं के आतंक और पुलिस की कथित मिलीभगत से परेशान वरिष्ठ नागरिक ने दी आत्मदाह की चेतावनी

​लखनऊ। राजधानी लखनऊ में भू-माफियाओं का दुस्साहस किस कदर बढ़ गया है, इसका एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 'ई 1/8 मोतीझील कॉलोनी' के निवासी 75 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक सरदार सतनाम सिंह ने लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित एक ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाते हुए 05 अगस्त 2026 को आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
​क्या है पूरा मामला?
सरदार सतनाम सिंह का आरोप है कि 'खसरा संख्या-149' (जमुना झील) पर भू-माफियाओं का अवैध कब्जा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि थाना बाजार खाला के प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह की कथित मिलीभगत से भू-माफियाओं ने बिना किसी विभागीय अनुमति के झील वाली भूमि पर हजारों ट्रक मिट्टी, बालू और गिट्टी डलवा दी है और अवैध निर्माण किया है।
​पुलिस पर गंभीर आरोप
पीड़ित वरिष्ठ नागरिक का आरोप है कि थाना बाजार खाला पुलिस भू-माफियाओं (मुबारक, सौरभ पाण्डेय, अभिमन्यु सिंह व अन्य) को संरक्षण दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की साठ-गांठ के चलते ही भू-माफियाओं द्वारा उन्हें जान से मारने और जहर देने की कोशिश की गई है। शिकायत में कहा गया है कि मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश शासन, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग और नगर निगम से करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे वे बेहद अपमानित और हताश महसूस कर रहे हैं।
​प्रशासनिक स्तर पर भी शिकायत
सरदार सतनाम सिंह ने 'जनसुनवाई पोर्टल' (संदर्भ संख्या: 40015726069262) पर भी अपनी व्यथा दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी इस मामले में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग (LDA) द्वारा नोटिस जारी किए गए और वाद भी दायर किया गया, लेकिन माफियाओं का अवैध अतिक्रमण जारी है।
​आत्मदाह की चेतावनी से मचा हड़कंप
पीड़ित ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से लिखा है कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है या कोई फर्जी मुकदमा दर्ज किया जाता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित पुलिस अधिकारी और भू-माफिया जिम्मेदार होंगे। उन्होंने मांग की है कि उत्तर प्रदेश सरकार अविलंब भ्रष्ट अधिकारियों और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और लखनऊ जिले के संबंधित पुलिसकर्मियों की आय-व्यय और संपत्ति की जांच कराए।
​वरिष्ठ नागरिक द्वारा आत्मदाह की इस चेतावनी ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
​अटल सत्य टी वी न्यूज़ 24

लखनऊ क्राइम डायरी मे इस सप्ताह क्या

लखनऊ क्राइम डायरी (साप्ताहिक)
अपराध पर कार्रवाई जारी, कई थानों के मामले चर्चा में
अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 | विशेष रिपोर्ट
राजधानी लखनऊ में बीते सप्ताह अपराध और पुलिस कार्रवाई दोनों चर्चा के केंद्र में रहे। विभिन्न थाना क्षेत्रों में हत्या, मानव तस्करी, साइबर धोखाधड़ी, दहेज उत्पीड़न तथा अन्य संगीन मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की है। हालांकि कई घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं।
सआदतगंज थाना क्षेत्र में संदिग्ध मौत
सआदतगंज थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया। मृतका के परिजनों ने दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने पति एवं ससुराल पक्ष के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। 

मानव तस्करी गिरोह का खुलासा
लखनऊ पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार नाबालिग लड़कियों को शादी का झांसा देकर दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा था। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। 

साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर एसटीएफ की कार्रवाई
राजधानी में सक्रिय कथित आयुष्मान कार्ड फर्जीवाड़ा नेटवर्क के खिलाफ एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी फर्जी लाभार्थी कार्ड तैयार करने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाल रही है। �

महिला सुरक्षा से जुड़ी घटना ने बढ़ाई चिंता
लखनऊ के एक थाना क्षेत्र में युवती से अभद्रता और हमले के आरोप में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है और पीड़िता को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। 
प्रेम संबंध से जुड़े हत्या के मामले की जांच
लखनऊ के बाहरी क्षेत्र में एक युवती की हत्या का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में प्रेम संबंध और गर्भावस्था को लेकर विवाद की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष विवेचना के बाद ही निकाला जाएगा
ऑपरेशन कन्विक्शन में बड़ी सफलता
लखनऊ पुलिस जोन ने "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत विभिन्न मामलों में 328 आरोपियों को सजा दिलाने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इससे अपराधियों में कानून का भय बढ़ेगा और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिले
निष्कर्ष
लखनऊ में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है, लेकिन चोरी, साइबर अपराध, महिलाओं के विरुद्ध अपराध और संगठित अपराध जैसी चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं। यह रिपोर्ट उपलब्ध पुलिस कार्रवाई, दर्ज मुकदमों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। किसी भी आरोपी को न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध किए जाने तक कानून की नजर में निर्दोष माना जाता है।

ब्रेकिंग लखनऊ नाबालिग 14 वर्ष बच्ची के साथ दरिंदगी हाथ पैर बांधकर बंधक बनाकर दिया गया घटना का अंजाम!

​लखनऊ: रूह कंपा देने वाली वारदात, मानसिक रूप से कमजोर किशोरी से गैंगरेप; एक आरोपी गिरफ्तार
​लखनऊ | उत्तर प्रदेश की राजधानी के जानकीपुरम थाना क्षेत्र से एक मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के मिर्जापुर गाँव में एक मानसिक रूप से कमजोर 15 वर्षीय किशोरी के साथ दो दरिंदों ने रातभर सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फिलहाल फरार है।
​बंधक बनाकर रातभर ढाया सितम
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मिर्जापुर गाँव के रहने वाले दिनेश और उसके एक साथी ने मासूम किशोरी को बहला-फुलाकर एक खाली मकान में बंधक बना लिया। आरोपियों ने रातभर पीड़िता को अपनी हवस का शिकार बनाया। सुबह जब बच्ची बदहवास हालत में मिली, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
​पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और पीड़िता को उपचार व मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी दिनेश को गिरफ्तार कर लिया है।
​"मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एक आरोपी गिरफ्त में है, दूसरे की तलाश के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।" — पुलिस प्रशासन
​इलाके में भारी आक्रोश
​इस जघन्य अपराध के बाद से इलाके के ग्रामीणों में भारी रोष है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी जल्द से जल्द की जाए और मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।
​ब्यूरो रिपोर्ट: अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24